अफ्रीकी और हैती लोगों पर दिए ट्रंप के विवादास्पद बयान को UN राइट्स ने कहा शर्मनाक और नस्लभेद
जेनेवा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अफ्रीकी और हैती देशों के लोगों पर दिए विवादस्पद बयान के बाद यूनाइटेड नेशन्स ह्यूमन राइट्स ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। यूएन ह्यूमन राइट्स ने ट्रंप की टिप्पणी को 'नस्लभेद' की संज्ञा दी है। यूएन ह्यूमन राइट्स ऑफिस ने कहा है कि ट्रंप के अफ्रीकी और हैती लोगों पर दिए बयान से झलकता है कि वे विदेशी लोगों को पसंद बिल्कुल भी नहीं करते हैं। बता दें कि ट्रंप ने हैती और अफ्रीकी देशों के नागरिकों को 'गंदे लोग' कहकर संबोधित किया था।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के प्रवक्ता रूपर्ट कॉलविले ने जिनेवा समाचार ब्रीफिंग को ट्रंप की टिप्पणी को चौंकाने वाली और शर्मनाक बताया है। कॉलविले ने ट्रंप की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आप किसी मुल्क और महाद्वीप को इसलिए 'मलिन' बिल्कुल भी नहीं कह सकते, क्योंकि वे गोरे नहीं है। कॉलवीले ने कहा कि यह मुद्दा एक घटिया भाषा से भी बड़ा है।
ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका क्यों अफ्रीकी और हैती जैसे 'गंदे देशों' के लोगों को शरणार्थी के रूप में स्वीकार करना चाहेगा। इस खबर को सबसे पहले वॉशिंगटन पोस्ट ने पब्लिश की थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालने के बाद शायद पहली बार अफ्रीका महाद्वीप का खुलकर जिक्र किया है। यह अफ्रीकी लोगों के लिए हैरान करने वाला रहा क्योंकि उन्होंने ट्रंप से किसी आपत्तिजनक टिप्पणी की उम्मीद नहीं की थी। अफ्रीकी संघ की प्रवक्ता एबा कालोंडो ने कहा, 'यह हमारे लिए हैरान करने वाली बात है, क्योंकि अमेरिका इस बात का वैश्विक उदाहरण रहा है कि प्रवासी लोग कैसे विविधता और अवसर के मजबूत मूल्यों पर आधारित एक देश बनाते हैं।












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