US Iran Clash: UN में आमने-सामने अमेरिका-ईरान! NPT में तेहरान को मिली कमान, वॉशिंगटन ने बताया ‘शर्मनाक'

US Iran Clash UN: संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली है। विवाद की मुख्य वजह ईरान को 'परमाणु अप्रसार संधि' (NPT) की समीक्षा के लिए आयोजित एक महीने लंबे सम्मेलन में उपाध्यक्ष (Vice President) के रूप में चुना जाना है।

अमेरिका ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का अपमान बताया है, जबकि ईरान ने अमेरिका को ही 'परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा अपराधी' करार दिया।

US-Iran-UN-Clash

NPT Review Conference 2026 में ईरान को कमान मिलने पर अमेरिका का कड़ा रुख

परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए न्यूयॉर्क में 11वां सम्मेलन सोमवार को शुरू हुआ। वियतनाम के राजदूत और सम्मेलन के अध्यक्ष डो हंग वियत ने घोषणा की कि गुटनिरपेक्ष देशों (NAM) के समूह ने ईरान को 34 उपाध्यक्षों में से एक के रूप में नामांकित किया है।

जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले पर अमेरिकी हथियार नियंत्रण ब्यूरो के सहायक सचिव क्रिस्टोफर येव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- "ईरान का चयन NPT की साख पर एक बड़ा प्रहार है। यह निर्विवाद है कि ईरान ने लंबे समय से परमाणु अप्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का अपमान किया है। यह चयन न केवल शर्मनाक है, बल्कि इस पूरे सम्मेलन की विश्वसनीयता के लिए एक दाग है।"

अमेरिका का आरोप है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग करने से इनकार करता रहा है।

ईरान का पलटवार: अमेरिका दुनिया का एकमात्र परमाणु हमलावर

ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिका पर तीखा हमला बोला। IAEA में ईरान के राजदूत रजा नजफी ने कहा कि अमेरिका के बयान आधारहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। नजफी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा- यह हास्यास्पद है कि अमेरिका खुद को परमाणु नियमों का मध्यस्थ बनाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका दुनिया का इकलौता देश है जिसने कभी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया है और आज भी वह अपने परमाणु शस्त्रागार का आधुनिकीकरण कर रहा है। वह दूसरों को उपदेश देने का नैतिक अधिकार खो चुका है। ईरान ने दोहराया कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर उसका संप्रभु अधिकार है। ईरान ने अमेरिकी जहाजों की उपस्थिति को 'समुद्री डकैती' जैसा करार दिया।

US Sanctions on China: ट्रंप का चीन पर बड़ा प्रहार! ड्रैगन की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर बैन, बीजिंग में हड़कंप
US Sanctions on China: ट्रंप का चीन पर बड़ा प्रहार! ड्रैगन की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर बैन, बीजिंग में हड़कंप

Donald Trump Iran Policy: क्या है ट्रंप की 'रेड लाइन' और ईरान का नया प्रस्ताव

यह टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को स्पष्ट किया था कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रति अपनी 'रेड लाइन' बहुत पहले ही स्पष्ट कर दी है और राष्ट्रीय सुरक्षा दल इस पर लगातार चर्चा कर रहा है।

इसी बीच, ईरानी सूत्रों ने युद्ध को खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत, तेहरान चाहता है कि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा तब तक टाल दी जाए जब तक कि चल रहे युद्ध और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से शिपिंग विवादों का समाधान नहीं हो जाता।

क्या है NPT समीक्षा सम्मेलन का महत्व

1970 में लागू हुई NPT संधि का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना और पूर्ण परमाणु निशस्त्रीकरण की दिशा में काम करना है। हर पांच साल में इसकी समीक्षा की जाती है। 2026 का यह सम्मेलन वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट ने परमाणु युद्ध के खतरे को एक बार फिर बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच पर इस तरह की खुली टकराहट वैश्विक कूटनीति के लिए चिंता का विषय है। NPT सम्मेलन का उद्देश्य जहां परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना है, वहीं प्रमुख देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी इस लक्ष्य को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है। फिलहाल, इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस टकराव को कम कर पाएंगे या हालात और बिगड़ेंगे।

Iran America War: शांति वार्ता या बड़ा फर्जीवाड़ा? पाकिस्तान ने 'फेक न्यूज़' के जरिए दुनिया को बनाया बेवकूफ
Iran America War: शांति वार्ता या बड़ा फर्जीवाड़ा? पाकिस्तान ने 'फेक न्यूज़' के जरिए दुनिया को बनाया बेवकूफ
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+