अमेरिका बोला-अफगानिस्तान में सैन्य अभियान जारी, सैनिकों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
वाशिंगटन, 30 अगस्त: अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पूरे देश की स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में हाल ही में काबुल एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमले में 180 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल थे। इस पूरे हमले की साजिश को ISIS-K यानी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट-खुरासान ने अंजाम दिया था। जिसके बाद अमेरिका ने बदला लेते हुए पहले शनिवार को ड्रोन स्ट्राइक में दो ISIS-K के हाई प्रोफाइल आतंकियों को ढेर कर दिया था। वहीं उसके अगले दिन यानी रविवार को अमेरिकी सेना ने एक वाहन में एक आत्मघाती हमलावर (सुसाइड बॉम्बर) को अपने रॉकेट से निशाना बनाया, जो काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला करना चाहता था।

वहीं अब सोमवार को वाशिंगटन में प्रेस ब्रीफिंग में अमेरिकी सेना के मेजर जनरल विलियम हैंक टेलर ने बताया कि काबुल में रहने वाले सैनिकों की सुरक्षा की प्राथमिकता के साथ अफगानिस्तान में सैन्य अभियान जारी है। रविवार को अमेरिकी सैन्य बलों ने एक वाहन पर ओवर-द-होरीजन हवाई हमला किया था, जिससे ISIS-K का खतरा एयरपोर्ट के करीब से खत्म हो गया।
विलियम हैंक के मुताबिक सेल्फ डिफेंस स्ट्राक में काबुल एयरपोर्ट के पास टारगेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। निशाना बनाए गए वाहन में विस्फोटक की भारी मात्रा में मौजूदगी के संकेत थे। अमेरिकी सेना मेजर ने बताया कि हम नागरिक हताहतों की रिपोर्ट मालूम हैं, हम इन रिपोर्टों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और हम स्थिति का आकलन करना जारी रखते हैं।
आपको बता दें कि काबुल एयपोर्ट के गेट पर हुए बम धमाकों की जिम्मेदारी आईएसआईएस-के ने ली थी, जिसमें करीब 180 लोगों की जान चली गई थी, मृतकों में 13 अमेरिकी सैनिक भी थे, जो अफगानिस्तान से एयरलिफ्ट हो रहे लोगों की सुरक्षा और एयरपोर्ट की रक्षा की जिम्मेदारी संभाले हुए थे। इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साफ कहा था कि जो भी इस हमले में लिप्त होंगे, उनको बख्शा नहीं जाएगा।












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