संसद में ऐसा क्या हुआ जो सांसद ने बोलते-बोलते अचानक निकाला हथौड़ा और तोड़ डाला मोबाइल, देखें वायरल वीडियो
संसद में ऐसा क्या हुआ जो सांसद ने बोलते-बोलते अचानक निकाला हथौड़ा और तोड़ डाला मोबाइल, देखें वायरल वीडियो
Turkish MP Broke Mobile: संसद में आपने एक दूसरे पर कुर्सी और अन्य चीजें गुस्से में आकर एक दूसरे पर फेंकते हुए तो जरूर कई बार देखा होगा लेकिन गुस्से में आकर क्या किसी सांसद को अपना ही मोबाइल हथौड़े से तोड़ते हुए तो नहीं देखा होगा। सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें सांसद अपना ही मोबाइल अपनी बात बोलते हुए अचानक तोड़ते हुए नजर आ रहा है। आइए जातने हैं आखिर ऐसा क्या हुआ जो सांसद तैश में आकर अपना ही मोबाइल पर हथोड़ा मार-मार कर टुकड़े-टुकड़े कर अपना ही नुकसान कर बैठा?

जानें कहां कहा हैं ये सांसद
ये मामला तुर्की का है जहां पर विपक्षी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के सदस्य बुराक एर्बे ने संसद जब चल रही थी और अपनी बात बोलते हुए हथौड़ा लेकर अपने मोबाइल पर कूटना शुरू कर दिया।

जानिए वो वजह जिस पर सांसद को आ गया इतना गुस्सा
दरअसल बुराक एर्बे रूलिंग पार्टी सरकार समिर्थित बिल जिसका उद्देश्य ऑनलाइन फेक न्यूज को रोकना है उस पर अपना विरोध जता रहे थे। तुर्की सरकार द्वारा समर्थित इस कानून में प्रवाधान हे कि सोशल मीडिया नेटवर्क और इंटनेट की सभी साइटों को भ्रामक जानकारी फैलाने के संदिग्ध यूजन का डिटेल जारी करना होगा। इसके साथ आरोपी को तीन साल की जेल की सजा भी हो सकती हैं।

सीएचपी सांसद ने हाथ में हाथौड़ा पकड़ते हुए बोली ये बात
सरकार द्वारा लाए जा रहे इस बिल पर विपक्षी पार्टी सीएचपी के सांसद बुराक एर्बे के समर्थन में नहीं थे तो उन्होंने अपनी हाथ में हाथौड़ा पकड़ने से पहले कहा मैं उन भाइयों को संबोतिधक करना चाहता हूं जो जिनकी उम्र 15 से 17 साल है। जो 2023 में तुर्की के भविष्य का फैसला करेंगे।

तो आप अपना फोन इस तरह तोड़ सकते हैं
सांसद ने आगे कहा
आपके पास केवल एक ही फ्रीडम स्वंतत्रा शेष बची है वो है आपकी जेब में रख मोबाइल फोन का यूट्यूब , इंस्टाग्राम और फेसबुक। जहां आप अपनी बता या विचार साझा कर संवाद कर सकते हैं अगर ये कानून सरकार द्वारा पास कर दिया जाता है तो आप अपना फोन इस तरह तोड़ सकते हैं। इसके बाद सांसद ने अपने ही मोबाइल पर हथौड़ा मारना शुरू कर दिया।
सांसद की ये हरकत देखकर हर कोई हैरान हो गया।
जानिए क्यों हो रहा है तुर्की में इस बिल का जबरदस्त विरोध
तुर्की द्वारा लाए जा रहे इस कनून की आलोचना हो रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर ये कानून तुर्की में पास हो जाता है तो ये प्रेस की आजादी का भी उलंघन करके और बड़े स्तर पर सेंसरशिप की ओर ले जाएगा। याद रहे पहले ही 2016 में हुए तख्तापलट के बाद सभी मीडिया हाउस, टीवी चैनल सरकार के नियंत्रण में काम कर रहे हैं केवल सोशल मीडिया प्लेटफार्म इससे मुक्त थे जिस पर अगर ये कानून पास हो जाता है तो वो सरकारी की निगरानी में आ जाएंगे।












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