हिन्दूफोबिया की शिकार अमेरिकी मुस्लिम सांसद.. जानें कौन कौन कर रहे मोदी के संसद संबोधन का बहिष्कार
PM Modi US Visit: एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वागत में बाइडेन प्रशासन ने रेड कार्पेट बिछा रखा है और मोदी के सम्मान में कई बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका के दो मुस्लिम सांसद और एक अन्य सांसद ने हिन्दूफोबिया से ग्रसित होकर, प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिकी संसद में होने वाले संबोधन का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के तीन सांसदों ने कहा है, कि वे भारत में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन का विरोध करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त कांग्रेस के संबोधन में शामिल नहीं होंगे।

दो मुस्लिम कांग्रेसी, इल्हान उमर और रशीदा तलीब और जेमी रस्किन इस कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।
मुस्लिम सांसदों का भारत विरोधी एजेंडा
इल्हान उमर अमेरिका की वो सांसद हैं, जो हिन्दू घृणा के लिए जानी जाती हैं और ये हमेशा से भारत के खिलाफ जहर उगलती रही हैं।
इल्हान उमर ने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों का दमन किया है, हिंसक हिंदू राष्ट्रवादी समूहों को बढ़ावा दिया है, और पत्रकारों/मानवाधिकार अधिवक्ताओं को बेधड़क निशाना बनाया है।
संबोधन के बहिष्कार की घोषणा करते हुए, इल्हान उमर ने कहा, कि वह मोदी के दमन और हिंसा के रिकॉर्ड पर चर्चा करने के लिए मानवाधिकार समूहों के साथ एक ब्रीफिंग करेंगी।
इस बीच, अमेरिकी सीनेट और प्रतिनिधि सभा के 70 सदस्यों ने राष्ट्रपति बाइडेन को एक पत्र लिखा है, जिसमें पीएम मोदी के साथ बातचीत में बाइडेन प्रशासन से मानवाधिकारों की चिंताओं को दूर करने का आह्वान किया गया है।
भारत घृणा से लबालब भरे हैं ये सांसद
पिछले साल अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट में बताया गया था, कि कैसे मोदी की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में अधिकारियों द्वारा नफरत फैलाने वाले भाषण ने मुस्लिम-विरोधी और ईसाई-विरोधी हिंसा में योगदान दिया है।
आपको बता दें, कि इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले अधिकारी रशद हुसैन थे, जो भारतीय मूल के ही मुसलमान हैं। भारतीय-अमेरिकी राजनयिक रशद हुसैन ने कहा था कि, 'भारत में अब एक नागरिकता कानून है जो बन चुका है। हमारे पास रिपोर्ट है, कि भारत में नरसंहार के लिए आह्वान किया गया। चर्चों पर हमले किए गये हैं। हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया है। घरों को तोड़ा गया है'। रशद हुसैन ने स्पष्ट रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि, 'हमने देखा है, कि बयानबाजी की गई है, जिसका खुले तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है जो लोगों के प्रति अमानवीय है, इस हद तक कि एक मंत्री ने मुसलमानों को दीमक के रूप में संदर्भित किया है।"
रशीदा तलीब भी करेंगी बहिष्कार
वहीं, रशीदा तलीब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त कांग्रेस के संबोधन का बहिष्कार करने का फैसला किया। उन्होंने अपने फैसले के पीछे भारत में कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन का कारण बताया।
एक ट्वीट में तलीब ने लिखा, कि 'यह शर्मनाक है कि मोदी को हमारे देश की राजधानी में एक मंच दिया गया है, उनके मानवाधिकारों के हनन, लोकतंत्र विरोधी कार्यों, मुस्लिमों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को लक्षित करने और पत्रकारों को सेंसर करने का उनका लंबा इतिहास अस्वीकार्य है।
आपको बता दें, कि भारत ने हमेशा से इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है, कि भारत विरोधियों ने राजनीतिक और भारत विरोधी एजेंडे के साथ ये रिपोर्ट तैयार किया है, जिसे भारत सिरे से खारिज करता है।












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