सिर्फ तीन दिन का बचा खाना और हथियार, यूक्रेन में हार से बचने के लिए पुतिन करेंगे परमाणु बम से प्रहार?
यूक्रेन की सेना ने कहा है कि, कीव के एक उपनगर मकारिव को रूसी सैनिकों के हाथ से छीनने के लिए भीषण संघर्ष जारी है और धीरे धीरे रूसी सैनिकों के कदम उखड़ रहे हैं।
मॉस्को, मार्च 23: यूक्रेन की राजधानी कीव की घेराबंदी करने वाली रूसी सैनिकों को कीव के एक उपनगर से यूक्रेनी सेना ने खदेड़ दिया है और कीव की रूसी घेराबंदी भी अब कमजोर पड़ती जा रही है और अगर वाकई ऐसा है, तो फिर पुतिन की सेना के लिए काफी मुश्किल स्थिति उत्पन्न हो गई है। यूक्रेन के सशस्त्र बलों ने कहा कि मॉस्को ने अपनी 'आक्रामक क्षमता' खो दी है और कीव से 37 मील की दूरी पर स्थित एक शहर मकारिव पर कब्जा बरकरार रखने के लिए अतिरिक्त सैनिकों को बुलाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, दावे किए जा रहे हैं, कि वो रूसी सैनिक.. जो यूक्रेन में जमीनी लड़ाई लड़ रहे हैं, उनके पास अब खाना और हथियार खत्म होने वाला है, जो रूस के लिए बहुत बड़ा झटका है।

कीव के पास मकारिव में संघर्ष
यूक्रेन की सेना ने कहा है कि, कीव के एक उपनगर मकारिव को रूसी सैनिकों के हाथ से छीनने के लिए भीषण संघर्ष जारी है और धीरे धीरे रूसी सैनिकों के कदम उखड़ रहे हैं। यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने दावा किया है कि, 'हमारे रक्षकों की वीर कार्रवाइयों' ने रूसी सैनिकों को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया है, जबकि दक्षिण में एक पलटवार ने पुतिन की सेना को काला सागर के पास एक शहर मायकोलायिव की ओर धकेल दिया है। आज जारी एक बयान में यूक्रेन के सशस्त्र बलों ने कहा कि, 'आक्रामक क्षमता खो देने के बाद रूस की सेना लगातार अपने रिजर्व फोर्स और रिजर्व भंडार का इस्तेमाल कर रही है और उनकी तैनाती की जा रही है और रिजर्व फोर्स और भंडार ज्यादा दिनों के लिए नहीं होता है''।

‘मरने से बचने की कोशिश में रूसी सेना’
वहीं, यूक्रेनी थिंक टैंक, द सेंटर फॉर डिफेंस स्ट्रैटेजीज ने दावा किया कि सुमी के ओख्तिरका क्षेत्र में रूसी सैनिकों ने 'ऑपरेशन क्षेत्र को छोड़ दिया' है, ताकि रेगिस्तानी इलाकों में उनकी मृत्यु ना हो जाएग। वहीं, मकारिव जिले के हावरोंशचिना में रूसियों ने बेलारूस के साथ सीमा की तरफ जाने के लिए स्थानीय लोगों के कारों को चुराया है। कीव के जनरलों ने आज दावा किया है कि, व्लादिमीर पुतिन के सैनिकों के पास यूक्रेन में और तीन दिनों की लड़ाई के लिए केवल पर्याप्त भोजन, ईंधन और गोला-बारूद है, जबकि मारियुपोल में फिर से हमले किए जा रहे हैं, जबकि देश के बाकी हिस्सों में रूसी हमले थम गये हैं।

मारियुपोल पर रूस का कब्जा है जरूरी
इस बीच ब्रिटिश खुफिया एजेंसी ने कहा है कि, मॉस्को द्वारा दक्षिणी शहर मारियुपोल पर कब्जा करने के प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि मारियुपोल पर कब्दा करना पुतिन के लिए एक प्रमुख लक्ष्य के रूप में देखा जाता है। लिहाजा, ब्रिटिश एजेंसियों के आगाह करने के बाद यूक्रेनी सैनिकों ने मारियुपोल की सुरक्षा में काफी तेज संघर्ष शुरू कर दिया है और यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि, देश में कहीं और- जैसे कीव, चेर्निहाइव, सुमी और खार्किव शहरों में भी रूसी सैनिकों को कामयाबी नहीं मिल रही है और रूस की सेना काफी हद तक अपने स्थान पर ही रूकी हुई है। आपको बता दें कि, मारियुपोल बंदरगाव वाला शहर है और यूक्रेन को समुद्र से मारियुल ही जोड़ता है और रूस मारियुपोल पर कब्जा कर यूक्रेन का समुद्र से संपर्क काट देना चाहता है।

अब कीव पर कब्जा कितना मुश्किल?
क्या यूक्रेन के बाकी शहरों पर कब्जा किए बगैर रूस के लिए राजधानी कीव पर नियंत्रण स्थापित करना संभव है? इस सवाल के जवाब पर ब्रिटिश सेना के पूर्व प्रमुख लॉर्ड डैनट ने स्काई न्यूज को बताया कि, रूस 'कीव में एक लंबी लड़ाई के लिए रूसी सेना पहले से ही तैयार थी, लेकिन रूसी सेना का मकसद कीव के बिल्कुल अंदर या फिर केन्द्र तक जाना नहीं था। इससे पहले भी कई रक्षा विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की थी, कि रूसी सेना इस सप्ताह के अंत तक 'परिणाम' तक पहुंच सकती है, लेकिन अब रूसी सैनिकों के पास रसद सामग्री और हथियार खत्म होने लगे हैं, लिहाजा इस वक्त रूसी सैनिक बचाव की मुद्गा में आ गये हैं और कई इलाकों से पीछे हट रहे हैं।

‘शक्ति पुनर्गठन कर रहा है रूस’
हालांकि, ब्रिटिश फोर्स के पूर्व प्रमुख ने कहा कि, अगर रूसी सेना इस वक्त 'संघर्ष विराम' की अवस्था में है, या फिर कीव के उपनगर मकारिव से रूसी सेना का नियंत्रण खत्म होने का सवाल है, तो इसका मतलब ये नहीं है कि, रूस की सेना लड़ाई हार रही है, बल्कि इसका मतलब ये होता है और जो सबूक मिलते हैं, वो यही बताते हैं, कि रूस की सेना अब और भी ज्यादा खतरनाक और क्रूर होकर यूक्रेन पर आक्रमण करेगी। उन्होंने कहा कि, यूक्रेन में जितनी देर तक रूस की सेना फंसी रहेगी, रूस उतना और आक्रामक होता जाएगा। हालांकि, उन्होंने इस बात की भी आशंका जताई है, कि 'युद्ध देर होने की स्थिति में रूस की सेना रासायनिक हथियारों का भी इस्तेमाल कर सकती है।'

...परमाणु युद्ध की धमकी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता पेसकोव ने अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के एंकर क्रिस्टियन अमनपोर से बात करते वक्त परमाणु बम के इस्तेमाल को लेकर ये सनसनीखेज बयान दिया है, जिसमें उनसे पूछा गया था, कि 'आप कितने आश्वस्त हैं, कि पुतिन परमाणु विकल्प का इस्तेमाल नहीं करेंगे।' रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लंबे समय से सहयोगी रहे पेसकोव ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि, रूस अपने अस्तित्व पर कब खतरा मानेगा? लेकिन, रूस के ऊपर जो प्रतिबंध लगाए गये हैं, वो काफी ज्यादा खतरनाक हैं और माना जा रहा है, कि इन प्रतिबंधों की वजह से रूस में भूखमरी की स्थिति पैगा हो सकती है, जबकि रूस अभी भी अपनी बात पर टिका है, कि 'रूस के आसपास वो नाटो को नहीं रहने देगा और यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं होन देगा'।












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