अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव की डिबेट में भिड़ गईं भारतीय मूल की दो नेता
अमरीका में साल 2020 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए चुनावी मुहिम में तेज़ी आने लगी है.
मौजूदा विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी, अपना उम्मीदवार चुनने के लिए पार्टी के प्राइमरी चुनाव में टीवी पर विभिन्न प्रत्याशियों के बीच बहस आयोजित करवाती है.
ताज़ातरीन डिबेट के बाद एक भारतीय मूल की प्रत्याशी सिनेटर कमला हैरिस और अमरीका की पहली हिंदू महिला सांसद प्रत्याशी तुलसी गैबार्ड के बीच तकरार तेज़ हो गई.
31 जुलाई को मिशिगन प्रांत के डीट्रॉएट शहर में टीवी पर डेमोक्रेटिक पार्टी की डिबेट के दौरान भारतीय मूल की प्रत्याशी कमला हैरिस और अमरीकी कांग्रेस में पहली हिंदू महिला सांसद तुलसी गैबार्ड के बीच जमकर घमासान हुआ.
अमरीकी कांग्रेस में हवाई प्रांत की सांसद तुलसी गैबार्ड ने कैलिफ़ोर्निया की अमरीकी सेनेटर कमला हैरिस पर हमला बोल दिया.
तुलसी गैबार्ड ने क्या कहा?
तुलसी गैबार्ड ने कमला हैरिस की खुलकर आलोचना करते हुए उनके सैन फ़्रैन्सिसको शहर की डिस्ट्रिक्ट अटर्नी और कैलीफ़ोर्निया की अटर्नी जनरल के पदों पर रहते हुए अपनाई गई नीतियों पर सवाल खड़े किए.
तुलसी गैबार्ड ने चुनावी डिबेट के दौरान कमला हारिस के बारे में कहा, "सेनेटर हैरिस कहती हैं कि उन्हें प्रोसीक्यूटर के तौर पर अपने रिकॉर्ड पर गर्व है.''
''मैं इनके रिकॉर्ड के बारे में बहुत चिंतित हूं. बहुत सी मिसालें हैं, लेकिन आप देखें इन्होंने 1500 से अधिक लोगों को मारिजुआना क़ानून के उल्लंघन में जेल भेजा और जब उनसे यह पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी मारिजुआना का सेवन किया है तो उस पर मज़ाक उड़ाया."
तुलसी गैबार्ड ने डिबेट में आगे कहा, "इन्होंने एक बेगुनाह व्यक्ति के बारे में अदालत द्वारा मजबूर किए जाने तक वह सबूत सामने आने से रोके जिससे उस व्यक्ति को सज़ाए मौत से रिहाई मिल सकती थी.''
''कमला हैरिस ने कै़दियों को उनकी सज़ा ख़त्म हो जाने के बाद भी जेलों में बंद रखा जिससे कैलिफ़ोर्निया प्रांत में उन कै़दियों को सस्ते मज़दूरों की तरह प्रयोग किया जा सके. कमला हैरिस को इन सभी लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए"
कमला हैरिस का जवाबी हमला
इन आरोपों के जवाब में कमला हैरिस ने डिबेट के दौरान कहा, "जी हां मुझे अपने रिकॉर्ड पर गर्व है, मुझे अपने काम पर गर्व है जिसके दौरान मैंने अहम पदों पर फै़सले लेकर लोगों के लिए काम किया है, और सिर्फ़ भाषणबाज़ी नहीं की है."
तुलसी गैबार्ड अब तक डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनावी मुहिम में काफ़ी पीछे चल रही हैं कम से कम इस टीवी डिबेट में उन्हें विजयी माना जा रहा है.
डिबेट के बाद इंटरनेट पर गूगल में तुलसी गैबार्ड का नाम सबसे अधिक लोगों ने सर्च किया. वहीं सोशल मीडिया पर भी कमला हैरिस और तुलसी गैबार्ड के समर्थकों के बीच तीखी बहस जारी है.
लेकिन कमला हैरिस के प्रवक्ता ने तुलसी गैबार्ड के आरोपों को सिरे से नकार दिया है. कमला हारिस की चुनावी मुहिम से यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि तुलसी अमरीका के दुशमनों की शह पर कमला हैरिस के ख़िलाफ़ मुहिम चला रही हैं.
याद रहे तुलसी गैबार्ड अमरीकी सांसद बनने से पहले अमरीकी फ़ौज में कार्यरत थीं और उनकी एक फ़ौजी की हैसियत से इराक़ युद्ध के दौरान तैनाती भी हुई थी.
कमला ने तुलसी को कमतर बताया
कमला हैरिस ने डिबेट के बाद एक टीवी इंटरव्यू में तुलसी गैबार्ड को कमतर प्रत्याशी के तौर पर नकारने की भी कोशिश की.
कमला हारिस ने कहा,"यह शायद बड़बोलापन लगे, लेकिन मैं तो अग्रणी पंक्ति की प्रत्याशी हूं, तो मुझे उम्मीद थी कि जो लोग बहुत पीछे हैं वह मुझपर ऐसे हमले करेंगे. जब तुलसी गैबार्ड जैसे लोग जो 0 या 1 प्रतिशत पर या जो भी उनका समर्थन का प्रतिशत हो तो उनसे इस तरह के हमलों की उम्मीद की जा सकती है."
कमला हैरिस ने यह भी कहा कि तुलसी गैबार्ड ने तो सीरिया के क्रूर शासक बशर अल असद के लिए समर्थन दिखाया जिसने सीरिया में अपने ही लोगों को मरवाया.
उनका यह कहना था कि वह तुलसी के हमलों से परेशान नहीं हैं और आगे बढ़ती जाएंगी.
तुलसी गैबार्ड का कहना है कि कमला हैरिस ने अपने रिकार्ड से संबंधित आरोपों के जवाब नहीं दिए बल्कि उल्टा उनपर झूठे आरोप लगा दिए.
कमला हारिस की मां श्यामला गोपालन मूल रूप से भारत के चेन्नई राज्य की रहने वाली थीं और हैरिस के पिता डोनल्ड हैरिस जमैका मूल के हैं.
किसको मिल सकता है फ़ायदा
अमरीका में चुनावी राजनीति के जानकार मानते हैं कि तुलसी गैबार्ड को इस डिबेटा का फ़ायदा मिल सकता है.
जानकार कहते हैं कि जिस तरह तुलसी द्वारा डिबेट में शब्दीभेदी बाण छोड़े गए हैं, इससे उनके समर्थन में बढोत्तरी हो सकती है.
लेकिन कमला हैरिस ने पिछली डिबेट में उम्मीदवारी के सबसे मज़बूत दावेदार और पूर्व अमरीकी उप राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडन को काफी अच्छे तरीके से घेरा था.
उन्होंने जो बाइडन पर रंग और नस्ल के आधार पर भेदभाव करने वाले एक मामले में अश्वेतों के ख़िलाफ़ फ़ैसला लेने का आरोप लगाकर उन्हें घेरने की कोशिश की जिसके बाद कमला हैरिस के समर्थन में बढ़ोत्तरी हुई और वह बरक़रार है.
डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी में कुल 24 प्रत्याशी किस्मत आज़मा रहे हैं, लेकिन इनमें से जो बाइडन 32 प्रतिशत वोटरों के समर्थन से सबसे आगे हैं, बर्नी सैंडर्स को 18% एलिज़बेथ वारेन 15% और कमला हैरिस 10% को वोटरों का समर्थन हासिल है.
डेमोक्रेटिक पार्टी की अगली डिबेट अगले महीने टेक्सस के ह्यूस्टन शहर में 12 और 13 सितंबर को होगी.
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