ट्रंप की H-1B नीति का विरोध, USA चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बताया 'खराब पॉलिसी'
वाशिंगटनः अमेरिका में H-1B वीजा पर ट्रंप की नीति का विरोध बढ़ता जा रहा है। अब विरोध करने वालों में नया नाम अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स का जुड़ गया है। अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने ट्रंप की H-1B वीजा की नीति को खराब नीति बताया है। चैंबर का शनिवार को कहना था कि अगर आने वाले समय में इस तरह की कोई भी पॉलिसी आती है तो वो मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम की अवधारणा के खिलाफ होगी।

डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर है H-1B
जनवरी 2017 में अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप लगातार H-1B वीजा पॉलिसी को निशाने पर ले रहे हैं। उनकी तरह से इसे सुरक्षा के लिए उठाया जाने वाले कदम माने रहे हैं तो वहीं कई लोग इसलिए विरोध कर रहे हैं कि इससे अमेरिका में काम पर बहुत असर पड़ेगा।

ट्रंप की नीति को बताया खराब नीति
चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि सालों से हमारे देश में रहे और यहां की नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले हाई स्किल्ड प्रफेशनल्स को अमेरिका से वापस भेजना एक बहुत ही खराब नीति होगी। इस मुद्दे पर आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'इस नीति से अमेरिकी व्यापार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और देश को काफी नुकसान होगा। साथ ही यह अमेरिका के मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम की अवधारणा से मेल नहीं खाता है।'

अमेरिका में है कमी
अमेरिका में भारतीय मूल के सांसद राजा कृष्णमूर्ति का कहना है कि अमेरिका में इस वक्त 60 लाख नौकरियों के लिए स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी है और कंपनियों को इन पदों के लिए उम्मीदवार ढूंढने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद ने जताई उम्मीद
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने उम्मीद जताई है कि ये प्रस्ताव अभी पारित नहीं हो पाएगा। भारतीय मूल के सांसद का कहना है कि 'मैं पूरी तरह से H-1B वीजा नियमों में बदलाव के पक्ष में हूं, लेकिन हमारी प्राथमिकता घरेलू वर्कफोर्स को अच्छी ट्रेनिंग देने पर होनी चाहिए। राजाकृष्णमूर्ति से पहले कई लोग ट्रंप की इस नीति का विरोध कर चुके हैं। अब देखना होगा कि ट्रंप प्रशासन इस बारे में क्या फैसला लेता है।












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