US Elections: निक्की हेली ने पहली बार डोनाल्ड ट्रंप को प्राइमरी चुनाव में हराया, भारतवंशी नेता की बड़ी जीत
Nikki Haley beats Donald Trump: अमेरिका राष्ट्रपति प्राइमरी चुनाव में भारतवंशी उम्मीदवार निक्की हेली ने डोनाल्ड ट्रंप को पहली बार हरा दिया है। वॉशिंगटन डीसी में डोनाल्ड ट्रंप को पहली बार करारी हार झेलनी पड़ी है और ये भारतीय मूल की नेता की पहली बड़ी जीत है।
रिपब्लिकन पार्टी की निक्की हेली ने वाशिंगटन डीसी प्राइमरी में जीत हासिल कर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की है। रिपब्लिकन पार्टी में प्राइमरी चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है, लेकिन हेली को पहले ही 60 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल हो चुके हैं।

भारतीय मूल की रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने 63 फीसदी वोट के साथ प्राइमरी में दबदबा कायम कर लिया है और ट्रंप को 33 फीसदी वोट के साथ पछाड़ दिया है।
आपको बता दें, कि निक्की हेली दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर रह चुकी हैं और वो डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान वो संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थाई दूत रह चुकी हैं।
रिपल्बिकन पार्टी प्राइमरी चुनाव में निक्की हेली की ये पहली जीत है और इससे पहले हर प्राइमरी और कॉकस चुनाव को डोनाल्ड ट्रंप ने जीता है। इससे पहले, शनिवार को तीन अमेरिकी राज्यों में एक साथ प्राइमरी चुनाव करवाए गये थे और ट्रंप ने निक्की हेली को मिशिगन, इडाहो और मिसौरी राज्यों में हरा दिया था। ट्रंप ने शनिवार को मिशिगन में रिपब्लिकन कॉकस में आसानी से जीत हासिल कर ली थी। वहीं, मिसौरी में उन्होंने निक्की हेली को बुरी तरह से हराया था और राज्य के सभी काउंटी कॉकस में जीत ली थी।
आपको बता दें, कि डोनाल्ड ट्रंप को 244 डेलिगेट्स का समर्थन मिल चुका है, जबकि निक्की हेली को सिर्फ 24 डेलिगेट्स ने ही अभी तक सपोर्ट किया। अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए पार्टी का टिकट हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 1,215 डेलिगेट्स का समर्थन हासिल करना होगा।

निक्की हेली की जीत के मायने
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ये हफ्ता काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है और पहली जीत हासिल करने के बाद अब निक्की हेली इस रेस में थोड़ी मजबूत हो गई हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हर दूसरे शुरुआती नामांकन प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाया है और सुपर मंगलवार को अधिक प्रतिनिधियों को इकट्ठा करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, इस जीत को हासिल करने के बाद भी माना जा रहा है, कि मंगलवार को निक्की हेली मुकाबले से बाहर हो सकती हैं।
जीत हासिल करने के बाद निक्की हेली के प्रवक्ता ओलिविया पेरेज़-क्यूबास ने एक बयान में कहा, "यह आश्चर्य की बात नहीं है, कि वाशिंगटन में रिपब्लिकन मतदाता डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी सारी अराजकता को खारिज कर रहे हैं।"
निक्की हेली की जीत को आश्चर्यजनक नहीं माना जा रहा है। वाशिंगटन में कई लोगों का मानना था, कि जिले ने प्राथमिक जीतने का उनका सबसे अच्छा और शायद एकमात्र मौका प्रस्तुत किया है। राजधानी की जीओपी पर ट्रम्प की पकड़, जिसमें लगभग 22,000 पंजीकृत मतदाता हैं, ने कभी भी पूरे देश में उनके प्रभुत्व को प्रतिबिंबित नहीं किया है। ट्रम्प ने 2020 में प्राइमरी में निर्विरोध जीत हासिल की, लेकिन 2016 के चक्र में तीसरे स्थान पर रहे थे। हेली ने शुक्रवार को स्थानीय जीओपी नेताओं के साथ एक कार्यक्रम आयोजित किया, जो बताता है, कि उन्होंने अभी भी हार नहीं मानी है।
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी कैम्पेन टीम ने अपने बयान में निक्की हेली की जीत को उनकी हार में बदलने की कोशिश की है।
ट्रम्प की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, "वाशिंगटन डी.सी. में आज रात के नतीजे राष्ट्रपति ट्रम्प के अभियान के उद्देश्य की पुष्टि करते हैं - वह दलदल को खत्म करेंगे और अमेरिका को पहले स्थान पर रखेंगे।"
ट्रंप बनाम बाइडेन
आपको बता दें, कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से जहां डोनाल्ड ट्रंप और निक्की हेली टिकट हासिल करने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से बाइडेन का चुनावी मैदान में उतरना तय है। हालांकि, उनकी उम्र को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, फिर भी ज्यादा संभावना इस बात को लेकर है, कि इस साल 5 नवंबर को होने वाला राष्ट्रपति चुनाव डोनाल्ड ट्रंप बनाम जो बाइडेन हो सकता है।












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