ब्रिटेनः लॉकडाउन में पार्टी करना पड़ा महंगा, पद से हटाए जा सकते हैं पीएम बोरिस जॉनसन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आज अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगे क्योंकि उनकी कंज़रवेटिव पार्टी के सांसद लगभग न्यूनतम संख्या तक पहुंच गए है।
लंदन, 06 जूनः ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के खिलाफ सोमवार को एक अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है। इस प्रस्ताव के समर्थन में 15 फीसदी से अधिक सांसद तैयार हैं। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पद से हटाए जा सकते हैं। पार्टी के बैकबेंच कमिटी ने सोमवार को यह एलान किया है। पार्टी के अधिकारी ग्राहम ब्रैडी ने बताया कि उन्हें सांसदों से कई पत्र मिले हैं। इन पत्रों में जानसन के नेतृत्व को लेकर मतदान की मांग की गई है।

हटाए जा सकते हैं पीएम जॉनसन
पार्टी में 359 कंजरवेटिव सांसद हैं। आज शाम 6 से रात 8 बजे के बीच हुए मतदान में अगर इनके बीच हुए मतदान में पीएम जॉनसन हार जाते हैं, तो उन्हें कंजरवेटिव नेता तथा प्रधानमंत्री पद से हटा दिया जाएगा। लेकिन यदि उनकी जीत होती है तब वे बचे हुए एक साल तक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं। कोरोना लॉकडाउन के दौरान सरकारी नियमों का उल्लंघन करने और प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने के कारण बोरिस जॉनसन लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।

पार्टीगेट स्कैंडल रहा चर्चित
दरअसल, ब्रिटेन का प्रधानमंत्री पर यह आरोप हैं कि जब कोरोना की वजह से पूरा ब्रिटेन लॉकडाउन के सख्त प्रतिबंधों का सामना कर रहा था, पीएम, अपने सांसदों के साथ अपने घर में पार्टी कर रहे थे। इस घटना के खुलासे के बाद इसे पार्टीगेट स्कैंडल करार दिया गया और मामले में पीएम जॉनसन, उनकी पत्नी समेत कई लोगों को दोषी पाया गया।

पार्टी के 40 सांसदों ने मांगा इस्तीफा
गौरतलब है कि कंजर्वेटिव पार्टी के 40 से ज्यादा सांसदों ने अपने ही पीएम से इस्तीफे की मांग की है। इन सांसदों ने आरोप लगाया कि जॉनसन ने अपने नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास में यह पार्टियां होने दीं और जब पूरी दुनिया कोरोना के कारण परेशान थी, जॉनसन साथियों संग अय्याशियां करने में व्यस्त थे।

23 जून को हैं उपचुनाव
वेकफील्ड संसदीय क्षेत्र में 23 जून को उपचुनाव होने जा रहे हैं, जहां एक सर्वे से पता चला है कि जानसन के पार्टी उम्मीदवार को इस घटना से 20 फीसदी का नुकसान हो सकता है। वेकफील्ड में चुनाव की जरूरत इसलिए पड़ी है क्योंकि यहां कंजरवेटिव पार्टी के सांसद रहे इमरान अहमद खान को यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी पाया गया था। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इमरान खान के इस्तीफे के बाद इस सीट पर उपचुनाव की जरूरत आन पड़ी है।












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