रूस ने यूक्रेन में किया मानवता शर्मसार, बच्चियों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा, पुतिन से ऐसी उम्मीद नहीं थी...
यूक्रेन की राजधानी कीव के पास एक महापौर और उनके परिवार सहित कम से कम 20 नागरिकों के शव वाली एक सामूहिक कब्र का पता चला है...
मॉस्को/कीव, अप्रैल 04: यूक्रेन में रूसी सैनिकों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं और रूसी सैनिकों ने जो किया है, उसे आतंकवादी हरकत ही कहा जा सकता है। यूक्रेन के कई इलाकों से रूसी सैनिकों ने हटना शुरू कर दिया है और रूसी सैनिकों के हटने के बाद जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो दिल दहलाने वाली हैं। यूक्रेन के शहरों में महिलाओं, बच्चों और बेगुनाह इसानों की लाशें पटी पड़ी हैं और ऐसा लग रहा है, कि रूसी सैनिकों ने महिलाओं से रेप किए हैं और उन्हें बर्बरता से मारा है।

रूसी सैनिकों की बर्बरता
यूक्रेन की संसद की सदस्य लेसिया वासिलेंक ने सोमवार को ट्विटर पर दावा किया कि, रूसी सैनिकों ने 10 साल की उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार किया है और महिलाओं के शरीर जख्मों के निशान बनाए हैं। सांसद ने आरोप लगाते हुए कई तस्वीरें शेयर की हैं, जो काफी भयानक हैं। यूक्रेन की सांसद ने कहा है कि, रूसी सैनिकों ने महिलाओं और बच्चयों के साथ जिस तरह से रेप किए हैं, वो भयानक हैं और उनके प्राइवेट पार्ट्स पर काफी गंभीर जख्म दिए गये हैं, जिसे देखकर आंखों में आंसू आ जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सैनिकों ने महिलाओं के शरीर पर 'स्वास्तिक' की तरह निशान बनाए हैं, जिसे भारत में पवित्र प्रतीक माना जाता है।
अनैतिक अपराध कर रहे रूसी सैनिक
सांसद लेसिया वासिलेंक ने कहा कि, रूसी सैनिक यूक्रेन में लोगों को लूट रहे थे, बलात्कार कर रहे थे और फिर उन्हें मार दे रहे थे। उन्होंने रूस को "अनैतिक अपराधों का देश" बताया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, "रूसी सैनिक लूटते हैं, बलात्कार करते हैं और मारते हैं। स्वस्तिक के आकार की जली हुई महिलाएं। रूसी पुरुषों ने ऐसा किया है। और रूसी माताओं ने उन्हें पाला है। रूस अनैतिक अपराधियों का देश है।" उसने एक तस्वीर भी पोस्ट की जिसमें उसने कहा था कि "एक बलात्कार और हत्या की गई महिला का शरीर" है। यूक्रेन की संसद सदस्य लेसिया वासिलेंक ने लिखा, "मैं अवाक हूँ। मेरा मन क्रोध, भय और घृणा से भरा हुआ है।

बूका में रूसियों की बर्बरता
यूक्रेन की राजधानी कीव के पास एक महापौर और उनके परिवार सहित कम से कम 20 नागरिकों के शव वाली एक सामूहिक कब्र का पता चला है, जिसे रूसी सैनिकों ने दफना दिया था। बूचा शहर से रूसी सैनिकों के बाहर निकलने के बाद अब खुलासे हो रहे हैं, कि रूसी सैनिकों ने किस हद की क्रूरता की है। बुचा शहर के पश्चिम में लगभग 20 मील दूर मोतिज़िन शहर के पास वुडलैंड में सामूहिक कब्र को खोजा गया है और इस इलाके में कई और कब्रों का पता चला है, जहां लोगों की हत्या करने के बाद रूसी सैनिकों ने उन्हें सामूहिक तौर पर दफना दिया था। इन शवों में स्थायीय मेयर ओल्गा सुखेंको का शव भी शामिल हैं, जिन्हें उनके पति और बेटे के साथ दफनाया दिया गया था।
शवों पर जख्म के गहरे निशान
मेयर सुखेंको को उनके परिवार के साथ कम से कम 19 और लोगों के साथ जल्दबाजी में दफनाया गया था और शवों की जांच करने पर पता चला है कि, उनपर काफी गहरे जख्म हैं और ऐसा लग रहा है, कि हत्या करने से पहले उन्हें गहरी यातनाएं दी गई हैं। पास के शहर कोपिलिव के मेयर के अनुसार, मेयर सुखेंको की अंगुलियां और हाथ टूटे हुए पाए गए हैं।

कई यूक्रेनी अधिकारियों की हत्या
वहीं, मोतिज़िन के एक निवासी ने कहा कि रूसी सैनिकों ने कई यूक्रेनी अधिकारियों को मार डाला, जिन्होंने सहयोग करने से इनकार कर दिया था। मेयर और उनके परिवार को अन्य लोगों ने 23 मार्च को रूसियों द्वारा अपहरण और अज्ञात दिशा में ले जाने की सूचना मिली थी। वहीं, राजधानी कीव के बाहरी इलाके में स्थित बुचा शहर में ही एक और कब्र मिला है, और उसे भी जल्दबाजी में बनाया गया था, उसमें 57 नागरिकों की लाशें मिली हैं। बूचा शहर में अभी तक कई सामूहिक कब्र मिल चुके हैं, जिनमें अभी तक 300 से ज्यादा लाशें मिल चुकी हैं।

बर्बरता पर झूठ बोलता मॉस्को
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि रूसी सैनिकों ने बुका में 'जानबूझकर नरसंहार' किया है और उन्हें 'आईएसआईएस से भी बदतर' करार दिया है। जमीन से ली गई तस्वीरों में सड़कों के किनारे सड़ने के लिए छोड़े गए शवों को दिखाया गया है, उनमें से कुछ अपने हाथों से बंधे हुए हैं, अन्य कार के टायरों के ऊपर ढेर हो गए हैं जैसे कि उन्हें जला दिया गया हो।

चश्मदीदों की खौफनाक कहानी
गवाहों ने पुतिन के सैनिकों द्वारा की गई यातना और बलात्कार के भयावह विवरण दिए हैं। यूक्रेनी सेना द्वारा जारी किए गए फुटेज में दिखाया गया है कि, बुका में रूसी सैनिकों द्वारा बैरकों के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली इमारत को 'यातना कक्ष' के तौर पर बनाया गया था, जहां नागरिकों को जानकारी नहीं देने पर मारा गया है। एक ऐसा शव मिला है, जिसे कम से कम एक घंटे तक कड़ी यातना देने के बाद उसके घुटनों में गोली मारी गई थी।

टैंक से शवों को कुचला
बूका शहर के कई नागरिकों ने कहा है कि, रूसी सैनिकों ने कई लोगों की हत्या करने के बाद उनके शवों को टैंक से कुचल दिया, जैसे वो कोई जानवर हों। वहीं, एक चश्मदीद ने बताया कि, उसके एक रिश्तेदार को पूरे परिवार के सामने गोली मार दी गई। वहीं, रूसी सैनिकों की बर्बरता को लेकर पूरी दुनिया में गुस्सा फूट रहा है और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि, 'जब तक न्याय नहीं मिल जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।'

काफी ज्यादा बदतर हालात
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के सलाहकार और यूक्रेन के पूर्व वित्त मंत्री, टायमोफ़ी मायलोवानोव ने कहा कि, इससे भी बदतर अत्याचार कीव के पूर्व में स्थिति ब्रोवरी उपनगर में किए गये हैं और चेर्निहाइव जाने वाली हाइवे से लगने वाले गावों में रूसी सैनिकों ने भीषण अत्याचार किए हैं। मायलोवानोव ने कहा कि शुरुआती चश्मदीदों के गवाहों और जो शुरूआती सबूत मिले हैं, उसमें पता चला है कि, बच्चों को जिंदा जलाया गया है और युवा महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बाद में उन्हें मार दिया गया। वहीं, रूसी सैनिकों की घेराबंदी की वजह से लोगों को अपने पालतू जानवरों को मारकर खाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि, जगह जगह शव बिखरे पड़े हैं और हर तरफ सिर्फ और सिर्फ तबाही है।












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