Ukraine War: यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए US-रूस ने मिलाया हाथ! गठित की टीमें, अब क्या होगा अगला कदम?
Ukraine War Peace Talks: अमेरिका और रूस ने यूक्रेन युद्ध को 'जल्द से जल्द' खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने मंगलवार (18 फरवरी) को रियाद में हाई लेवल मीटिंग के बाद शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए टीमें नियुक्त की हैं।
विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने यूक्रेन संघर्ष को 'जितनी जल्दी हो सके, ऐसे तरीके से समाप्त करने के लिए उच्च स्तरीय टीमों की नियुक्ति की है जो स्थायी, सतत और सभी पक्षों को स्वीकार्य हो।'

वहीं, वाशिंगटन और मॉस्को ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में 'परेशानियों' को दूर करने पर भी सहमति जताई, जो एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक विकास को दर्शाता है। यह प्रक्रिया यूक्रेन में रूस (Russia)के युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों से शुरू होगी। हालांकि, यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और इसे लागू होने में समय लग सकता है। आइए जानते हैं विस्तार से बैठक में क्या-क्या हुआ...
क्या हुआ अमेरिका-रूस वार्ता में?
- स्थान: रियाद, सऊदी अरब
बैठक का उद्देश्य:
- यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रणनीति तैयार करना
- अमेरिका-रूस द्विपक्षीय संबंधों में सुधार लाना
- स्थायी और सभी पक्षों को स्वीकार्य समाधान खोजना
यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की रणनीति क्या है?
- यूक्रेन और रूस के बीच कूटनीतिक वार्ता शुरू कराना।
- एक स्थायी समाधान निकालना, जो सभी पक्षों को स्वीकार्य हो।
- युद्ध क्षेत्र में सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करना।
- अमेरिका-रूस के रिश्तों में आई खटास को कम करना।
क्या कहा रूस-अमेरिका ने?
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि बातचीत उपयोगी रही और दोनों देशों ने एक-दूसरे की चिंताओं को सुना। हम द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए तैयार हैं। वहीं, अमेरिकी प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि फोन कॉल से शांति स्थापित नहीं हो सकती। हमें स्थायी समाधान के लिए और प्रयास करने होंगे।
क्या ट्रंप-पुतिन की बैठक होगी?
- फिलहाल ट्रंप और पुतिन की मुलाकात की कोई तारीख तय नहीं की गई है।
- रूस और अमेरिका इस पर अभी विचार कर रहे हैं, लेकिन जल्द बैठक हो सकती है।
- ट्रंप प्रशासन रूस से बेहतर संबंध बनाने की कोशिश कर रहा है।
क्या यह पहल युद्ध को खत्म कर पाएगी?
- यूक्रेन को इस वार्ता में शामिल नहीं किया गया, जिससे राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की नाराज हो सकते हैं।
- यूरोपीय देश इस पहल को संदेह की नजर से देख रहे हैं।
- अगर वार्ता सफल होती है, तो यह युद्ध को रोकने की दिशा में बड़ा कदम होगा।












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