पहली बार रूस के 'घर' में घुसकर हमला, यूक्रेन ने साकी एयरबेस पर मचाई भीषण तबाही, देखिए तस्वीरें
रूस ने भी इस हमले को कमतर आंकने की कोशिश की और पहले इस बात से इनकार कर दिया, कि विस्फोटों में किसी भी विमान को नुकसान पहुंचा है।
क्रीमिया, अगस्त 11: यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के 167 दिन हो चुके हैं और 24 फरवरी को शुरू हुई ये लड़ाई अब छठवें महीने में प्रवेश करने वाला है, लेकिन ये युद्ध कब खत्म होगा, अभी भी कोई नहीं कह सकता है। इस लड़ाई में यूक्रेन बुरी तरह से तबाह हुआ है, लेकिन रूस भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और 5 महीने से ज्यादा वक्त से चल रहे इस युद्ध में पहली बार यूक्रेन ने रूस के घर में घुसकर मारा है और रूस के कई वारक्राफ्ट तबाह कर दिए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है, कि यूक्रेन ने रूस में कितनी बड़ी तबाही मचाई है।

सैटेलाइट तस्वीरों में देखिए तबाही
यूक्रेन ने पहली बार रूस के कब्जे वाले क्षेत्र क्रीमिया में भीषण बमबारी की है और उपग्रह चित्रों के अनुसार, क्रीमिया में साकी एयरबेस पर हाल ही में हुए हमले में कम से कम आठ रूसी युद्धक विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए मालूम होते हैं। बुधवार को कीव ने कहा कि, साकी एयरबेस पर मंगलवार के नाटकीय विस्फोटों के बाद नौ रूसी विमान जमीन पर नष्ट हो गए, रूस की तरफ से एक शख्स की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 14 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। वहीं, इस हमले में दर्जनों घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, कीव ने अब तक आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के एक सलाहकार ने सुझाव दिया कि, विभाजनकारी तत्व इसमें शामिल हो सकते हैं।

रूस का पहले इनकार, फिर इकरार
रूस ने भी इस हमले को कमतर आंकने की कोशिश की और पहले इस बात से इनकार कर दिया, कि विस्फोटों में किसी भी विमान को नुकसान पहुंचा है। रूस ने पहले सिर्फ यह स्वीकार किया था, कि सुविधा में एक भंडारण क्षेत्र में "कई विमानन हथियारों में विस्फोट" हुए हैं। हालांकि, उपग्रह तस्वीरें नोवोफ़ेडोरिव्का में सैन्य अड्डे पर कई लड़ाकू विमानों को तबाह दिखा रही हैं और ऐसा लग रहा है, कि उन विमानों को लक्ष्य बनाकर निशाना बनाया गया छा औक उन्हें सबूतों के साथ उड़ा दिया गया है। अमेरिका स्थित प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरें उस क्षेत्र में भारी तबाही के निशान दिखा रहे हैं और दिख रहा है, कि विमानों के साथ साथ रनवे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्लानेट लैब ने 9 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे, हमले से लगभग चार घंटे पहले और 10 अगस्त को शाम 4 बजकर 40 मिनट पर, यानि हमले के बाद तस्वीरें ली हैं, जिसमें रनवे पर चारों तरफ तबाही दिख रही है।

कैसे और किसने किया हमला?
पहले और बाद की तस्वीरों के आधार को नुकसान की पुष्टि हो गई है, जिससे यह सवाल उठता है, कि फ्रंटलाइन से 100 मील (160 किमी) से ज्यादा की दूरी पर आखिर कैसे हमला किया जा सकता है। ओपन सोर्स इन्वेस्टिगेटिव वेबसाइट बेलिंगकैट के संस्थापक और निदेशक एलियट हिगिंस ने गुरुवार को ट्वीट्स की एक श्रृंखला में कहा कि, "वह उस समय के बारे में नहीं सोच सकते, जब रूस ने हाल की दिनों में एक ही हमले में इतना ज्यादा नुकसान एक ही दिन में झेला हो।' हिगिंस ने यह भी नोट किया है, कि "मैं भंडारण के लिए उपयोग की जाने वाली साइटों पर तीन क्रेटर बना सकता हूं, इसलिए यह हो सकता है कि उन्हें निशाना बनाया गया हो और बाकी सब कुछ तब नष्ट हो गया।' उन्होंने कहा कि, "उन क्रेटरों की व्याख्या करने का एक तरीका लंबी दूरी के गोला-बारूद से सटीक प्रहार है।"

क्या पश्चिमी देशों के हथियार से हुआ हमला?
यूक्रेन में राजनीतिक सूत्रों ने कहा है कि यूक्रेन ने ही सटीक निशाना लगाकर हमला किया है, हालांकि, यूक्रेन की तरफ से आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली गई है। साकी एयरबेस पर Su-30M लड़ाकू विमान, Su-24 बमवर्षक और Il-76 ट्रांसपोर्टर जैसे विमान रखे जाते हैं, जो नियमित रूप से यूक्रेन पर मिसाइल हमले शुरू करने और काला सागर और आसपास के क्षेत्र में गश्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। वहीं, ब्रिटिश रक्षा सचिव बेन वालेस ने बीबीसी को बताया कि, यूके अभी भी एयरबेस पर हुए विस्फोट को लेकर जानकारी जुटा रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि, उनका मानना था कि इसमें पश्चिमी हथियार शामिल नहीं थे। हालांकि, उन्होंने यह भी तर्क दिया, कि ये टारगेट यूक्रेन के लिए एक वैध लक्ष्य था।

क्रीमिया क्षेत्र कैसा है, किसका है?
क्रीमिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेन के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है, लेकिन 2014 में रूस ने हमला करने के बाद उसपर कब्जा कर लिया था। यह दोनों पक्षों के लिए बहुत बड़ा रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व रखता है। क्रेमलिन की मांग है, कि यूक्रेन क्रीमिया को रूस के हिस्से के रूप में मान्यता दे, और लड़ाई को समाप्त करने के लिए इसकी प्रमुख शर्तों में ये एक बड़ी शर्त है, जबकि यूक्रेन ने प्रायद्वीप और अन्य सभी कब्जे वाले क्षेत्रों से रूसियों को हटाने की कसम खाई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच ने गुप्त रूप से कहा कि, विस्फोट या तो यूक्रेन निर्मित लंबी दूरी के हथियारों या क्रीमिया में सक्रिय यूक्रेनी गुरिल्लाओं के कारण हुए होंगे।












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