मुंबई हुआ पानी-पानी, सोशल मीडिया पर छाईं मुंबई मेयर, कौन हैं Ritu Tawde, क्या है इनकी जाति?
Who Is Ritu Tawde: मुंबई में बीते कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश, हाई टाइड और जलभराव के बीच मुंबई की मेयर रितु तावड़े का मैदान पर उतरना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इतना ही नहीं मुंबई में रिकॉर्ड बारिश के दौरान मेयर रितु तावड़े लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं। जलभराव, यातायात और आम लोगों की परेशानियों को हल करने के लिए अधिकारियों के साथ जुटी नजर आईं।
भारी बारिश के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से स्कूल-कॉलेज बंद करने जैसे फैसले भी लिए गए। उनके सक्रिय दौरे और राहत कार्यों को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मुंबई में रिकॉर्ड बारिश के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने के लिए मेयर की तारीफ की और उनके प्रयासों को सराहा।

सोशल मीडिया पर जो इनका वीडियो वायरल हो रहा है उसमें धमार्वीर स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज कोस्टल रोड (साउथ) का निरीक्षण करते हुए नजर आ रही हैं। समुद्र में हाई टाइड के दौरान समुद्र किनारे पहुंच कर मुंबई मेयर ने ना सिर्फ हालात का जायजा लिया, बल्कि लोगों से समुद्र किनारे जाने और बेवजह घरों से बाहर निकलने से बचने की अपील भी की। उन्होंने साफ कहा कि खराब मौसम और उफनते समुद्र के बीच नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। इस वीडियो के बाद लोग मुंबई मेयर के बारे में सर्च कर रहे हैं आइए जानते हैं कौन हैं मुंबई में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर मेयर रितु तावड़े? इनकी जाति क्या है?

गौरतलब है कि वर्षों के इंतजार के बाद 2026 में मुंबई महानगरपालिका (BMC)में चुनाव हुए थे। इस चुनाव में सर्वाधिक सीटें जीतने के बाद देश के इस सबसे अमीर नागरिक निकाय में करीब चार दशकों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अपना मेयर बनाने का मौका मिला। भाजपा ने ये अहम जिन्मेदारी रितु तावड़े को सौंपी। मुंबई की एक साधारण नगरसेवक से मुंबई के 'प्रथम नागरिक' के पद तक का सफर उनके जमीनी कार्यों और सही समय पर सटीक राजनीतिक फैसलों का परिणाम माना जाता है।

कौन हैं रितु तावड़े?
रितु तावड़े ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस के साथ की थी, लेकिन साल 2012 में वे भाजपा में शामिल हो गईं। उसी साल उन्होंने वार्ड संख्या 127 से चुनाव लड़ा और जीतकर अपनी पहली बीएमसी पारी की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने साल 2017 में वार्ड संख्या 121 से और फिर साल 2026 में वार्ड संख्या 132 से तीसरी बार नगरसेवक बनकर पार्टी में अपना दबदबा साबित किया।
गुजराती और जैन बहुल्य क्षेत्र में मराठी मेयर ने जमाई है धाक
वार्ड संख्या 132 के अंतर्गत विद्याविहार पूर्व, गरोड़िया नगर, सोमैया कॉलेज परिसर और राजावाड़ी अस्पताल जैसे क्षेत्र आती हैं। गुजराती और जैन वोटर्स की बहुलता वाले इस बेल्ट को भाजपा का मजूबत गढ़ माना जाता है। उत्तर-पूर्व मुंबई में रितु तावड़े को भाजपा के सबसे आक्रामक और मुखर नेताओं में गिना जाता है, जिन्होंने पार्टी की हर मुहिम को जनता के बीच मुस्तैदी से पहुंचाया है।
रितु तावड़े की जाति क्या है?
महाराष्ट्र में "तावडे" (Tawde/Tawade) सरनेम मुख्य रूप से मराठी भाषी परिवारों में खासकर महाराष्ट्र के कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र में अधिक मिलता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऋतु तावड़े मूल रूप से मराठा समुदाय (क्षत्रिय मराठा जाति) से आती हैं। हालांकि उन्होंने गुजराती बहुल वार्ड में अपनी जबरदस्त पकड़ बनाई है।
कितनी संपत्ति की मालिक हैं रितु तावड़े?
53 वर्षीय रितु तावड़े ने अपनी स्कूली शिक्षा 12वीं तक पूरी की है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, रितु और उनके पति बिजनेसमैन हैं। पिछले कुछ वर्षों में उनकी संपत्तियों में वृद्धि हुई है। जहां साल 2017 में उनकी कुल संपत्ति 3.58 करोड़ रुपये थी, वहीं साल 2026 तक यह बढ़कर 5.26 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि इसी समय अंतराल में उनकी देनदारियों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
शिक्षा, महिला सुरक्षा और जनसमस्याओं पर काम का लंबा अनुभव रितु तावड़े की है पहचान
बीएमसी के प्रशासनिक काम-काज में भी रितु तावड़े की अलग पहचान रही है। उन्होंने निगम की प्रतिष्ठित शिक्षा समिति की अध्यक्ष के रूप में काम किया है और लोक निर्माण समिति की उपाध्यक्ष भी रही हैं। इस भूमिका में उन्होंने नगर निगम स्कूलों में पढ़ रही लड़कियों की सुरक्षा को लेकर पोक्सो (POCSO) मामले में कड़ी कार्रवाई और बुनियादी शैक्षिक ढांचे को विकसित करने की पुरजोर पैरवी की थी।
संसदीय कार्यों के अलावा रितु तावड़े ने महिलाओं के सम्मान के लिए सड़क पर उतरकर कड़ा संघर्ष किया है। उन्होंने दुकानों के बाहर अंतःवस्त्रों (लांजरी) वाले पुतलों के खुले प्रदर्शन के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया था। इस मुहिम को विदेशी मीडिया में भी पहचान मिली और बाद में प्रशासन को ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगानी पड़ी। इसके अलावा वे घाटकोपर में पानी की समस्या पर 'हंडा मोर्चा' भी निकाल चुकी हैं।
इसके साथ ही रितु तावड़े 'मराठा प्रतिष्ठा' संस्था की प्रमुख भी हैं और महिला आर्थिक विकास महामंडल के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। उनके इसी निरंतर जमीनी जुड़ाव और संगठनात्मक पकड़ के कारण ही पार्टी ने उन पर सबसे बड़े नागरिक पद के लिए भरोसा जताया है।













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