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अमेरिका के तीन प्लान, गाजा में स्थाई युद्धविराम? UNSC में प्रस्ताव पास, हमास ने किया स्वागत, मानेगा इजराइल?

Gaza Ceasefire Resolution: यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) ने अमेरिका की तरफ से पेश किए गये युद्धविराम प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उसे पास कर दिया है, जिसका मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच आठ महीने से चल रही लड़ाई को खत्म करना है।

यूनाइटेड नेशंस में अमेरिका ने युद्धविराम को लेकर प्रस्ताव पेश किया था, जिसे 14-0 के प्रस्ताव से पास किया गया है, हालांकि रूस ने मतदान से बाहर रहने का विकल्प चुना।

Gaza Ceasefire Resolution

यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में अमेरिका के उस प्रस्ताव को पेश किया गया था, जिसे पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सार्वजनिक किया था, जिसमें 3 चरणों में गाजा पट्टी में युद्धविराम लाने की बात कही गई थी। जिसके तहत शुरुआती छह हफ्ते के युद्ध विराम और गाजा में हमास की कैद में मौजूद इजरायली बंदियों रिहाई और इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में देने की बात कही गई थी।

वहीं, दूसरे चरण में स्थायी युद्ध विराम और हमास की कैद में मौजूद बाकी सभी इजराइली बंदियों की रिहाई शामिल है। वहीं, तीसरे चरण में तबाह हो चुके गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए प्लान तैयार करना है।

युद्धविराम का प्रस्ताव मानेंगे इजराइल-हमास?

अमेरिका का कहना है, कि इजरायल ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, लेकिन कुछ इजरायली अधिकारी युद्धविराम प्रस्ताव के खिलाफ हैं और वो तब तक युद्ध जारी रखने का आह्वान कर रहे हैं, जब तक हमास का पूरी तरह से खात्मा ना हो जाए और पूरे गाजा पट्टी पर इजराइल का नियंत्रण ना हो जाए।

लेकिन, अच्छी बात ये है, कि हमास ने यूएनएससी में पेश किए गये अमेरिका के प्रस्ताव को मान लिया है और उसने प्रस्ताव पास होने का स्वागत भी किया है। हमास ने पहले कहा था, कि राष्ट्रपति बाइडेन ने जो प्रस्ताव पेश किया है, वो उसे 'सकारात्मक' नजरिए से देखता है। इस प्रस्ताव में इजराइल और हमास से कहा गया है, कि वो बिना किसी देरी के तत्काल प्रस्ताव को स्वीकार करे और बिना किसी शर्त के इसे लागू करे। हमास ने कहा है, कि वो प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए तैयार है। लेकिन, असल सवाल ये है, कि क्या हमास की कैद में जो भी इजराइली बंधक हैं, क्या वो उन्हें सुरक्षित रिहा करेगा।

UNSC में मतदान के बाद एक बयान में, हमास ने कहा है, कि वह मध्यस्थों के साथ सहयोग करने और समझौते के सिद्धांतों को लागू करने के लिए अप्रत्यक्ष बातचीत में करने के लिए तैयार है।

वहीं, अलजजीरा की एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि "यूएनएससी ने प्रस्ताव को "भारी बहुमत से पारित किया है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून में बाध्यकारी है।"

रिपोर्ट में कहा गया है, कि "इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है, कि क्या इसे लागू किया जाएगा? अमेरिका ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है, कि इजरायल इस प्रस्ताव पर सहमत हो गया है। इसलिए इजरायल पर इसका पालन करने का काफी दबाव है।"

अमेरिकी उप राजदूत रॉबर्ट वुड ने पहले संवाददाताओं से कहा था, कि अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है, कि सभी 15 यूएनएससी सदस्य इस प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तैयार हों।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था, कि बाइडेन ने प्रस्ताव के केवल कुछ हिस्से ही पेश किए हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि हमास की सैन्य और शासन क्षमताओं को खत्म करने से पहले स्थायी युद्धविराम की कोई भी बात बेकार है।

Gaza Ceasefire Resolution

जबकि, हमास ने कहा है, किसी भी समझौते पर तभी पहुंचा जा सकता है, जब गाजा पट्टी से इजराइली सैनिकों की पूरी तरह से वापसी हो जाए, इजराइल ने गाजा पट्टी की जो घेराबंदी कर रखी है, उसे खत्म किया जाए, गाजा के पुननिर्माण को लेकर प्लान पेश हो, इजराइल की जेलों में बंद हमास के लोगों की रिहाई और हमास के कब्जे में मौजूद इजराइल के लोगों की अदलाबदली को लेकर ठोस बात हो।

आपको बता दें, कि इससे पहले UNSC ने 25 मार्च को एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें मुस्लिमों के लिए पवित्र महीने रमजान के दौरान गाजा में मानवीय युद्ध विराम की मांग की गई थी, उसे इजराइल ने खारिज कर दिया था और यूएनएससी के उस प्रस्ताव में अमेरिका ने भाग नहीं लिया था। और इजराइल ने गाजा पट्टी पर हमला करना जारी रखा।

Gaza Ceasefire Resolution

यूएनएससी में Three-phase plan क्या है?

31 मई को बाइडेन ने नए युद्ध विराम प्रस्ताव की घोषणा की थी, जिसमें कहा गया था, कि इसकी शुरुआत 6 हफ्ते के युद्ध विराम से होगी और फिलिस्तीनी कैदियों के बदले गाजा में बंद कैदियों की रिहाई, गाजा के आबादी वाले इलाकों से इजरायली सेना की वापसी और क्षेत्र के सभी इलाकों में फिलिस्तीनी नागरिकों की वापसी होगी।

प्रस्ताव में कहा गया, कि "यदि पहले चरण के लिए वार्ता छह हफ्ते से ज्यादा समय लेती है, तो युद्ध विराम तब तक जारी रहेगा, जब तक वार्ता जारी रहेगी।"

पहले चरण में "पूरे गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर" मानवीय सहायता पहुंचान, मानवीय मदद को सुरक्षित तरह से लोगों तक पहुंचाना आवश्यक किया जाए, जिसके बारे में बाइडेन ने कहा, कि इस प्रस्ताव के तहत गाजा पट्टी में हर दिन मदद के लिए600 ट्रक गाजा में प्रवेश करेंगे।

दूसरे चरण में, प्रस्ताव में कहा गया है, कि इजरायल और हमास के बीच समझौते से, "गाजा में अभी भी मौजूद सभी अन्य बंधकों की रिहाई और गाजा से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी के बदले में शत्रुता का स्थायी अंत" होगा।

तीसरे चरण में "गाजा के लिए एक प्रमुख बहु-वर्षीय पुनर्निर्माण योजना और गाजा में अभी भी मौजूद सभी मृतक बंधकों के अवशेषों को उनके परिवारों को वापस करना" शुरू किया जाएगा।

यह प्रस्ताव यूएनएससी की "बातचीत के माध्यम से टू-स्टेट सॉल्यूशन के मकसद को हासिल करने के लिए अटूट प्रतिबद्धता" को दोहराता है, जिसके तहत दो लोकतांत्रिक राज्य, इजरायल और फिलिस्तीन, का निर्माण होगा, जिसके तहत दोनों देशों की सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाएं होंगी और दोनों देश शांति से एक साथ रह सकते हैं।

लेकिन इस प्रस्ताव में "फिलिस्तीनी प्राधिकरण के शासन के तहत गाजा पट्टी को पश्चिमी तट के साथ एकीकृत करने के महत्व" पर भी जोर दिया गया है, जिस पर नेतन्याहू की सरकार सहमत नहीं है। इजरायल के विदेश मंत्रालय के पूर्व निदेशक एलन लील ने कहा, कि इजरायल सरकार इस प्रस्ताव से "आश्चर्यचकित" है।

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