Ukraine में सियासी भूचाल! Zelenskyy के एक्शन के बाद PM Yulia Svyrydenko ने दिया इस्तीफा, कौन संभालेगा कुर्सी?
Ukrainian Prime Minister Yulia Svyrydenko Steps Down: रूस के साथ जारी जंग के बीच यूक्रेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको (Yulia Svyrydenko) ने रविवार (12 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने यूक्रेन की सरकार में नए बदलावों का ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को एक नया और महत्वपूर्ण पद देने का प्रस्ताव दिया है।
आपको बता दें कि, स्विरीडेंको का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है, जब यूक्रेन लगातार रूसी हमलों का सामना कर रहा है। इसके साथ ही, दूसरी ओर रूस के अंदर तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी ड्रोन हमले भी तेज हो गए हैं। इन हालातों में सरकार का पुनर्गठन आने वाले महीनों के लिए यूक्रेन की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना माना जा रहा है।

Yulia Svyrydenko Resign Reason: क्यों दिया यूलिया स्विरीडेंको ने PM पद से इस्तीफा?
यूलिया स्विरीडेंको ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक जारी संदेश में कहा कि मैंने राष्ट्रपति के साथ हमारे देश के सामने मौजूद चुनौतियों, सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए जरूरी बदलावों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ हमारे रिश्तों पर चर्चा की। इस समय, यूक्रेन को और मजबूत बनाने के लिए अपनी सारी ताकत और संसाधनों को एकजुट करना बहुत जरूरी है।
मैं राष्ट्रपति की आभारी हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और हमारी टीम के काम की इतनी तारीफ की। मुझे गर्व है कि मुझे यूक्रेन के आधुनिक इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में सरकार का नेतृत्व करने का सम्मान मिला। मैं यूक्रेनी जमीन की रक्षा करने वाले हर पुरुष और महिला का शुक्रिया अदा करती हूं। हमारे सैनिक ही हमारी ताकत और हमारी आजादी की नींव हैं। मैं पूरी सरकारी टीम का आभारी हूं कि उन्होंने मुश्किल हालात में भी देश की सेवा की।
आगे लिखा कि हमने मिलकर अपने शानदार देश के हर हिस्से का दौरा किया, और खास तौर पर मोर्चे वाले इलाकों पर ध्यान दिया। हमने भारी दबाव के बीच बहुत मुश्किल फ़ैसले लिए, सबसे कड़ा जाड़ा झेला, और दुश्मन को कभी भी हमारे देश की धड़कन, यानी हमारी अर्थव्यवस्था, को रोकने नहीं दिया। राष्ट्रपति और मैंने आगे के कदमों पर भी चर्चा की। मैं यूक्रेनी देश की सेवा करने और यूक्रेन की स्थिति को मजबूत करने, हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और एक न्यायपूर्ण शांति लाने के मकसद से हर काम को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार हूं। हालांकि, उन्होंने अपने नए पद का खुलासा नहीं किया।
Zelenskyy की बदली रणनीति के पीछे क्या वजह?
जेलेंस्की ने होने वाले फेरबदल के बारे में बताते हुए कहा, 'यूक्रेन अब अपनी राजनीतिक रणनीति को नए सिरे से लागू करेगा। विदेश नीति के प्रत्येक प्राथमिकता वाले क्षेत्र की जिम्मेदारी पर्याप्त अनुभवी वाले एक खास व्यक्ति को सौंपा जाएगी, जो नेताओं के स्तर पर सहमत बातों को लागू करने और यूक्रेनी लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम हो।'
जेलेंस्की ने संकेत दिया कि सिर्फ मंत्रिमंडल ही नहीं, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के टॉप लेवल पर भी बड़े बदलाव होंगे। घोषणा के बाद जेलेंस्की ने कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिनमें ऊर्जा मंत्री डेनिस शमिहाल, आंतरिक मंत्री इहोर क्लिमेंको और रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव शामिल थे। यह बड़ा बदलाव, जिसके बारे में जेलेंस्की ने अभी तक विस्तार से नहीं बताया है, रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद से उनकी सरकार का चौथा बड़ा पुनर्गठन होगा। यूक्रेन रूसी तेल साइटों पर हमले जारी रखे हुए है।
Who Is Yulia Svyrydenko: कौन हैं यूलिया स्विरीडेंको?
यूलिया अनातोलीयेवना स्विरीडेंको का जन्म 25 दिसंबर 1985 को चेर्निहिव (Chernihiv), यूक्रेन (तत्कालीन सोवियत संघ) में हुआ। 39 साल की उम्र में 17 जुलाई 2025 से यूक्रेन की 19वीं प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में आईं। इससे पहले, वह 2021 से पहली उप प्रधानमंत्री और आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री थीं। उन्होंने यूक्रेन और अमेरिका के बीच एक खनिज समझौते को पक्का करने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसे अमेरिका के हितों को यूक्रेन की सुरक्षा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण तरीका माना जाता है।
कीव नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ ट्रेड एंड इकोनॉमिक्स से यूलिया ने 2008 में एंटी-मोनोपॉली मैनेजमेंट (Antimonopoly Management) में मास्टर डिग्री हासिल की। इसके बाद, यूलिया ने आर्थिक नीति, व्यापार और सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े कई पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी पूरे किए। इनके परिवार में पति सेरही डेरलेमेंको (Serhiy Derlemenko) है, वे भी राजनीति से जुड़े रहे हैं। दंपति की एक बेटी भी है, जिसका नाम सार्वजनिक नहीं है।
Ukraine New PM Candidates Race: PM बनने की रेस में 4 उम्मीदवार कौन?
- 1. सेरही कोरेत्स्की (Serhii Koretskyi): यह एक सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके पास, नेफ्टोगाज के CEO, उक्रनाफ्टा के निदेशक, ऊर्जा क्षेत्र में लंबा अनुभव और युद्धकाल में ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने का अनुभव है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की उनसे मुलाकात भी कर चुके हैं।
- 2. डेनिस श्मिहाल (Denys Shmyhal): वर्तमान में ऊर्जा मंत्री हैं। पहले भी प्रधानमंत्री रह चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव काफी मजबूत माना जाता है। युद्धकालीन प्रशासन का व्यापक अनुभव।
- 3. मायखाइलो फेडोरोव(Mykhailo Fedorov): वर्तमान रक्षा मंत्री (रिपोर्ट के अनुसार) तकनीक और डिजिटल प्रशासन में विशेषज्ञ रहे हैं। आधुनिक सैन्य और डिजिटल सुधारों के समर्थक भी हैं।
- 4. इहोर तेरेखोव(Ihor Terekhov): यह चौथा और आखिरी नाम चर्चा में है। वर्तमान में इहोर खार्किव के मेयर हैं। युद्ध के दौरान शहर के प्रबंधन के कारण अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। स्थानीय प्रशासन और पुनर्निर्माण में अनुभव।
रूस पर यूक्रेन के हमले तेज किए
इसी बीच दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे पर ड्रोन हमले और तेज कर दिए हैं। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी रूस में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, जबकि कीव की सेनाएं रूस की तेल सुविधाओं पर लगातार हमले कर रही थीं। रूस के समारा क्षेत्र के प्रमुख, गवर्नर व्याचेस्लाव फेडोरिशचेव ने कहा कि घायलों में एक बच्चा भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि हमले में रिहायशी घरों और अपार्टमेंट की इमारतों के साथ-साथ एक अज्ञात 'औद्योगिक स्थल' को भी नुकसान पहुंचा है। रूसी मीडिया ने खबर दी कि हमले का निशाना क्षेत्र की सिजरान तेल रिफाइनरी थी। कई लोगों ने ऐसी तस्वीरें साझा कीं, जिनमें साइट के ऊपर काले धुएं के गुबार उठते हुए दिखाई दे रहे थे। यह रिफाइनरी, जो तेल और गैस की दिग्गज कंपनी रोसनेफ्ट की है और सीमा से लगभग 800 किलोमीटर (500 मील) पूर्व में स्थित है, कीव की सेनाओं का लगातार निशाना रही है।
इस बीच, रूस के रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने कहा कि अजोव-काला सागर समुद्री नहर में ड्रोन हमले में एक टैंकर क्षतिग्रस्त हो गया। स्ल्यूसर ने बताया कि टैंकर खाली था और तेल रिसाव का कोई खतरा नहीं है। रूस भर में तेल रिफाइनरियों और अन्य बुनियादी ढांचे पर यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने बड़े पैमाने पर ईंधन संकट पैदा कर दिया है, जिससे कई क्षेत्रों में गैसोलीन की कमी और राशनिंग की स्थिति बन गई है और वाहन चालकों को अपनी टंकियां भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।













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