UK के हिंदू प्रधानमंत्री ने भारतीयों को दिया तगड़ा झटका, प्रवासियों की संख्या घटाने नई वीजा नीति का ऐलान
Rishi Sunak announced New Visa Policy: ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ऋषि सनक ने सोमवार को कानूनी रूप से आने वाले प्रवासियों की संख्या को कम करने की योजना की घोषणा कर दी है, जो भारतीयों के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। यूके सरकार ने देश में अप्रवासियों की संख्या कम करने के लिए नई वीजा नीति की घोषणा कर दी है, जिसके तहत ब्रिटेन में रहकर काम करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए अब अपने परिवारों को ले जाने पर रोक लगा दी गई है।
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नये ऐलान में विदेशी श्रमिकों के लिए स्किल के आधार पर वीजा पाने के लिए उच्च वेतन सीमा निर्धारित कर दिया गया है और न्यूनतम वेतन को एक तिहाई तक बढ़ा दिया गया है। ऋषि सुनक सरकार पर अप्रवासियों को लेकर सख्त कानून बनाने का काफी ज्यादा प्रेशर अपनी ही पार्टी की तरफ से दिया जा रहा था।

यूके सरकार का नया फैसला क्या है?
ऋषि सुनक सरकार के इस फैसले का सीधा असर भारतीय लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि हजारों भारतीय यूके में काम करते हैं, जो हर साल अपने परिवार को ब्रिटेन ले जाते हैं, लेकिन अब वो ऐसा नहीं कर पाएंगे।
इसके अलावा, ऋषि सुनक सरकार ने विदेशी कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन सीमा 26,200 पाउंड के मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 38,700 पाउंड कर रही है। स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यकर्ताओं को इससे से छूट दी गई है।
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने ट्वीट करते हुए कहा है, कि "हमने अभी शुद्ध प्रवासन में अब तक की सबसे बड़ी कटौती की घोषणा की है। इतिहास में पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया। लेकिन शुद्ध प्रवासन का स्तर बहुत ऊंचा है और इसे बदलना होगा। मैं इसे करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने यह कदम तब उठाया है, जब उनकी ही पार्टी ने अगले साल होने वाले चुनाव से पहले उनके रिकॉर्ड की आलोचना की थी, क्योंकि ओपिनियन पोल में विपक्षी लेबर पार्टी आगे चल रही है। ट्रेड यूनियनों और व्यवसायों ने इस कदम की आलोचना की है और कहा है कि ये उपाय प्रतिकूल हैं और निजी क्षेत्र के साथ-साथ राज्य संचालित स्वास्थ्य सेवा को चुनौती देते हैं, क्योंकि दोनों को श्रम की कमी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, यूके में वार्षिक शुद्ध प्रवासन 2022 में 745,000 के रिकॉर्ड पर पहुंच गया और तब से उच्च स्तर पर बना हुआ है। ब्रिटेन में अधिकांश प्रवासी यूरोपीय संघ (ईयू) के बजाय भारत, नाइजीरिया और चीन से आते हैं।
सुनक सरकार ने विदेशी स्वास्थ्य कर्मियों को अपने परिवार के सदस्यों को वीजा पर लाने से रोकने के लिए अन्य उपाय भी पेश किए, प्रवासियों को स्वास्थ्य सेवा का उपयोग करने के लिए भुगतान किए जाने वाले अधिभार में 66% की वृद्धि की, और पारिवारिक वीजा के लिए न्यूनतम आय को बढ़ा दिया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यूके का वीजा लेने के मामले में स्किल्ड वर्कर और मेडिकल प्रोफेशन के सबसे ज्यादा छात्र शामिल होते हैं। हालांकि, स्किल्ड वर्कर्स वीजा में पिछले साल सिर्फ 9 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया था, लेकिन मेडिकल और केयर सेक्टर में इसमें 135 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जिनमें भारतीयों की सख्या 76 प्रतिशत बढ़ी है।












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