भारत सरकार ने पेरोल पर Twitter एजेंट रखने का बनाया दबाव? ट्विटर के पूर्व सिक्योरिटी चीफ का आरोप
इस साल जनवरी में Zatko को कंपनी से निकाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें Twitter की खामियां बताने की वजह से निकाला गया था।
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली, 24 अगस्त : भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter पर एक सरकारी एजेंट को रखने का दबाव बनाया था। व्हिसलब्लोअर (whistleblower) खुलासे के मुताबिक यह दावा ट्विटर के पूर्व सुरक्षा प्रमुख पीटर 'मुज' जटको ( Peiter "Mudge" Zatko) ने किया है। उन्होंने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग के सामने ट्विटर पर अन्य सुरक्षा चूक से जुड़े मुद्दे को भी उठाया । बता दें कि, ट्विटर फाइलिंग से लेकर हर जगह प्लेटफॉर्म्स पर बॉट्स की संख्या 5 परसेंट बता रहा है। ऐसे में ट्विटर के पूर्व सिक्योरिटी हेड Peiter Zatko ने चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है।

ट्विटर के पूर्व सुरक्षा प्रमुख का बड़ा दावा
ट्विटर के पूर्व सुरक्षा प्रमुख पीटर 'मुज' जटको का दावा है कि, कुछ साल पहले, भारत सरकार के दबाव में, ट्विटर ने एक सरकारी एजेंट को काम पर रखा और उस व्यक्ति को यूजर डेटा तक पहुंच प्रदान की। जटको के आरोपों को द वाशिंगटन पोस्ट द्वारा रिपोर्ट किया गया है, जिसने एफटीसी के साथ दायर की गई शिकायत को भी एक्सेस किया है।

विरोध-प्रदर्शन के समय बनाया था दबाव
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ज़टको की शिकायत में कहा गया है कि, उनका मानना है कि जब देश में काफी विरोध प्रदर्शन चल रहा था उस वक्त भारत सरकार ने ट्विटर को अपने एक एजेंट को पेरोल पर रखने के लिए मजबूर किया था। बता दें कि, इस साल जनवरी में जटको को कंपनी से निकाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें Twitter की खामियां बताने की वजह से निकाला गया था।

Twitter डील कोर्ट में पहुंची
बता दें कि, अप्रैल में शुरू हुई Twitter डील तो अब कोर्ट पहुंच चुकी है। एलन मस्क ने इस डील को कैंसल कर दिया था। ट्विटर और मस्क दोनों कोर्ट में एक दूसरे पर डील को लेकर आरोप लगा रहे हैं। इस डील के कैंसल होने की मुख्य वजह प्लेटफॉर्म पर मौजूद बॉट्स थे। एलन मस्क का आरोप है कि ट्विटर ने बॉट्स की सही संख्या नहीं बताई है।

पीटर 'मुज' जटको का सनसनीखेज दावा
वहीं, ट्विटर के पूर्व सिक्योरिटी चीफ ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनका मानना है कि भारत सरकार ने ट्विटर पर एक सरकारी एजेंट नियुक्त करने के लिए दबाव डाला है। उस एजेंट के बाद ट्विटर के बहुत से सेंसिटिव डेटा का एक्सेस था।












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