'चक दे इंडिया-मैरी कॉम मुझे प्रेरित करती है', यूरोपीय इंफोर्मेटिव ओलंपियाड में सिल्वर जीतने वाली आन्या गोयल
European Informatics Olympiad: नीदरलैंड में यूरोपियन गर्ल्स ओलंपियाड इन इंफॉर्मेटिक्स (EGOI) टूर्नामेंट में 'टीम इंडिया' के लिए यूके की 17 वर्षीय स्कूली छात्रा आन्या गोयल ने रजत पदक जीता है। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल के अलावा दो ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
लंदन में डुलविच में 'एलेन्स स्कूल की स्टूडेंट आन्या गोयल का मुकाबला कंप्यूटर साइंस में रुचि रखने वाली छात्राओं की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 50 देशों के शीर्ष कोडर्स के साथ था, जो इसी वीकेंड में वेल्डहोवन में संपन्न हुई।

टूर्नामेंट के बाद रजत पदक जीतने वालीं आन्या गोयल ने कहा, "मुझे लड़कियों के ओलंपियाड में भारत के लिए रजत पदक जीतने पर बहुत गर्व है, ऐसे समय में जब प्रतिस्पर्धी प्रोग्रामिंग दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक के रूप में उभर रही है, खासतौर से भारत में।"
उन्होंने आगे कहा, "प्रतियोगिता में पांच घंटे के दो सेशन शामिल थे और हर सेशन में हमें हल करने के लिए चार समस्याएं दी गईं, जिनमें से प्रत्येक में कई सब टॉस्क शामिल थे। समस्याएं जटिल एल्गोरिथम डिजाइन और कोडिंग इंप्लीमेंटेशन चैलेंज थीं। पांच घंटे बहुत जल्दी बीत जाते हैं और यह समय काफी नहीं है।"
जानिए क्या है नियम?
ईजीओआई नियमों के अनुसार इंप्लीमेंटेड कोड को 2 से 4 सेकंड के भीतर सब-टॉस्क के एक सेट से गुजरना होता है। इसका मतलब है कि प्रतिभागियों को गणित में बहुत अच्छा होना चाहिए और अविश्वसनीय रूप से तेज गति से काम करते हुए कुशल कोडिंग देने के लिए समस्या डिजाइन और समाधान में रचनात्मक होना चाहिए।
पदक जीतने के बाद आन्या गोयल ने कहा, "मैं दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम का हिस्सा बनने के लिए भाग्यशाली थी। मेरी टीम की साथी नेहा और मानसी, और हमारी टीम लीडर सोनिया मैम, सबसे अद्भुत लोग हैं।" इसी के साथ उन्होंने अपना पदक टीम इंडिया के कोचिंग और सहयोगी स्टाफ को समर्पित किया।
बता दें कि टीम को इंटरनेशनल ओलंपियाड इन इंफॉर्मेटिक्स (IOI) के रजत पदक विजेता पारस कास्मलकर ने मार्गदर्शन दिया। आन्या गोयल ने कहा, "जब आपके पास ऐसा समर्थन होता है, तो अच्छी तरह से तैयारी करने और पहले मिनट से लेकर आखिरी मिनट तक पूरे 10 घंटे लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है।"
आन्या दिल से एक समस्या समाधानकर्ता, जिसे क्रॉसवर्ड, काकुरो पज्जल और शतरंज पसंद है, पहली बार गणित के साथ ओलंपियाड की सफलता का स्वाद चखने वाली आन्या ने भाषा विज्ञान ओलंपियाड में भी भाग लिया।
वहीं पदक जीतने के लिए खुद को प्रेरित करने के सवाल पर आन्या ने कहा, "मैं एक ऐसा करियर बनाने के लिए उत्सुक हूं, जहां मैं अपनी स्किल का उपयोग वास्तविक प्रभाव डालने के लिए कर सकूं। मैं एक लड़की के रूप में गणित और कंप्यूटिंग ओलंपियाड में अच्छा प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी का भी अनुभव करती हूं, क्योंकि दुख की बात है कि जब इन विषयों में प्रतियोगिताओं की बात आती है, तो पुरुष अभी भी 95 प्रतिशत क्षेत्र में शामिल होते हैं, जिसे बदलने की जरूरत है।"
कैसे किया खुद को प्रेरित?
यूके में रहने वाली आन्या गोयल एक "गर्वित भारतीय" के रूप में खुद को स्पोर्टी बॉलीवुड बायोपिक 'चक दे! इंडिया' और 'मैरी कॉम' के 'जिद्दी दिल' जैसे गानों से काफी प्रेरित हैं। जिन्होंने टूर्नामेंट के दौरान उनको काफी प्रोत्साहित किया।
रजत पदक जीतने के बाद वह अब 2024 के पेरिस ओलंपिक में टीम इंडिया के पदकों की संख्या दोगुनी करने को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, "लोग मुझे अति आशावादी कहकर खारिज कर सकते हैं, लेकिन अगर आप बड़े सपने नहीं देख सकते, तो आप बड़ी जीत भी नहीं हासिल कर सकते।"












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