Video: यूएस नेवी पर एलियंस की एयरस्ट्राइक! 90 मिनट से चूका निशाना, रक्षा मंत्रालय ने की पुष्टि
अमेरिकन नेवी ने जिन तीन यूएफओ वीडियो को रिकॉर्ड किया था उसकी पुष्टि पेंटागन ने कर दी है, ये यूएफओ यूएस नेवी के युद्धाभ्यास के दौरान वहां पहुंच गये थे।
वॉशिंगटन, अप्रैल 16: अमेरिकन नेवी ने वीडियो जारी करते हुए अमेरिका में उड़नतस्तरी के आने की पुष्टि कर दी है। अमेरिकन नेवी ने वीडियो जारी करते हुए पुष्टि किया है कि अमेरिका के ऊपर उड़नतस्तरी आया था। अमरेकी रक्षा मंत्रालय ऑफिस पेंटागन ने यूएफओ यानि उड़नतस्तरी उतरने की पुष्टि करते हुए वीडियो जारी किया है, जिसमें एक पिरामिड का आकार का यूएफओ देखा जा रहा है। इस वीडियो में एक दो नहीं बल्कि दर्जनों यूएफओ आसमान में देखे जा रहे हैं, जिन्हें अमेरिकन नेवी ने रिकॉर्ड किया है। पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ये वीडियो पूरी तरह से सही है और पहली बार ऐसा हुआ है कि जब यूएफओ के आसमान में होने का इतना क्लियर वीडियो रिकॉर्ड किया गया हो।

पिरामिड आकार के यूएफओ
पेंटागन ने 18 सेकेंड्स का एक वीडियो जारी किया है। जिसमें 3 पिरामिड आकार के यूएफओ देखे जा रहे हैं। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों यूएफओ अमेरिकन वारशिप यूएसएस रसेल के ऊपर रात के वक्त मंडरा रहे थे और उसी वक्त इनका वीडियो रिकॉर्ड किया गया है। ये वीडियो जुलाई 2019 में अमेरिके के सेंट डियागो में रिकॉर्ड किया गया था। पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है ये तीनों यूएफओ अमेरिकन वारशिप यूएसएस रसेल से सिर्फ 700 फीट की ऊंचाई पर थे। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक 2019 की घटना का ये पहला वीडियो है, जिसमें तीनों रहस्यमयी उड़नतस्तरी आकाश में देखे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन तीनों यूएफओ ने अमेरिकन नेवी के तीन वारशिप्स को मिलिट्री अभ्यास के वक्त कई दिनों तक काफी परेशान किया था। इस रिपोर्ट में सबसे हैरान करने वाली बात ये कही गई है कि युद्धाभ्यास के दौरान एक वक्त ये यूएफओ अमेरिकन नेवी के विध्वंसक हथियार से सिर्फ 90 मिनट की ही दूरी पर थे।

पायलट ने सबसे पहले देखा यूएफओ
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले अमेरिका के एफए-18 पायलट ने अपने मोबाइल में आकाश में उड़ने तीन उड़नतस्तरियों की तस्वीरें ली थीं। पायलट ने ये तस्वीरें मार्च 2019 में कोस्ट ऑफ ओसियाना में ली थी, जिसमें तीनों यूएफओ पिरामिड के आकार के दिखाई दे रहे थे। पायलट ने दावा किया था कि जब वो इन उड़नतस्तरियों की तस्वीरें ले रहा था उस वक्त काफी तेज हवा चल रही थी बावजूद इसके तीनों यूएफओ हवा में पूरी तरह से स्थिर थे और उनमें कोई हलचल नहीं हो रही थी। पायलट के मुताबिक हवा में इतनी ऊंचाई पर किसी ड्रोन या बैलून या किसी और ऑब्जेक्ट का पूरी तरह से स्थिर रहना मुमकिन नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुसान गफ ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा है कि 'मैं अमेरिकन नेवी द्वारा लिए गये वीडियो और तस्वीरों की पुष्टि करता हूं और हम इसको लेकर अभी भी जांच कर रहे हैं'। उन्होंने आगे कहा कि 'अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाए गये अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना टास्क फोर्स ने तीनों वीडियो को आगे की जांच के लिए ले लिया है'।
‘पहली बार देख रही है दुनिया’
अमेरिकी आकाश में यूएफओ होने का ये वीडियो और इसकी तस्वीरें सबसे पहले अमेरिकी फिल्ममेकर जर्मी कॉरबेल को लीक किया गया था। जिन्होंने इसे लेकर एक डॉक्यूमेंन्ट्री बनाई है, जिसका नाम 'Bob Lazer: Area 51 & flying saucers' है। जर्मी कॉरबेल ने फॉक्स न्यूज को बताया है कि ये वीडियो अमेरिकी आकाश में उड़ने वाले यूएफओ के हैं और इतनी नजदीक से पहली बार हमने यूएफओ को देखा है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया है कि दुनिया ने भी अब तक यूएफओ की ऐसी तस्वीरों को नहीं देखा होगा। उन्होंने कहा कि 'ये वीडियो एक एक्सप्लोसिव इन्फॉर्मेशन है और शायद मिलिट्री के द्वारा रिकॉर्ड किया गया बेस्ट वीडियो है जिसे दुनिया पहली बार देखेगी'।
यूएफओ की रहस्यमयी दुनिया
अमेरिकन नेवी ने दावा किया है कि यूएसएस ओमाहा एयरक्राफ्ट के ऊपर दिखाई देने वाला यूएफओ गोलाकार आकार का था और वो समंदर के ऊपर मंडरा रहा था। लेकिन, सबसे हैरानी की बात ये है बिना बर्बाद हुए वो यूएफओ अचानक समंदर में गायब हो गया। अमेरिकन नेवी ने मौके पर जाकर यूएफओ को खोजने की काफी कोशिश की लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चल सका। अमेरिकन फिल्म मेकर कॉर्बेल ने अमेरिकन नेवी के इस वीडियो को लेकर कहा है कि 'एक एक अविश्वसनीय टेक्नोलॉजी का नमूना है। और जो भी इस टेक्नोलॉजी को ऑपरेट कर रहे हैं, या फिर जिनके पास भी ऐसी टेक्नोलॉजी है, वो हमसे यानि हमारी धरती पर बनी टेक्नोलॉजी से काफी ज्यादा आगे और एडवांस हैं। और अमेरिका के साथ साथ पूरी दुनिया के लिए ये एक खतरे की बात है। हमें इन यूएफओ के स्रोत से लेकर इनके बारे में हर जानकारी हासिल करनी ही होगी, हमें किसी भी हालत में इनका मकसद जानना ही होगा'।
बेहद उन्नत टेक्नोलॉजी
पेंटागन द्वारा बनाई गई टाक्सफोर्स यूएपीटीएफ ने इन तीनों वीडियो को लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इन यूएफओ को लेकर तमामा जानकारियां इकट्ठी करनी बेहद जरूरी है। इनके मकसद का पता लगाना, ये कहां से आ रहे हैं, और ये बार बार अमेरिकन नेवी के युद्धाभ्यास के दौरान ही अचानक से कैसे आ जाते हैं, इसकी जानकारी जुटाना भी बेहद जरूरी है। वहीं कॉर्बेल ने कहा है कि 'ये यूएफओ गुरुत्वाकर्षण के द्वारा नियंत्रित हो सकते हैं और शायद यही वजह है कि ये स्पेस से हवा में बिना किसी डिस्ट्रक्शन के आ जा पा रहे हैं'। वहीं, अमेरिकन एजेंसी की तरफ से पूर्व इंटेलीजेंस डायरेक्टर जॉन रेटक्लिफ की यूएफओ को लेकर रिपोर्ट इसी साल जून में आने वाली है, जिसमें कहा जा रहा है कि ऐसे खुलासे हो सकते हैं, जिसपर शायद यकीन करना मुश्किल हो। वहीं, पेंटागन ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है कि पिछले साल अमेरिका के ऊपर 7200 यूएफओ को देखा गया है, जिसको लेकर जांच चल रही है।












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