Ukraine-Russia News Update: यूक्रेन पर रूस के हमले के तीसरे दिन क्या-क्या हुआ? जानिए सारे अपडेट्स
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार देर रात अपने बंकर से एक वीडियो लिंक-अप में यूरोपीय संघ के नेताओं से कहा कि यह आखिरी बार हो सकता है जब उन्हें जीवित देखा जा रहा हो।
कीव/मॉस्को, फरवरी 26: यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के तीसरे दिन रूसी सेना शनिवार को देश की राजधानी कीव की ओर बढ़ रही है, जिसको लेकर यूक्रेनी अधिकारियों ने राजधानी कीव के निवासियों को घर के अंदर या शेल्टर होम में रहने की चेतानी जारी कर दी है। राजधानी कीव में धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है और यूक्रेनी राष्ट्रपति ने देश छोड़कर भागने से इनकार कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने देश से दुश्मनों के खिलाफ "दृढ़ता से खड़े" होने की अपील करते कहा कि, "यूक्रेन के भाग्य का फैसला अभी किया जा रहा है"।

‘आज रात तूफान आएगा तूफान’
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार देर रात अपने बंकर से एक वीडियो लिंक-अप में यूरोपीय संघ के नेताओं से कहा कि यह आखिरी बार हो सकता है जब उन्हें जीवित देखा जा रहा हो। उन्होंन कहा कि, आज रात राजधानी में 'तूफान' आने वाला है। यूक्रेनी राष्ट्रपति के साथ उनके प्रधानमंत्री भी साथ थे और उन्होंने युद्धविराम करने की भी अपील की और उन्होंने कहा कि, 'आज रात वो तूफान लाएंगे और हमें आज की रात को झेलना होगा'
राष्ट्रपति ने भागने से किया उनकार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमोर जेलेंस्की ने अमेरिका का देश छोड़कर निकल जाने का ऑफर ठुकराने का ऐलान कर दिया है और उन्होंने दो टूक कहा है कि, वो किसी भी कीमत पर देश छोड़कर नहीं जाएंगे। अमेरिका के देश छोड़कर निकल जाने के ऑफर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा है कि, वो रूस से आखिरी दम तक मुकाबला करते रहेंगे और उन्हें लड़ने के लिए और भी ज्यादा गोला-बारूद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि, वो किसी भी हाल में देश छोड़कर नहीं भागेंगे। आपको बता दें कि, इससे पहले कुछ मीडिया खबरें आईं थीं, जिसमें कहा गया था कि, यूक्रेन के राष्ट्रपति ने देश छोड़ दिया है, जिसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति यूक्रेन की सड़कों पर आ गये और वहां से उन्होंने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने आखिरी दम तक यूक्रेन में ही रहने की बात कही है।

यूएनएससी में बैठक बेनतीजा
यूक्रेन के खिलाफ रूस की "आक्रामकता" पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संयुक्त राज्य अमेरिका ने युद्ध फौरन रोकने और रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया था, लेकिन रूस के द्वारा वीटो लगाए जाने के बाद प्रस्ताव गिर गया। वहीं, वोटिंग के दौरान भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात ने गैर-हाजिर रहा और भारक ने जंग की आलोचना करते हुए मतभेदों और विवादों को निपटाने का एकमात्र तरीका डिप्लोमेटिक बातचीत को बताया। भारत ने यूक्रेन युद्ध को लेकर 'अफसोस' भी जताया। वहीं, वोटिंग के दौरान 11 वोट रूस के खिलाफ, जबकि एक वोट रूस के समर्थन में पड़े। कुल मिलाकर यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में रूस के खिलाफ प्रस्ताव का कोई नतीजा नहीं निकला।

युद्ध में कितने सैनिक मारे गये?
यूक्रेन युद्ध में अभी तक कितने सैनिक मारे गये हैं, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। लेकिन, युद्ध के पहले दिन यूक्रेनी राष्ट्रपति ने 137 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी। वहीं, ब्रिटेन की तरफ से जारी एक आंकड़ों में कम से कम 450 रूसी सैनिक और 194 यूक्रेनी (सैनिक और नागरिक) लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। जबकि, रूस ने दावा किया है कि, उसने अब तक 211 यूक्रेनी सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है, जबकि यूक्रेन ने दावा किया है कि, 80 टैंक, 516 बख्तरबंद गाड़ियां, 7 हेलीकॉप्टर, 10 एयरक्राफ्ट और 20 क्रूज मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।

रूस पर प्रतिबंधों की बारिश
संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय संघ ने राष्ट्रपति पुतिन और उनके विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पर प्रतिबंध लगा दिए हैं, और उन्हें यूक्रेन पर मास्को के "अकारण और गैरकानूनी" आक्रमण के लिए "सीधे जिम्मेदार" ठहराया है। यूरोपीय संघ भी सर्वसम्मति से उनकी संपत्ति को फ्रीज करने पर सहमत हुआ है। वहीं, व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने संकेत दिया कि अमेरिकी प्रतिबंधों में यात्रा प्रतिबंध भी शामिल होगा। वहीं, यूरोपीय संघ के मंत्रियों ने कहा है कि अभी भी और प्रतिबंध संभव हैं, जिसमें रूस को SWIFT से बाहर करना शामिल है, जो वैश्विक वित्तीय लेनदेन के लिए प्रमुख प्रणाली है।

यूक्रेन का जोरदार पलटवार
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की राजधानी कीव से 85 किमी दक्षिण में बिला त्सेरकवा के पास एक दूसरे रूसी इलुशिन आईएल-76 सैन्य परिवहन विमान को मार गिराया गया है। वहीं, एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि, शुक्रवार को यूक्रेन की सेना ने कहा कि उसने पैराट्रूपर्स के साथ एक रूसी सैन्य परिवहन विमान को मार गिराया है। सेना के जनरल स्टाफ के एक बयान के अनुसार, पहले Il-76 भारी परिवहन विमान को कीव के दक्षिण में एक शहर वासिलकिव के पास मार गिराया गया था।

आगे बढ़ रही है रूसी सेना
वहीं, रूसी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने उत्तरपूर्वी यूक्रेन के सूमी और कोनोटोप शहरों को घेर लिया है, लेकिन "नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है"। रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने कहा कि उनके बलों ने अब तक 211 यूक्रेनी सैन्य प्रतिष्ठानों को बर्बाद कर दिया है, जिसमें 17 कमांड सेंटर, 19 वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम, 39 रडार यूनिट, 67 टैंक और छह युद्धक विमान शामिल हैं। शुक्रवार की देर रात, रूसी सेना ने कहा कि उसने आज़ोव सागर के पास एक शहर मेलिटोपोल पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, रूसी दावे को तुरंत स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है।

बाइडेन सरकार ने दिया पैकेज
वहीं, यूक्रेन संकट के दौरान अमेरिका ने युद्धग्रस्त देश की मदद के लिए 350 मिलियन डॉलर की मदद देने की घोषणा की है, जिसस यूक्रेन लड़ाई के लिए फौरन हथियार खरीद सकेगा। अमेरिका ने कहा है कि, इन पैसों के जरिए यूक्रेन अपने नागरिकों की मदद, उनकी देखभाल के अलावा मिलिट्री पर भी खर्च कर सकता है। आपको बता दें कि, अमेरिका ने अब तक 600 मिलियन डॉलर की मदद यूक्रेन को दी है। वहीं, यूक्रेनी सरकार ने कहा है कि, वो जंग में शहीद हो चुके सैनिकों के परिवार की इन पैसों से मदद करेगा।

भारत सरकार की एडवाइजरी
भारतीय दूतावास की तरफ से जारी नई एडवाइजरी में कहा गया है कि, '' सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सीमा चौकियों पर भारत सरकार के अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय के बिना किसी भी सीमा चौकी पर न जाएं। भारत सरकार ने कहा है कि, बिना किसी पूर्व कॉर्डिनेशन के सीमावर्ती इलाकों में नहीं जाएं और भारत सरकार के अधिकारियो के साथ लगातार संपर्क बनाकर ही बॉर्डर पोस्ट के पास जाएं। भारत सरकार ने हेल्पलाइन नंबर और आपातकालीन नंबर स्थापित किए हैं। सीमावर्ती इलाकों में स्थिति काफी संवेदनशील है और भारतीय दूतावास लगातार पड़ोसी देशों के साथ संपर्क में हैं।''












Click it and Unblock the Notifications