'नतीजे चौंकाने वाले होंगे', सीजफायर खत्म होने से पहले ईरान पर भड़के ट्रंप
US Iran talks: अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते तनाव और संभावित नए परमाणु समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर वैश्विक और घरेलू राजनीति के केंद्र में हैं। एक ओर वे अपने प्रस्तावित "बेहतर समझौते" का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने ही देश में डेमोक्रेट्स और मीडिया की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
युद्धविराम की समयसीमा नजदीक आने और नई वार्ताओं को लेकर अनिश्चितता के बीच ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लंबा बयान जारी कर अपनी रणनीति का बचाव किया और विरोधियों पर हमला बोला।

ट्रंप का दावा "जल्द होगा बेहतर समझौता"
राष्ट्रपति ट्रंप ने भरोसा जताया कि ईरान के साथ समझौता "अपेक्षाकृत जल्दी" हो सकता है और यह 2015 के JCPOA से कहीं बेहतर होगा। उनका कहना है कि नया समझौता ऐसा होगा जो न सिर्फ Israel और मध्य पूर्व बल्कि यूरोप और अमेरिका की सुरक्षा की भी गारंटी देगा। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रक्रिया में थोड़ी देरी संभव है, लेकिन परिणाम "चौंकाने वाले" होंगे।
युद्धविराम, दबाव और सैन्य रणनीति
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन पर किसी भी प्रकार का "दबाव" नहीं है, भले ही दो सप्ताह का युद्धविराम समाप्त होने वाला हो। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई अपेक्षा से अधिक तेजी से हुई है और जब तक ठोस समझौता नहीं होता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। यह कदम ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ट्रंन ने डेमोक्रेट्स और मीडिया पर किया हमला
ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि वे इस संवेदनशील समय में अमेरिका की स्थिति को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने अमेरिकी मीडिया और खासकर David Ignatius जैसे पत्रकारों की आलोचना करते हुए कहा कि वे जानते हुए भी पुराने समझौते की सकारात्मक छवि पेश कर रहे हैं। ट्रंप ने इसे "फेक न्यूज़" करार दिया।
पुराने समझौते पर फिर निशाना
ट्रंप ने एक बार फिर Barack Obama और Joe Biden के दौर में हुए JCPOA को "देश की सुरक्षा के लिए सबसे खराब सौदों में से एक" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते ने ईरान को परमाणु हथियार की दिशा में बढ़ने का रास्ता दिया।
साथ ही उन्होंने 1.7 बिलियन डॉलर की नकद राशि ईरान को भेजे जाने के मुद्दे को उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया, हालांकि यह भुगतान पुराने कानूनी विवाद के निपटारे से जुड़ा था।
वैश्विक अनिश्चितता और आगे की राह
स्थिति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है। युद्धविराम खत्म होने की समयसीमा नजदीक है और Islamabad में प्रस्तावित वार्ता को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। अमेरिका की ओर से भागीदारी की पुष्टि की गई है, लेकिन ईरान की ओर से अभी आधिकारिक सहमति सामने नहीं आई है। इस बीच, कूटनीतिक प्रयास जारी हैं और क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है।












Click it and Unblock the Notifications