अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया पुतिन को व्हाइट हाउस में मीटिंग का प्रपोजल, विशेषज्ञ हुए हैरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ मार्च में हुई फोन कॉल में मीटिंग का प्रस्ताव दिया था। क्रेमलिन की ओर से सोमवार को इस बात की जानकारी दी गई और ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मिलने की इच्छा जताई थी।
मॉस्को। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ मार्च में हुई फोन कॉल में मीटिंग का प्रस्ताव दिया था। क्रेमलिन की ओर से सोमवार को इस बात की जानकारी दी गई और ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मिलने की इच्छा जताई थी। पश्चिमी देशों के साथ रूस के बढ़ते तनाव के बीच ही यह चौंकाने वाली खबर रूस से आई है। ट्रंप और पुतिन के बीच 20 मार्च को फोन पर बात हुई थी। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के हवाले से यह खबर दी गई है। आपको बता दें कि ब्रिटेन में रूस के एजेंट को नर्व एजेंट देकर जान से मारन की कोशिश हुई थी और इसके बाद से ही रूस के संबंध अमेरिका और ब्रिटेन समेत पश्चिम के तमाम देशों से बिगड़ गए हैं। इस घटना के बाद अमेरिका ने रूस के 60 राजनयिकों को बाहर कर दिया है। अमेरिकी की ओर से कोल्ड वॉर के अब रूस के खिलाफ हुई अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।

20 मार्च को फोन पर हुई थी बात
20 मार्च की फोन कॉल में ट्रंप ने पुतिन को चुनावों में फिर से रूस का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई थी। ट्रंप ने बताया था कि उन्होंने इस फोन कॉल में सीरिया, यूक्रेन, नॉर्थ कोरिया और हथियारों की होड़ के बारे में बात करने के लिए एक संभावित मुलाकात के बारे में बात की थी। हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया था कि दोनों नेता कहां पर मुलाकात करने वाले हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी सारा सैंडर्स ने सोमवार को बताया है कि इस दौरान व्हाइट हाउस समेत कई और जगहों के बारे में चर्चा हुई थी। व्हाइट हाउस की ओर से सोमवार को रूस के जर्नलिस्ट्स को भी आमंत्रित किया गया था। क्रेमलिन की तरफ से यूरी उषाकोव यहां पर मौजूद थे और उन्होंने ही इस बात का खुलासा किया था।

2005 से पुतिन नहीं गए हैं अमेरिका
यूरी रूस की न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के साथ जुड़े हैं। उन्होंने यहां पर बताया कि अगर सब-कुछ ठीक रहा तो उन्हें उम्मीर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति, पुतिन के साथ अपनी मुलाकात वाले प्रस्ताव पर चर्चा करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जब दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने फोन पर बात की तो ट्रंप की तरफ से व्हाइट हाउस में पुतिन से मुलाकात का प्रस्ताव दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की किसी मुलाकात के लिए कोई भी तैयारी फिलहाल नहीं हुई है। अगर पुतिन, व्हाइट हाउस जाते तो साल 2005 के बाद यह पुतिन की पहली अमेरिकी यात्रा होती। पुतिन की वजह अमेरिकी यात्रा ऐसे समय में हुई थी तब रूस और पश्चिम देशों के रिश्ते बेहतर थे।

मना करने के बाद भी ट्रंप ने दी बधाई
रूस के एजेंट को मारने की कोशिश वाली घटना के बाद अमेरिका समेत करीब 26 देशों ने अब तक करीब 100 रूसी राजनयिकों को बाहर कर दिया है। रूस की ओर से बार-बार कहा गया है कि उसका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। 20 मार्च को ट्रंप ने पुतिन को दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी थी। इस फोन कॉल पर दोनों के बीच नर्व एजेंट घटना के बारे में कोई भी बात नहीं हुई थी। ट्रंप के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (एनएसए) की ओर से पुतिन को बधाई न देने की सलाह दी गई थी। लेकिन ट्रंप ने सलाह न मानते हुए पुतिन को बधाई दी थी। कई अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने पुतिन के चौथी बार राष्ट्रपति चुने जाने को शर्मनाक करार दिया था। उनका कहना था कि ट्रंप की पुतिन को दी गई बधाई हर उस रूसी नागरिक का अपमान है जिन्होंने निष्पक्ष चुनाव के लिए वोट देने से इनकार कर दिया था।

दिमाग खराब करने वाला प्रपेाजल
कई विशेषज्ञ ट्रंप की इस प्रस्तावित मीटिंग पर भी हैरानी जता रहे हैं। लियॉन एरॉन जो अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट में रशियन स्टडीज के डायरेक्टर हैं कहते हैं कि इस तरह की खबरों से वह काफी हैरान हैं। उनका कहना है कि यह जरूर मजाक है और वाकई दिमाग खराब करने वाला है। उनका कहना है कि इस तरह की समिट रूस के राष्ट्रपतियों के लिए काफी अहम और मूल्यवान रहे हैं और इससे घर में उनकी लोकप्रियता में इजाफ होता है। ऐसे में इस तरह की मुलाकात या समिट एक पुरस्कार की तरह होना चाहिए । उन्होंने कहा कि रूसी एजेंट को मारने की कोशिशों के अलावा पुतिन ने पिछले माह उनके देश के पास मौजूद परमाणु हथियारों की ताकत के बारे में एक भाषण में दुनिया को बताया था।












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