भारत-चीन संघर्ष पर अमेरिका का आया बयान, जानिए क्या व्हाइट हाउस और पेंटागन ने भारत का साथ दिया?
विशेषज्ञों का मानना है कि, गलवान घाटी संघर्ष के बाद पश्चिमी देशों ने भारत का खुलकर साथ नहीं दिया था और चीन की आलोचना नहीं की थी। वहीं, भारत अब किसी भी संघर्ष को अपने बूते जवाब देने की रणनीति पर चल रहा है।
US ON India-China Tawang Clash: अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीनी सैनिकों के बीच 9 दिसंबर को हुए संघर्ष के बाद अब अमेरिका का बयान आया है। भारत के लिए अमेरिका का बयान काफी अहम माना जा रहा था और ऐसा इसलिए, क्योंकि यूक्रेन मुद्दे को लेकर जब भारत ने रूस की आलोचना नहीं की, तो अमेरिका की तरफ से नाराजगी दिखाई गई थी। जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्री ने भी साफ किया था, कि भारत को चीन के मुद्दे पर पश्चिमी देशों का साथ नहीं मिला है। वहीं, एक्सपर्ट्स का भी कहना है, कि पश्चिमी देशों ने गलवान संघर्ष के बाद भी सीधे तौर पर भारत का साथ नहीं दिया था।

अमेरिका ने संघर्ष पर क्या कहा?
व्हाइट हाउस ने मंगलवार (9 दिसंबर) को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाल ही में हुए आमने-सामने की झड़प पर टिप्पणी की और कहा कि, यह जानकर खुशी हुई है कि तनाव जल्द ही समाप्त हो गया। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने कहा कि, "अमेरिका स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और भारत और चीन को विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा चैनलों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है"। व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा कि, "हम यह जानकर खुश हैं, कि दोनों पक्ष झड़प से जल्दी अलग हो गए हैं। हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हम विवादित सीमाओं पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों का उपयोग करने के लिए भारत और चीन को प्रोत्साहित करते हैं। फिर से, हमें यह देखकर खुशी हुई कि, दोनों संघर्ष से जल्द ही अलग हो गये।"

पेंटागन ने क्या कहा?
वहीं, अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है, कि भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जो कुछ भी हो रहा है, उसपर उसकी बारीक नजर है और वो हर डेवलपमेंट पर लगातार नजर रख रहा है। पेंटागन के प्रेस सचिव पैट राइडर ने कहा कि, "हमने देखा है कि, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) सैनिकों को इकट्ठा करना जारी रखे हुए है और तथाकथित एलएसी पर सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण करना जारी रखे हुआ है।" पेंटागन ने कहा कि, "अमेरिकी सहयोगियों और इंडो-पैसिफिक में हमारे भागीदारों के लिए ये जरूरी हो जाता है, कि वो पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना की बढ़ती इस तरह की प्रवृति को प्वाइंट करे और निर्देशित क्षेत्र में खुद को मुखर और सक्रिय करे।" पेंटागन के प्रेस सचिव पैट राइडर ने आगे कहा कि, "हम अपने भागीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग बने रहेंगे। हम स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारत के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं।"

भारतीय सीमा में थी घुसने की कोशिश
आपको बता दें कि, 9 दिसंबर को भारतीय सेना की तीन इकाइयों ने 300 से ज्यादा चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया, जो भारतीय सैनिकों पर हमला करने के लिए लाठी और अन्य उपकरणों से लैस होकर आए थे। लेकिन, भारतीय सैनिकों ने उन्हें पहले ही रोक लिया और फिर दोनों देशों के सैनिकों में झड़प हुई। जिसके बाद चीनी सैनिकों को पीछे हटना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सैनिक किसी भी संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार थे और भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि, इस संघर्ष में कुछ भारतीय सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं और कोई भी सैनिक नहीं मारा गया है। वहीं, चीन ने कहा कि सीमा पर स्थिति स्थिर है और उसने आमने-सामने की झड़प को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।

यूएन ने शांति का किया आह्वान
वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत-चीन सीमा पर डी-एस्केलेशन का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कहा कि, "हम डी-एस्केलेशन का आह्वान करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उस क्षेत्र में तनाव न बढ़े।" वहीं, निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष डोलमा त्सेरिंग तेयखांग ने कहा कि, सीमा पर तनाव के लिए चीन केवल भारत को ही जिम्मेदार ठहराएगा।
-
बांग्लादेश के राजदूत रियाज़ हामिदुल्लाह ने भारत के साथ संवेदनशील मुद्दों के सौहार्दपूर्ण समाधान का आह्वान किया। -
Middle East Crisis पर PM मोदी ने CM संग बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, क्या है सरकार का 7 एम्पावर्ड ग्रुप्स प्लान? -
Hormuz China ships: ईरान ने चीन को दिया बड़ा झटका, होर्मुज में 2 बड़े चीनी जहाजों को खदेड़ा, टूट गई दोस्ती? -
Petrol Diesel Shortage Fact Check: सच में भारत के पास अब सिर्फ दो दिन का पेट्रोल बचा है? या 60 दिन का बैकअप? -
Uttar Pradesh LPG Cylinder Price Today List: गैस सिलेंडर Lucknow में कितना महंगा? 39 जिलों में कितना है रेट? -
Lucknow Petrol Crisis: पेट्रोल की किल्लत? बाइक में सिर्फ ₹200-कार में ₹1000 का तेल! DM बोले- मांग 35% बढ़ी -
Trump China Visit: युद्ध के माहौल में चीन दौरे पर जा रहे हैं ट्रंप, 14-15 मई को बीजिंग में 'ग्रैंड डील'












Click it and Unblock the Notifications