कौन हैं भारतीय मूल के दो अमेरिकी CEO, जिन्हें राष्ट्रपति बाइडेन ने सलाहकार समिति में शामिल किया?
बाइडेन टीम में भारतीय मूल के कई अधिकारी और नेता शामिल हैं और अमेरिका की राजनीति और व्यापार सेक्टर में भारतीय मूल के लोग काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

US News: अमेरिका में भारतीय मूल के लोग लगातार अपनी पहचान कायम कर रहे हैं और राजनीति से लेकर टेक्नोलॉजी और व्यापार की दुनिया में अपना लोहा मनवा रहे हैं। खासकर बाइडेन प्रशासन में भारतीय मूल के लोगों का जलवा कायम है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को भारतीय मूल के दो अमेरिकियों, रेवती अद्वैती, जो फ्लेक्स की सीईओ हैं और मनीष बापना, जो नेचुरल डिफेंस काउंसिल के सीईओ हैं, उन्हें अपनी सलाहकार समिति में शामिल किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों सीईओ को व्यापार नीति और वार्ता के लिए सलाहकार समिति में नामित किया गया है।
बाइडेन टीम में दो और भारतवंशी
शुक्रवार को, बाइडेन ने सलाहकार समिति में 14 लोगों को नियुक्त करने की घोषणा की है, जो अमेरिकी व्यापार नीति के विकास, कार्यान्वयन और प्रशासन के मामलों पर संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि को नीतिगत सलाह प्रदान करती है। ये लोग किसी भी व्यापार समझौते पर प्रवेश करने से पहले की बातचीत और व्यापारिक उद्येश्यों और सौदेबाजी की स्थिति, ट्रेड एग्रीमेंट्स के समझौते और उनका कार्यान्वयन, एक बार किए गए किसी भी व्यापार समझौते के ऑपरेशन से संबंधित मामले, व्यापारिक विकास, व्यापारिक कार्यान्वयन और प्रशासन के संबंध में उत्पन्न होने वाले अन्य मामलों को लेकर बाइडेन प्रशासन को सलाह देंगे। व्हाइट हाउस ने कहा है, कि ये लोग संयुक्त राज्य अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर बाइडेन प्रशासन को उचित सलाह देंगे।
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कौन हैं रेवती अद्वैती?
बाइडेन की सलाहकार समिति में दो भारतवंशी सीईओ भी हैं। जिनमें रेवती अद्वैती फ्लेक्स की सीईओ हैं। व्हाइट हाउस ने कहा, कि रेवती अद्वैती 2019 में पदभार ग्रहण करने के बाद से, कंपनी की रणनीतिक दिशा तैयार करने और फ्लेक्स का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उठाई है, जो मैन्यूफैक्टरिंग के नये युग में प्रवेश कर रहा है। फ्लेक्स से पहले, रेवती अद्वैती 20 अरब डॉलर से ज्यादा की बिक्री वाली और 102,000 कर्मचारियों वाली कंपनी ईटन में काम कर चुकी हैं, जहां वो चीफ ऑपरेटिंग अधिकारी थीं। उन्होंने ईटन के इलेक्ट्रिकल सेक्टर, अमेरिका और हनीवेल में भी काम किया है और Uber और Catalyst.org के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी रह चुकी हैं। इसके साथ ही अद्वैती वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के एडवांस्ड मैन्यूफैक्चरिंग सीईओ कम्युनिटी की को-चेयरमैन रह चुकी हैं। इसके साथ ही अद्वैती को लगातार चार सालों तक फॉर्च्यून की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल रही और भारत में बिजनेस टुडे ने भी सबसे शक्तिशाली महिलाओं में उन्हें शामिल किया। उनके पास बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री है और थंडरबर्ड स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट से उन्होंने एमबीए की है।
मनीष बापना को जानिए
वहीं, मनीष बापना नेचुरल रिसोर्सेस डिफेंस काउंसिल (एनआरडीसी) के अध्यक्ष और सीईओ हैं, जो पिछले कई दशकों से पर्यावरण सेक्टर के लिए काफी काम कर चुके हैं। व्हाइट हाउस ने कहा, कि पर्यावरण कानूनों को लेकर उनके पास ऐतिहासिक जानकारियां हैं और उनके पास लंबा रिसर्च अनुभव है। अपने 25 साल के करियर के दौरान, बापना की नेतृत्व भूमिकाओं ने गरीबी और जलवायु परिवर्तन के मूल कारणों से निपटने पर ध्यान केंद्रित किया है। हाल ही में, उन्होंने विश्व संसाधन संस्थान के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया, जो 14 सालों से अधिक समय तक पर्यावरण और मानव विकास पर केंद्रित एक रिसर्च संगठन है। व्हाइट हाउस ने कहा, कि उनके पास हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस एंड पॉलिटिकल एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट में मास्टर डिग्री और एमआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री है।












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