US-Iran Tension: हमले से ठीक पहले युद्ध से पीछे हटे ट्रंप! ईरान पर बमबारी रोकी, कहा-डील पर बनी सहमति
Donald Trump Cancels Iran Strikes: मिडिल ईस्ट में पिछले 100 से अधिक दिनों से जारी भीषण युद्ध और परमाणु महाविनाश के खतरे के बीच एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर गुरुवार, 12 जून को देर रात होने वाले अमेरिकी सेना के बड़े हवाई हमलों और बमबारी को ऐन वक्त पर रोक दिया है।
ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक पोस्ट साझा करते हुए एलान किया है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीधी बातचीत बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है और दोनों देश एक बड़े शांति समझौते (Transaction) के अंतिम पड़ाव पर हैं।

इस समझौते को इजरायल, सऊदी अरब और पाकिस्तान सहित दुनिया के कई प्रमुख देशों ने अपनी मंजूरी दे दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के समय के अनुसार गुरुवार दोपहर (11 जून 2026) को किए अपने पोस्ट में लिखा-इस तथ्य के आधार पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बातचीत को ईरानी नेतृत्व के सर्वोच्च स्तर तक ले जाया गया है और वहां से इसे मंजूरी मिल गई है, मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में आज शाम ईरान के खिलाफ होने वाले निर्धारित हमलों और बमबारी को रद्द कर दिया है।
ट्रंप ने आगे बताया कि इस समझौते के मसौदे पर केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के तमाम बड़े देश एकमत हैं-बातचीत और इसके अंतिम बिंदुओं को, वैचारिक रूप से और पूरी बारीकी के साथ, इसमें शामिल सभी पक्षों द्वारा अप्रुव कर दिया गया है।
इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और अन्य देश शामिल हैं। जब तक यह सौदा (Transaction) पूरी तरह से अंतिम रूप नहीं ले लेता, तब तक हमारी समुद्री नाकेबंदी पूरी ताकत के साथ लागू रहेगी। इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के समय और स्थान की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
महज कुछ घंटे पहले दी थी तबाही की धमकी: 'खार्क द्वीप' पर कब्जे का था प्लान
डोनाल्ड ट्रंप का यह यू-टर्न बेहद अप्रत्याशित है, क्योंकि इस पोस्ट से महज 5 घंटे पहले ही उन्होंने ईरान को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने की धमकी दी थी। ट्रंप ने सुबह पोस्ट किया था कि अमेरिकी वायुसेना गुरुवार रात ईरान पर बेहद भीषण हमला करने जा रही है।
इतना ही नहीं, फॉक्स न्यूज (Fox News) को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि उनका इरादा ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यातक केंद्र 'खार्क द्वीप' (Kharg Island) और अन्य तेल बुनियादी ढांचों पर कब्जा करने का है, ताकि वे ईरान के तेल और गैस बाजार को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले सकें, ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने वेनेजुएला में किया है। हालांकि, दोपहर होते-होते बातचीत की मेज पर ईरान के झुकने के बाद युद्ध के बादल छंट गए।
क्या टल गया युद्ध का खतरा?
ट्रंप की ताजा घोषणा को पश्चिम एशिया में संभावित बड़े सैन्य संघर्ष को टालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि अभी तक ईरान की ओर से ट्रंप के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित समझौते पर सभी पक्ष सहमत हो जाते हैं, तो इससे क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है।
लेकिन जब तक औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो जाते और नौसैनिक नाकेबंदी हटाई नहीं जाती, तब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य मानी नहीं जा सकती। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले संभावित समझौते पर टिकी हुई है, जो पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार दोनों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।














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