UK PM रेस से हटने पर ऋषि सुनक ने की बोरिस जॉनसन की तारीफ, 'भारतीय' नेता की जीत पक्की!
यूनाइटेड किंगडम का प्रधानमंत्री बनने के लिए एक बार फिर से अपनी दावेदारी की घोषणा करते हुए, पूर्व वित्त मंत्री और सांसद ऋषि सुनक ने कहा कि वह अर्थव्यवस्था को ठीक करना चाहते हैं।
Rishi Sunak Britain PM: ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने सोमवार को ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कंजरवेटिव पार्टी नेतृत्व की दौड़ से हटने के बाद उनके नेतृत्व की प्रशंसा की है। जिसके बाद अब भारतीय मूल के ब्रिटिश नेता ऋषि सुनक का ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री बनना करीब करीब तय हो गया है, क्योंकि इस बार प्रधानमंत्री बनने के लिए प्रोसेस को कम कर दिया गया है। बतौर वित्तमंत्री ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के लिए शानदार काम किया था और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की तारीफ की है।

बोरिस जॉनसन की तारीफ
फिर से प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करने के बाद ऋषि सुनक ने एक ट्वीट में कहा कि, "प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपने कार्यकाल के दौरान ब्रेक्सिट, COVID वैक्सीन रोलआउट और यूक्रेन में युद्ध सहित कुछ सबसे कठिन चुनौतियों के समय शानदार तरीके से यूनाइटेड किंगडम का नेतृत्व किया है।" उन्होंने अपने ट्वीट में आग लिखा है कि, "बोरिस जॉनसन ने ब्रेक्सिट और ग्रेट वैक्सीन रोल-आउट किया। उन्होंने हमारे देश को कुछ सबसे कठिन चुनौतियों का सामना किया, और फिर पुतिन और यूक्रेन में उनके बर्बर युद्ध का सामना किया। हम इसके लिए हमेशा उनके आभारी रहेंगे।" ऋषि सुनक ने कहा कि, 'हालांकि, उन्होंने फिर से प्रधानमंत्री चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, लेकिन मुझे उम्मीद है, कि वो वो देश और विदेश में सार्वजनिक जीवन में योगदान देना जारी रखेंगे।' आपको बता दें कि, ब्रिटिश मीडिया का दावा है कि, बोरिस जॉनसन के पीएम पद की रेस से हटने के बाद ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बनने के प्रबल दावेदार बन गये हैं। ब्रिटिश मीडिया ने ये भी कहा है, कि बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी जताने के लिए आवश्यक 100 सांसदों का समर्थन होने का दावा किया था, लेकिन बाद में उन्होंने इस रेस से पीछे हटने का फैसला कर लिया।
ऋषि की सबसे मजबूत दावेदारी
यूनाइटेड किंगडम का प्रधानमंत्री बनने के लिए एक बार फिर से अपनी दावेदारी की घोषणा करते हुए, पूर्व वित्त मंत्री और सांसद ऋषि सुनक ने रविवार (23 अक्टूबर) को कहा कि वह अर्थव्यवस्था को ठीक करना चाहते हैं और कंजर्वेटिव पार्टी को एकजुट करना चाहते हैं। ऋषि सुनक ने इससे पहले जुलाई महीने में भी अपनी जताई थी, जिससे ब्रिटेन के पहले गैर-श्वेत, भारतीय मूल के प्रधानमंत्री की संभावना बढ़ गई थी। लेकिन, आखिरी राउंड में कंजर्वेटिव पार्टी के करीब पौने दो लाख सदस्यों के बीच करवाए गये मतदान में लिज ट्रस ने बाजी मार ली। हालांकि, महज 45 दिनों में ही लिज ट्रस को इस्तीफा देना पड़ा, लिहाजा अब सवाल उठ रहे हैं, कि क्या इस बार ऋषि सुनक बाजी मारेंगे, या फिर कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य फिर से कोई और फैसला करेंगे?

ऋषि सुनक कैसे बन सकते हैं पीएम?
जुलाई महीने के विपरीत इस बार प्रधानमंत्री चुनने की प्रक्रिया में काफी बदलाव लाया गया है और प्रोसेस को काफी कम कर दिया गया है। अब सबसे पहले उम्मीदवारों को दिखाना होहा, कि उनके पास कम से कम 100 सांसदों का समर्थन है, उसके बाद भी वो अपनी दावेदारी जता सकते हैं। यदि, केवल एक ही उम्मीदवार अपनी दावेदारी जताता है, तो फिर वो सीधे प्रधानमंत्री चुन लिया जाएगा। लेकिन, अगर एक से ज्यादा दावेदार सामने आते हैं, तो फिर कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों को मतदान में शामिल होगा पड़ेगा। अगर तीन दावेदार होते हैं, तो पहले राउंड में सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार बाहर हो जाएंगे। और मुख्य मुकाबले के लिए दो दावेदारों के बीच टक्कर होगी। अंत में, कंजर्वेटिव पार्टी के अन्य सदस्य ऑनलाइन मतदान करेंगे। ये सारा प्रोसेस शुक्रवार तक खत्म कर लिया जाएगा और नये प्रधानमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।

क्या सुनक के पास पर्याप्त सांसद हैं?
रविवार तक कई प्रमुख नेताओं ने ऋषि सुनक को अपना समर्थन देने का वादा किया था। हाल ही में अपदस्थ गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ये कहा था, कि "मैं चाहती हूं कि हमारी पार्टी और हमारे देश का एक नेता बेहतर भविष्य के लिए आशा को प्रेरित करे और हमारी आत्माओं को ऊपर उठाए। और हमें एक ऐसे नेता की जरूरत है, जो हमारे घर को व्यवस्थित करे और स्थिरता और सावधानी के साथ आगे बढ़े। और मेरे लिए वो दावेदार ऋषि सुनक हैं।" वहीं, ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार राज्य सचिव केमी बडेनोच, जो जुलाई में भी पीएम पद के लिए भी खड़े हुए थे, उन्होंने अपने एक लेख में लिखा है, कि "मैंने ऋषि के साथ ट्रेजरी में काम किया है, जब वह चांसलर थे। किसी भी काम को साथ करने वाले सहयोगियों की तरह हमारी भी आपसी असहमति थी, जिसे मैंने उस वक्त विस्तार से बताया था, जब हम एक ही पीएम रेस में शामिल थे। लेकिन, अब मैं लोगों को ऋषि सुनक के उन कामों के बारे में बताऊंगा, जब मुझे पता था, कि उन्होंने बिल्कुल सही फैसला लिया है।"

किसे कितने सांसदों का समर्थन?
बीबीसी ने अपनी एक रिपोर्ट में सांसदों की सांर्वजनिक घोषणाओं के आधार पर कहा है, कि ऋषि सुनक को 144 सांसदों का समर्थन प्राप्त है, जबकि बोरिस जॉनसन को सिर्फ 56 सांसदों का ही समर्थन प्राप्त है। जबकि, हाउस ऑफ कॉमन्स यानि ब्रिटिश संसद की निचले सदन की नेता पेनी मोर्डंट को 23 सांसदों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, उस वक्त तक बोरिस जॉनसन ने औपचारिक रूप से घोषणा नहीं की थी, कि वो चुनाव लड़ने को लेकर क्या इरादा रखते हैं। बीबीसी ने यह भी बताया था कि, ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन की हाल में ही मीटिंग हुई थी और ऋषि सुनक के समर्थक डॉमिनिक रैब ने कहा कि, दोनों नेताओं के बीच "एकता की आवश्यकता के बारे में बहुत अच्छी बातचीत हुई।" इस मुलाकात के बाद ही बोरिस जॉनसन ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी, जबकि ऋषि सुनक ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें एक अच्छा प्रधानमंत्री बताया।
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