हसन नसरल्लाह की मौत से ठीक पहले US ने सऊदी को दिया था 'रक्षा कवच', क्या इसीलिए चुप्पी साधे हैं प्रिंस सलमान?
US-Saudi Defence Deal: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब को खतरनाक 'रक्षा कवच' सौंपा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी हथियार कंपनी रेथियॉन ने सऊदी अरब को पहला AN/TPY-2 मिसाइल डिफेंस रडार की डिलीवरी की है, जो 2020 में साइन किए गये 2.3 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा है।
अमेरिका ने सऊदी अरब को ये डिफेंस रडार उस वक्त सौंपा है, जब इजराइल लेबनान में हमले कर रहा है। इजराइल के हमले में हिज्बुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत हो गई थी और इजराइल ने हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर यमन में भी हमले किए हैं।

कितना खतरनाक है डिफेंस रडार
यह अत्याधुनिक रडार अपनी श्रेणी में पहला है, जो पूर्ण गैलियम नाइट्राइड (GaN) सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल करता है, जिससे सऊदी अरब अपनी सर्विलांस क्षमता को काफी मजबूत कर लेगा और संभावित संवेदनशील खतरों से खुद को बचा सकता है।
GaN टक्नोलॉजी, जो अपने कांच जैसे क्वालिटी के लिए जानी जाती है, वो पारंपरिक रेडियो आवृत्ति सेमीकंडक्टर की तुलना में कई लाभ प्रदान करती है, जिसमें बेहतर ऊर्जा दक्षता, कम वजन और बढ़ी हुई बिजली उत्पादन शामिल है।
ये संवर्द्धन AN/TPY-2 (आर्मी-नेवी ट्रांसपोर्टेबल रडार सर्विलांस) रडार को ज्यादा सीमा तक की दुश्मनों के हथियारों का पता लगाने की क्षमता देता है और इसकी सर्विलांस क्षमता को महत्वपूर्ण तौर पर बढ़ा देता है, जिससे यह आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों में एक महत्वपूर्ण घटक बन जाता है।
रेथियॉन के एयर एंड स्पेस डिफेंस सिस्टम्स के प्रेसिडेंट पॉल फेरारो ने कहा, कि "लेटेस्ट AN/TPY-2 रडार अब एक अलग क्लास में है, क्योंकि रेथियॉन ने रडार में 50 से ज्यादा सुधार किए हैं।" फेरारो ने कहा, कि "ये सुधार सऊदी अरब को मिसाइल खतरों से खुद को बेहतर तरीके से बचाने में मदद करेंगे और इसके अलावा पूरे बेड़े को बेहतर संवेदन क्षमता का लाभ मिलेगा।"
इस एडवांस रडार की डिलीवरी उत्पादन के लिए निर्धारित छह अतिरिक्त इकाइयों की श्रृंखला में पहली है। सभी को सऊदी अरब के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम के पूरक के रूप में डिजाइन किया गया है।
2020 में हुई थी सऊदी-अमेरिका में डील
यह मील का पत्थर रेथियॉन की तरफ से अमेरिकी मिसाइल रक्षा एजेंसी से 2.3 बिलियन डॉलर का उत्पादन अनुबंध हासिल करने के लगभग तीन साल बाद आया है, जो सऊदी अरब के साथ एक विदेशी सैन्य बिक्री समझौते का हिस्सा है। इस कॉन्ट्रैक्ट को साल 2017 में अमेरिकी विदेश विभाग ने मंजूरी दी थी, जो 15 अरब डॉलर के व्यापक रक्षा सौदे से निकला है।
इस पैकेज में 44 THAAD लांचर, 360 इंटरसेप्टर मिसाइल और 16 फायर कंट्रोल और कम्युनिकेशन यूनिट्स शामिल थीं, जिसके जरिए सऊदी अरब अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करना चाहता था। GaN-आधारित AN/TPY-2 रडार, मिसाइल रक्षा के लिए एक तकनीकी छलांग है। बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने के साथ-साथ हाइपरसोनिक मिसाइल रक्षा मिशनों का समर्थन करने की प्रणाली की बढ़ी हुई क्षमता, आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों में एक महत्वपूर्ण चिंता का महत्वपूर्ण समाधान करती है।

मिसाइल हमलों को रोक पाएगा सऊदी अरब
रेथियॉन की AN/TPY-2 रडार सिस्टम को बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उन्हें मार गिराने के लिए डिजाइन किया गया है, जो इसे वैश्विक मिसाइल रक्षा नेटवर्क में सबसे एडवांस रडार प्रणालियों में से एक बनाता है।
ये रडार विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के एक्स-बैंड के भीतर काम करता है, जिससे यह लक्ष्यों की पहचान करने और वास्तविक मिसाइल खतरों और गैर-खतरनाक वस्तुओं के बीच अंतर करने में सक्षम होता है, जैसे कि मिसाइलों से मलबे को अलग करना।
अपने टर्मिनल मोड में, AN/TPY-2 सीधे टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम के फायर कंट्रोल लूप में एकीकृत होता है, जिससे THAAD इंटरसेप्टर के साथ बेरोकटोक कम्युनिकेशन सुनिश्चित होता है। जिससे अगर कोई खतरा आ रहा होता है, तो रडार को को तत्काल इंटरसेप्टर से पता चल जाएगा।
AN/TPY-2 को ट्रक, जहाज या विमान से आसानी एक जगह से दूसरे जगह ले जाया जा सकता है। इस प्रणाली को THAAD बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के सहयोग से बनाया गया था, जिससे यह लंबी दूरी पर लक्ष्यों की निगरानी करने में सक्षम है और अन्य अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।
जियो-पॉलिटिकल टेंशन को और बढ़ाएगा?
इन मिसाइलों की कुछ क्षेत्रों के नजदीक तैनाती एक नये जियो-पॉलिटिकल टेंशन को जन्म दे सकता है। रूस और चीन जैसे देशों ने अपनी सीमाओं के पास THAAD या एजिस बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों की तैनाती पर कड़ी आपत्ति जताई है, उनका दावा है कि ये प्रणालियां उनकी सुरक्षा को कमजोर करती हैं और उनके क्षेत्रों के भीतर मिसाइल कार्यक्रमों की निगरानी करती हैं।
दक्षिण कोरिया में THAAD सिस्टम की तैनाती के जवाब में, चीन ने इसका कड़ा विरोध किया था। बीजिंग ने चिंता जताई है, कि इन प्रणालियों का उपयोग खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। जबकि बीजिंग को इस बात का डर नहीं है कि THAAD बैटरी सीधे उसकी मिसाइलों को निशाना बना सकती है- क्योंकि यह प्रणाली केवल अंतिम चरण में मिसाइलों को रोकती है, बल्कि चीन की चिंताएं AN/TPY-2 रडार को लेकर है, क्योंकि इसकी सर्विलांस टेक्नोलॉजी काफी ज्यादा एडवांस है।
यह शक्तिशाली रडार, THAAD प्रणाली का एक अभिन्न अंग है और विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के X-बैंड में संचालित होता है और इसकी सीमा 1,500 से 2,000 किलोमीटर है। ऐसा माना जाता है कि यह चीनी क्षेत्र के भीतर मिसाइल प्रक्षेपण और अन्य गतिविधियों की निगरानी करने में सक्षम है। इससे यह आशंका बढ़ गई है, कि रडार का इस्तेमाल रक्षा के बजाय निगरानी के लिए किया जा सकता है।












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