जापान में भारतीय PM मोदी और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बड़ी बैठक, क्या भारत आने का मिला न्योता?
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बैठक हुई है।

PM Modi Meets Volodymyr Zelensky: जापान के हिरोशिमा शहर में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने गये भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से हुई है।
दोनों नेताओं के इस मुलाकात को लेकर पूरी दुनिया की नजर था। यूक्रेन युद्ध के बाद ये पहला मौका है, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात हुई है। इससे पहले इस साल की शुरुआत में यूक्रेन की उप विदेश मंत्री एमिन दज़ापरोवा ने नई दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने भारत से यूक्रेन की 'शांति योजना' का समर्थन करने का आग्रह किया था।
वहीं, भारत ने कई मौकों पर रूस और यूक्रेन दोनों से पूर्वी यूरोपीय क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया है।
मोदी से मिले जेलेंस्की
यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद पीएम मोदी एक बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात कर चुके हैं। उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दौरान, पिछले साल उन्होंने पुतिन से कहा था, कि यह "युद्ध का युग नहीं है"। पीएम मोदी का ये बयान पूरी दुनिया के लिए एक हेडलाइंस बना था।
वहीं, भारत इस साल जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है, जो इस साल सितंबर में नई दिल्ली में होने वाली है, जिसमें जेलेंस्की शारीरिक तौर पर हिस्सा लेना चाहते हैं और वो उम्मीद कर रहे हैं, कि भारत से उन्हें सम्मेलन में शिरकत करने का आमंत्रण भेजा जाए।
हालांकि, जेलेंस्की को पीएम मोदी ने भारत आने और जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया है या नहीं, फिलहाल उसकी जानकारी नहीं है।
लेकिन, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही भारत ने लगातार बातचीत और कूटनीति पर जोर देना जारी रखा है और शत्रुता को समाप्त करने की मांग की है। इसके साथ ही भारत ने सभी पक्षों से यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
Recommended Video

पीएम मोदी ने इस साल फरवरी में भी यूक्रेन में शांति का आग्रह किया था। नई दिल्ली में जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा था, कि "यूक्रेन में युद्ध की शुरुआत के बाद से, भारत ने इस विवाद को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल करने पर जोर दिया है। भारत किसी भी शांति प्रक्रिया में योगदान देने के लिए तैयार है।"












Click it and Unblock the Notifications