US Iran War Talks: आगबबूला हुआ ईरान, बोला- 'अमेरिका धोखेबाज, देशहित के लिए हम हर साधन का करेंगे इस्तेमाल'
US Iran War Talks Failure: इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल हो गई है। वार्ता के फेल होने के बाद ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका असल में सुलह नहीं चाहता था, बल्कि बातचीत से पीछे हटने के लिए सिर्फ एक बहाना ढूंढ रहा था। वहीं ईरान ने अब स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के साथ अगले दौर की किसी बातचीत करने का उसका फिलहाल कोई इरादा नहीं है।
ईरान ने अमेरिका के साथ जारी कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर अपना सख्त रुख दोहराया है। ईरान के सार्वजनिक कूटनीति केंद्र के प्रमुख इस्माईल बाकायेई ने साफ कहा है कि बातचीत की सफलता केवल तभी संभव है जब ईरान के वैध अधिकारों और हितों को स्वीकार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के संघर्षों से हुए नुकसान ने देश के संकल्प को और मजबूत किया है।

राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं
बाकायेई ने दोहराया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कूटनीति सहित सभी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी दबाव या बाधा ईरान को अपने "ऐतिहासिक मिशन" से नहीं रोक सकती।
अमेरिका के वादाखिलाफी और दुर्भावनापूर्ण रवैये को ईरान नहीं भूलेगा
स्माईल बाकायेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि "हमारे लिए कूटनीति ईरानी भूमि के रक्षकों के पवित्र जिहाद की निरंतरता है।" उन्होंने अमेरिका पर वादाखिलाफी और दुर्भावनापूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान इन अनुभवों को कभी नहीं भूलेगा। साथ ही, दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों के दौरान उन्होंने और ज़ायोनी शासन ने जो जघन्य अपराध किए, उन्हें भी हम कभी माफ नहीं करेंगे।"
इस्लामाबाद में जारी है गहन वार्ता
इस्माईल बाकायेई ने कहा, "इस्लामाबाद में इस्लामी गणतंत्र ईरान के प्रतिनिधिमंडल के लिए आज का दिन व्यस्त और लंबा रहा। शनिवार सुबह पाकिस्तान के सद्भावपूर्ण प्रयासों और मध्यस्थता से शुरू हुई गहन वार्ता अब तक बिना किसी रुकावट के जारी है। दोनों पक्षों के बीच कई संदेशों और मसौदों का आदान-प्रदान हुआ है। ईरानी वार्ताकार ईरान के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अपनी पूरी क्षमता, अनुभव और ज्ञान का उपयोग कर रहे हैं।
बाकायेई ने कहा, "हमारे महान बुजुर्गों, प्रियजनों और देशवासियों की भारी क्षति ने ईरानी राष्ट्र के हितों और अधिकारों को आगे बढ़ाने के हमारे संकल्प को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना दिया है।" बाकायेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेगा।
इन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई तेज
पिछले 24 घंटों में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, परमाणु कार्यक्रम, युद्ध क्षतिपूर्ति, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र में स्थायी शांति शामिल हैं। ईरान ने इन सभी विषयों पर अपने अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
वार्ता फेल होने के बाद क्या बोला अमेरिका?
वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरानियों ने इस पेशकश को नहीं चुना। वेंस ने टिप्पणी की, "हमने ईरानियों के साथ कई महत्वपूर्ण चर्चाएं की हैं, यह अच्छी खबर है। बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं हो सका है। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि यह अमेरिका से कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है।"












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