तुर्की में स्वीडन के दूतावास पर बड़ा हमला, कुरान जलाने के खिलाफ फायरिंग
तुर्की के इजमिर में स्वीडिश वाणिज्य दूतावास पर मंगलवार को एक सशस्त्र हमले में एक तुर्किश महिला कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गई है। इस हमले के बाद एकमात्र बंदूकधारी तुर्की नागरिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
स्थानीय गवर्नर के कार्यालय ने कहा कि हमला एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति द्वारा किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक घायल महिला, जो राजनयिक मिशन में सचिव के रूप में कार्यरत हैं, की हालत गंभीर है।

गवर्नर कार्यालय ने कहा कि तुर्की अधिकारियों ने हमलावर को बंदूक के साथ हिरासत में ले लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी डीएचए ने कहा कि संदिग्ध वीजा आवेदन के बहाने वाणिज्य दूतावास में घुसा था।
तुर्की के न्याय मंत्री यिलमाज टुनक ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में हमले की निंदा की है। आपको बता दें कि कुरान के सार्वजनिक अपमान से जुड़े कई विरोध प्रदर्शनों के बाद स्वीडन और मुस्लिम देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने पिछले महीने इराक में स्वीडिश दूतावास पर हमला किया था। तुर्की के अधिकारियों ने इस्लाम की पवित्र पुस्तक के अपमान की निंदा की है और स्वीडन और डेनमार्क से ऐसे प्रदर्शनों को रोकने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया है।
आपको बता दें कि स्वीडन में बोलने की आजादी का अधिकार लोगों को 1766 से ही मिला हुआ है। वहां पर धार्मिक पुस्तकें जलाने की कोई सजा नहीं मिलती क्योंकि यहां पर ईशनिंदा कानून को सत्तर के दशक में ही समाप्त कर दिया गया था।
इसके बाद से यहां हर वो अभिव्यक्ति की आजादी की श्रेणी में आती है, जिससे किसी इंसान, पशु या संपत्ति को नुकसान न पहुंचता हो। हालांकि बीते कुछ घटनाओं के बाद पूरी दुनिया में हो रही आलोचनाओं के बाद स्वीडन में दक्षिणपंथी सरकार अब उस कानून में बदलाव पर विचार कर रही है।












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