US Iran War: इजरायल करेगा Al-Aqsa मस्जिद पर हमला? एक्सपर्ट ने दी चेतावनी, अमेरिका खाली करेगा मिलिट्री बेस?
US Iran War: अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग उस वक्त और तेज हो गई जब एक हमले में ईरान के बड़े नेता और सैन्य प्रमुख अली लारीजानी की मौत हो गई। जिसके जवाब में ईरान ने तेल अवीव पर हमले किए और इन हमलों में 2 और लोगों की मौत हो गई। वहीं, वनइंडिया ने जब इस घटना और युद्ध में आगे क्या हो सकता है इसको लेकर डिफेंस एक्सपर्ट कमर आगा से बात की तो उन्होंने बताया कि अब मिडिल में क्या होगा।
सवाल- अली लारीजानी की मौत के बाद लीडरशिप बिखरेगी?
जवाब- इस पर डिफेंस एक्सपर्ट कमर आगा कहते हैं कि अली लारीजानी की मौत से ईरानी सेना और लीडरशिप में एक खालीपन जरूर आया है लेकिन ये इतना बड़ा नहीं है। ईरान में अली खामेनेई की मौत से पहले ही यह तय था कि कोई लीडर अमेरिका-इजरायल के हमलों में मरता है तो उसकी जगह कौन लेगा। अमेरिका-इजरायल कितने भी नेताओं को मार लें हर बार एक नया लीडर आता रहेगा। ये कुछ वैसा ही है जैसा लीबिया और इराक में लीडरशिप खत्म करने बाद तक अमेरिका और इजरायल अपनी रिजीम नहीं बना सके हैं।

सवाल- क्या रिजीम चेंज कर पाएगा अमेरिका?
जवाब- IRGC वाले बहुत कमिटेंड हैं इस्लामिक क्रांति को लेकर। इसलिए ईरान के पीछे हटने की कोई संभावना नहीं है। हां, ईरान का नुकसान बहुत हो रहा है जिससे वह कमजोर जरूर पड़ जाएगा। लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं है कि इस दौरान अमेरिका को सत्ता में बैठने या किसी कठपुतली सरकार को बिठाने का मौका मिलेगा।
सवाल- क्या खाड़ी देशों से अमेरिका की होगी रवानगी?
जवाब- कुवैत, यूएई और कतर में जब ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया तो वहां के लोग इस बात से खुश थे। यहां तक कि कुवैत में जब फाइटर पायलट गिरा और उसे वहां के आम लोगों ने पकड़ा तो उसकी चप्पलों से पिटाई की। ये घटना बताती है कि कुवैत में भले ही सरकार का झुकाव अमेरिका की तरफ हो लेकिन जनता में इस बात की भयंकर नाराजगी है कि अमेरिका ईरान पर हमले कर रहा है। खाड़ी देश पहली बार अमेरिकी बेस उनके देश में होने का नुकसान भोग रहे हैं। बावजूद इसके वे अमेरिका को जाने के लिए नहीं कह सकते। हां, अगर भविष्य में मौजूदा प्रो-अमेरिका रिजीम कमजोर हुई और कोई नया लीडर आता है जो अमेरिका को नहीं चाहता तो उस स्थिति में ऐसा संभव होगा।
सवाल- क्या अल-अक्सा मस्जिद को निशाना बना सकता है इजरायल?
जवाब- डिफेंस एक्सपर्ट कमर आगा के कहते हैं कि अल-अक्सा को निशाना बनाया जा सकता है, इसकी पूरी संभावना है। अल-अक्सा हमेशा से इजरायल के लोगों के निशाने पर रही है। अब इजरायल के पास बहाना था तो उन्होंने रमजान के बीच लोगों के लिए अल-अक्सा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इस मामले पर हैरतअंगेज ढंग से सारे अरब मुल्क भी खामोश हैं। ऐसा लगता है सब अमेरिका के साथ मिले हुए हैं। कोई ऐसा बड़ा लीडर नहीं है जो इस बात का विरोध कर सके। अगर ऐसी स्थिति में इजरायल हमला करता है तो स्थानीय स्तर पर थोड़ा-बहुत विरोध होगा। इस जंग के पहले भी इजरायली फोर्सेस अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए वहां घुस चुकी हैं, जिस पर ज्यादातर अरब देश चुप ही रहे थे।
सवाल- ईरान की हेरिटेज साइट्स को निशाना क्यों बनाया जा रहा?
जवाब- अमेरिका और इजरायल का ये मोडस ऑपरेंडी रहा है। वे सिर्फ लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेरिटेज साइट्स को निशाना बनाते हैं ताकि सरकार पर दबाव पड़े। लेकिन यूनाइटेड नेशन्स को इस मामले में दखल देना चाहिए।
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