डिप्लोमेसी या डबल गेम? अमेरिका ने Asim Munir को दिया न्योता, कांग्रेस ने बताया भारत के लिए 'कूटनीतिक झटका'
अमेरिका ने न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की खुलकर तारीफ की है, बल्कि पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर को अमेरिका आमंत्रित भी किया है। इससे ठीक पहले असीम मुनीर (Army Chief Asim Munir) ने एक ऐसा बयान दिया था, जिसे भारत ने जम्मू-कश्मीर में हुए 22 अप्रैल के आतंकी हमले से जोड़कर देखा है। अब कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत के लिए 'कूटनीतिक झटका' बताया है।
अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला (General Michael Kurilla) ने अमेरिकी सीनेट के सामने दिए बयान में पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में 'Phenomenal Partner' यानि बेहद भरोसेमंद साथी बताया है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ISIS-K (इस्लामिक स्टेट-खोरासान) के खिलाफ जोरदार कार्रवाई कर रहा है, और ये साझेदारी अमेरिका के लिए अहम है।
ISIS-K कमांडर की गिरफ्तारी को बताया बड़ी कामयाबी
जनरल कुरिल्ला ने बताया कि पाकिस्तान ने हाल ही में मोहम्मद शरीफुल्लाह नाम के ISIS-K ऑपरेशनल कमांडर को गिरफ्तार किया है। यही वो आतंकी था जो 2021 में काबुल एयरपोर्ट के पास Abbey Gate पर हुए आत्मघाती हमले की साज़िश में शामिल था, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिकों और 169 अफगान नागरिकों की जान गई थी।
भारत-पाक दोनों से संबंध जरूरी- अमेरिका
जनरल कुरिल्ला ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान और भारत- दोनों के साथ रिश्ते मजबूत रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि, 'ये कोई बाइनरी विकल्प नहीं है कि अगर हम भारत से रिश्ता रखें तो पाकिस्तान से नहीं रख सकते।' उन्होंने दोनों देशों के साथ संतुलित संबंधों की वकालत की।
असीम मुनीर को मिला अमेरिकी न्योता
अमेरिका ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर (Asim Munir) को 14 जून को US Army Day समारोह में आमंत्रित किया है। ये वही मुनीर हैं जिन्होंने 16 अप्रैल को इस्लामाबाद में एक भाषण में कश्मीर को पाकिस्तान की Jugular Vein यानि जीवनरेखा बताया था। उन्होंने टू नेशन थ्योरी (Two-Nation Theory) का समर्थन करते हुए कहा कि मुस्लिमों को अपने बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि वे हिन्दुओं से अलग हैं।
पहलगाम हमला: भारत ने मुनीर के बयान को बताया कारण
भारत ने आरोप लगाया है कि मुनीर के इस भड़काऊ भाषण के कुछ ही दिन बाद, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के बईसारन (Baisaran, Pahalgam) में पाक समर्थित आतंकियों ने हमला किया, जिसमें 26 लोग मारे गए। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इसके बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर जवाबी हमला किया, जिसके बाद 10 मई को संघर्षविराम हुआ।
कांग्रेस ने कहा- ये भारत के लिए कूटनीतिक हार
कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने सोशल मीडिया पर अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने पूछा कि, 'अमेरिका आखिर क्या करना चाह रहा है? असीम मुनीर जैसे विवादित व्यक्ति को बुलाना भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका (Diplomatic Setback) है।'
बीजेपी ने कांग्रेस पर किया पलटवार
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के ट्वीट पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि, 'जयराम रमेश और राहुल गांधी हमेशा पीएम मोदी पर हमला करने के नाम पर भारत को कठघरे में खड़ा करने की जल्दी में रहते हैं। उन्होंने G7 के बारे में भी यही बातें कही थीं। लेकिन वे इस बारे में अपना चेहरा कहां छिपाएंगे? उन्हें गंभीरता से लेने की कोई जरूरत नहीं है। आज भारत वैश्विक मंच पर बहुत ऊंचे स्थान पर है।'
ट्रंप का दावा: हमने India-Pak सीजफायर कराया
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति को रोका और सीजफायर कराया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी मध्यस्थता न होती, तो मामला एक न्यूक्लियर वॉर (Nuclear war) तक पहुंच सकता था।
हालांकि भारत ने ट्रंप के इस बयान को सिरे से खारिज किया और दोहराया कि कश्मीर पूरी तरह द्विपक्षीय मुद्दा
(bilateral issue) है, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती।
क्या अमेरिका के इस कदम से भारत को टेंशन होनी चाहिए?
दरअसल, अमेरिका का असीम मुनीर को बुलाना और पाकिस्तान को 'अभूतपूर्व साझेदार' कहना भले ही रणनीतिक हो, लेकिन भारत के लिए ये साफ संकेत है कि वॉशिंगटन अब इस क्षेत्र में बैलेंस बनाकर चलना चाहता है। इससे भारत की 'नो थर्ड पार्टी' पॉलिसी को चुनौती मिलती है। हालांकि दोनों देशों से संबंध बनाए रखना अमेरिका की पुरानी नीति रही है, फिर भी यह कदम कूटनीतिक रूप से भारत के लिए असहज जरूर है। टेंशन नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
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