टिग्रे: साढ़े तीन लाख लोगों पर भुखमरी का संकट

वाशिंगटन, 11 जून। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के प्रमुख डेविड बियस्ली ने इथियोपिया के टिग्रे प्रांत में तत्काल जीवनरक्षक सहायता पहुंचाने के लिए रास्तों को खोले जाने का आग्रह किया है. सरकारी सुरक्षा बलों और हथियारबंद गुटों के बीच लड़ाई जारी रहने से, हिंसा प्रभावित इलाके में साढ़े तीन लाख लोगों पर अकाल का खतरा मंडरा रहा है. यूएन एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रांत के 55 लाख लोगों को तत्काल खाद्य सहायता की जरूरत है.

Provided by Deutsche Welle

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि 2010 से 2012 तक सोमालिया में आए अकाल के बाद टिग्रे में खाद्य संकट सबसे खराब है. सोमालिया में उस दौरान ढाई लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई थी उनमें से आधे से अधिक बच्चे थे.

दुनिया को चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता के प्रमुख मार्क लोकॉक ने जी7 समूह के प्रतिनिधियों की वर्चुअल बैठक में चेतावनी दी कि "टिग्रे में अब अकाल" है. लोकॉक ने चेतावनी दी कि "यह बहुत खराब होने वाला है." लेकिन साथ ही कहा कि तत्काल कार्रवाई के साथ "सबसे खराब को अभी भी टाला जा सकता है."

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन, संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम और यूनिसेफ ने 10 जून को नई चेतावनी दी कि अन्य 20 लाख लोग "तत्काल कार्रवाई के बिना बहुत जल्द ही भुखमरी से मर सकते हैं." वहीं संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख डेविड बियस्ली ने कहा कि क्योंकि क्षेत्र के कई हिस्सों में सशस्त्र समूहों ने पहुंच पर रोक लगा दी है, इसलिए ग्रामीण आबादी तक सहायता नहीं पहुंच सकी. एजेंसियों का कहना है कि अगर उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुंच दी जाती है तो वे मदद के लिए तैयार हैं.

संकट के कारण लोगों तक सहायता नहीं पहुंच पा रही है

इथियोपिया सरकार ने पिछले नवंबर में टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) के खिलाफ एक सैन्य अभियान शुरू किया था, जो टिग्रेस प्रांत में सक्रिय है. नतीजतन, क्षेत्र में संघर्ष तेजी से जटिल हो गया है. टीपीएलएफ ने मौजूदा सरकार से पहले तक टिग्रे क्षेत्र में सत्ता संभाली थी.

विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में क्या है?

अंतर्राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (आईपीसी) की गुरुवार को जारी विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में लगभग 3.5 लाख लोग वर्तमान में एक विनाशकारी सूचकांक के तहत जी रहे हैं जो बेहद गंभीर कठिनाइयों की श्रेणी में आता है. 31 लाख लोगों के लिए खाद्य की कमी "संकट" स्तर पर जा पहुंचा है और 21 लाख लोग "आपात" हालात में जी रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, "यह गंभीर संकट संघर्ष के जबरदस्त प्रभावों का परिणाम है, जिसमें लोगों का विस्थापन, आवाजाही पर प्रतिबंध, सीमित मानव पहुंच और रोजगार में कमी शामिल हैं."

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर संघर्ष बढ़ता है या किसी अन्य कारण से मानवीय सहायता बाधित होती है तो टिग्रे के अधिकांश हिस्सों में अकाल का खतरा होगा. हालांकि, इथियोपिया के विदेश मंत्री डेमके मेकोनेन ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि यह झूठी सूचना पर आधारित है.

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीटा फोर के मुताबिक उनका संगठन, साझीदारों के साथ मिलकर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छ जल सेवाओं को मुहैया कराने के प्रयासों मे जुटा है. लेकिन मानवीय रास्ता सुलभ ना होने की वजह से, पहुंच से बाहर टिग्रे के इलाकों में गंभीर कुपोषण का शिकार 33 हजार बच्चों की मौत होने का जोखिम है. उन्होंने कहा, "दुनिया ऐसा होने देने की अनुमति नहीं दे सकती."

इलाके में जारी लड़ाई से व्यापक स्तर पर विस्थापन हुआ है, बड़े पैमाने पर आजीविकाएं ध्वस्त हुई हैं और बुनियादी ढांचे व रोजगार का नुकसान हुआ है.

एए/वीके (एएफपी, एपी, डीपीए)

Source: DW

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