US Presidential Race: जिद पर अड़े बाइडेन के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी में दो फाड़, कमला हैरिस की लगेगी लॉटरी?
US presidential election 2024: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 लड़ने की जिद पर अड़े 82 साल के जो बाइडेन को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी में दो फाड़ हो गया है और कई ऐसे नेता हैं, जिन्होंने खुलकर बाइडेन की दावेदारी का विरोध करना शुरू कर दिया है।
27 जून को अटलांटा में आयोजित CNN की बहस में डोनाल्ड ट्रंप से चारों खाने चित होने वाले जो बाइडेन के खिलाफ डेमोक्रेटिक सांसदों के भीतर से विरोध की आवाजें बुलंद हो चुकी हैं। डेमोक्रेटिक सांसदों का कहना है, कि 5 नवंबर को होने वाले चुनाव के रास्ते से बाइडेन को खुद हट जाना चाहिए।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी के कम से कम पांच सांसदों, जेरी नैडलर, मार्क टाकानो, जो मोरेल, टेड लियू और एडम स्मिथ ने ट्रंप से मुकाबले हारने को लेकर बाइडेन की आलोचना की और उनसे चुनाव से हटने का आह्वान किया है।
राष्ट्रपति चुनाव से बाइडेन को हटाने की मांग
27 जून को डोनाल्ड ट्रंप से पहले बहस में बुरी तरह हारने के बाद बाइडेन ने भी माना है, कि 'वो रात काफी बुरी रात थी', लेकिन उन्होंने कहा, कि वह केवल तभी पद छोड़ेंगे "जब सर्वशक्तिमान भगवान नीचे आएंगे" और उन्हें ऐसा करने के लिए कहेंगे।
यानि, जो बाइडेन जिद पर अड़े हुए हैं, जबकि दूसरी तरफ उनकी अप्रूवल रेटिंग लगातार गिरती जा रही है, जिससे उनके अपने पार्टी के सहयोगियों ने उनके स्वास्थ्य और अगले चार वर्षों तक देश पर शासन करने की उनकी क्षमता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
वहीं, अमेरिका की राजनीति में चर्चा इस बात को लेकर भी हो रही है, कि अगर बाइडेन राष्ट्रपति चुनाव की रेस से हटते हैं, तो उनकी जगह पर डेमोक्रेटिक पार्टी से कौन उम्मीदवार हो सकता है और इस चर्चा में जो पहला नाम सबके सामने आता है, वो नाम है कमला हैरिस का। डेमोक्रेटिक पार्टी में यह भावना बढ़ रही है, कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को ट्रंप के खिलाफ रेस में जो बाइडेन की जगह लेनी चाहिए।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिसमें शीर्ष डेमोक्रेट्स का हवाला दिया गया है, उसमें कहा गया है, कि कमला हैरिस, राष्ट्रपति जो बाइडेन की स्वाभाविक उत्तराधिकारी होंगी, अगर बाइडेन, बढ़ते दबाव के आगे झुक जाते हैं और 2024 के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में अपना पद छोड़ देते हैं।
लेकिन, जो बाइडेन ने ना सिर्फ रेस में बने रहने की कसम खाई है, बल्कि ये भी दावा किया है, कि वो डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जीत हासिल करेंगे।

डेमोक्रेटिक पार्टी में बैठक
अमेरिकी संसद के अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफ्रीज ने 27 जून की बहस के बाद उभरती राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा करने के लिए प्रतिनिधि सभा में अपने पार्टी नेताओं की एक वर्चुअल बैठक बुलाई थी।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, वर्चुअल मीटिंग को बाइडेन की उम्मीदवारी की व्यवहार्यता के बारे में सहकर्मियों के इनपुट लेने के लिए एक "सुनने का सत्र" के रूप में बिल किया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि वर्चुअल कॉल से पहले यह स्पष्ट था, कि कई डेमोक्रेट्स मजबूती से मान रहे थे, कि बाइडेन को रेस से हट जाना चाहिए।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, कि सशस्त्र सेवा समिति के रैंकिंग सदस्य कांग्रेसी स्मिथ ने कहा, कि बाइडेन के जाने का समय आ गया है। इस कॉल से परिचित दो लोगों के मुताबिक, चार अन्य कांग्रेसियों ने भी यही बातें दोहराई हैं और उनका मानना था, कि बाइडेन के लिए रेस से पीछे हट जाने का समय आ गया है।
वाशिंगटन पोस्ट ने बताया है, कि "लीउ, हाउस डेमोक्रेटिक नेतृत्व में सबसे सीनियर नेता था, जिन्होंने बाइडेन को फिर से चुनाव न लड़ने के लिए दबाव बनाने का समर्थन किया।"
पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, "इस घटनाक्रम ने बाइडेन के समर्थन की दीवार में एक बड़ी दरार पैदा कर दी है, जिससे हाउस डेमोक्रेट्स की संख्या सार्वजनिक रूप से या निजी तौर पर यह कहने लगी है, कि उन्हें पद छोड़ देना चाहिए और करीब ऐसे 10 नेता हैं, जिन्होंने मजबूती से बाइडेन के खिलाफ आवाज उठाया है और इन नेताओं में न्यायपालिका, सशस्त्र सेवा और खुफिया समितियों के शीर्ष डेमोक्रेट शामिल थे।
वहीं, दलबदल ने बाइडेन के आगे के रास्ते को और मुश्किल बना दिया है। लेकिन, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है, कि अपने खिलाफ उठती आवाजों को लेकर बाइडेन प्रशासन अब विद्रोही रवैया अपना रहा है और उन्होंने जोर देकर कहा है, कि बाइडेन ही इस रेस में हैं। बाइडेन, रविवार को पेंसिल्वेनिया में थे और रैलियों को संबोधित कर रहे थे और अलग अलग राज्यों के डेमोक्रेटिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपने लिए समर्थन जुटा रहे थे।












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