प्रदर्शन कवर करने पर पत्रकारों को मिली तालिबानी सजा, बुरी तरह पीटा
काबुल, 09 सितंबर: अफगानिस्तान एक बार फिर 20 साल पीछे जा चुका है। यहां तालिबानी हुकूमत के बाद सब कुछ बदल गया है। अब यहां सच्चाई दिखाने पर बेरहमी से पीटा जाता है। प्रदर्शन करने पर गोलियां चलाई जाती है। ऐसी ही एक तस्वीर अमेरिकी पत्रकार मार्कस याम ने दिखाई है, जिसमें दो पत्रकारों को बहुत बुरी यातनाओं से गुजरना पड़ा, जिसमें उनके शरीर पर खून के थक्के दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो को पोस्ट करते हुए याम ने बताया कि प्रदर्शन को कवर करने के बाद पत्रकारों को तालिबानी यातनाओं से गुजरना पड़ा।
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पाकिस्तान और तालिबान की सांठगांठ अब खुलकर सामने आने लगी है। दरअसल, अफगानिस्तान के कई मामलों में पाकिस्तान के हस्तक्षेप के बाद अब वहां विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मंगलवार को काबुल की सड़कों पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शन को कवर करने वाले पत्रकारों पर तालिबान का कहर टूटा पड़ा। कई पत्रकारों को हिरासत में लेकर बुरी तरह से पीटा गया, जो उनके शरीर पर साफ दिख रहा है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब तालिबानी राज में सच्चाई दिखाने पर क्या सजा मिल रही है।
पत्रकरों की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए अमेरिकी पत्रकार मार्कस याम ने लिखा कि दर्दनाक! नेमत नकदी और तकी दरियाबी अफगान पत्रकारों को काबुल में एक महिला रैली पर रिपोर्टिंग के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद तालिबान की यातना से गुजरना पड़ा।
अफगानिस्तान के टोलो समाचार के मुताबिक तालिबान ने उनके कैमरापर्सन वाहिद अहमदी को हिरासत में लिया और उसका कैमरा भी जब्त कर लिया। बताया गया कि तालिबान सैनिकों ने कुछ पत्रकारों को विरोध प्रदर्शन को कवर करने से रोका। बता दें कि महिलाओं का यह प्रदर्शन पंजशीर प्रांत में पाकिस्तानी हस्तक्षेप के साथ-साथ जेट विमानों द्वारा हवाई हमले के खिलाफ किया गया था।












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