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सीरिया पर कभी भी हमला कर सकता है तुर्की, सीमा पर भारी संख्या में पहुंचे सेना और टैंक, दोस्त को कैसे बचाएगा US?

Turkey Syria: बशर अल-असद के सत्ता से बेदखल होने के बाद मची अफरातफरी के बीच बड़ी रिपोर्ट ये है, कि राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन तुर्की की सेना को सीरिया पर आक्रमण करने के आदेश दे सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले का मकसद सीरिया से कुर्दों का नामोनिशान मिटाना होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है, कि जब हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेतृत्व में सीरियाई विपक्षी बल दमिश्क की ओर बढ़ रहे थे, तब तुर्की ने अपने प्रायोजित मिलिशिया के साथ मिलकर कुर्दों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जो एक जातीय समुदाय है जो उत्तरपूर्वी सीरिया में स्वायत्त प्रशासन उत्तर और पूर्वी सीरिया (AANES) नामक एक स्वायत्त प्रशासन चलाता है।

Turkey kurds syria

सीरिया में क्यों हमला करने जा रहा तुर्की?

राष्ट्रपति असद के सत्ता से बेदखल होने के बाद, इस्लामवादी समूह HTS ने तुर्की और उसके मिलिशिया, जैसे कि सीरियाई राष्ट्रीय सेना (SNA) के साथ मिलकर कम से कम तीन स्थानों पर कुर्दों के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया है। कुर्द सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (SDF) के शीर्ष कमांडर ने चेतावनी दी है, कि अगर तुर्की-HTS गठबंधन अपने हमले जारी रखता है, तो देश "खूनी गृहयुद्ध" के एक और दौर की ओर बढ़ सकता है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी और कुर्द अधिकारियों के हवाले से बताया है, कि तुर्की की सेना और मिलिशिया, कुर्द-नियंत्रित सीरियाई क्षेत्र के साथ तुर्की की सीमा पर एक आक्रमण के लिए जुट गए हैं।

सीरिया में, इस्लामिक स्टेट के खिलाफ युद्ध में कुर्द बल अमेरिका के मुख्य सहयोगी हैं। हालांकि, तुर्की सीरियाई कुर्दों को दुश्मन मानता है और एसडीएफ को कुर्द समूह पीकेके के बराबर मानता है, जिसे वह तुर्की के अंदर विद्रोह के लिए दोषी ठहराता है और एक आतंकवादी समूह मानता है। वर्षों से, तुर्की ने AANES के आकार को सीमित करने और उन्हें तुर्की की सीमा से दूर धकेलने के इरादे से सीरियाई कुर्दों पर हमला किया है।

तुर्की के कमांडो और तोपखाना सीरिया पर आक्रमण करने के लिए तैयार

वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया है, कि तुर्की ने सीरिया के कुर्द क्षेत्र की सीमा पर वर्दीधारी कमांडो और तोपखाना सहित अपनी सेना और मिलिशिया को तैनात कर दिया है, जो बड़े पैमाने पर आक्रमण की तैयारी लगती है।

  • एक अमेरिकी अधिकारी ने अखबार को बताया, कि सीमा पार तुर्की की कार्रवाई "निश्चित" प्रतीत होती है।
  • यह रिपोर्ट तुर्की और कुर्दों के बीच अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्ध विराम के सोमवार (16 दिसंबर) को टूटने के बाद आई है।
  • फॉक्स न्यूज की मुख्य राष्ट्रीय सुरक्षा संवाददाता जेनिफर ग्रिफिन ने एक एसडीएफ अधिकारी के हवाले से कहा है, कि तुर्की ने कुर्दों को बताया है, कि युद्ध विराम समाप्त हो गया है और कुर्द औपचारिक रूप से युद्ध की स्थिति में प्रवेश कर रहे हैं।

एसडीएफ अधिकारी ने ग्रिफिन को बताया, कि "तुर्की गुटों के साथ युद्ध विराम की अवधि आज समाप्त हो गई है। उनके नेता ने हमें सूचित किया, कि वे युद्ध की स्थिति में लौट आएंगे, क्योंकि तुर्कों ने कोबानी में हमारे प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और वार्ता नाकाम हो गई है। अब हम कोबानी के पूर्व और पश्चिम के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सैन्य निर्माण देख रहे हैं।"

जर्नल के मुताबिक, एसडीएफ के एक अधिकारी इल्हाम अहमद ने सोमवार को अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक पत्र में बताया, कि तुर्की का लक्ष्य "आपके पदभार ग्रहण करने से पहले हमारी भूमि पर वास्तविक नियंत्रण स्थापित करना है, जिससे आप हमारे क्षेत्र के शासक के रूप में उनसे जुड़ने के लिए मजबूर हो जाएं"। अहमद ने कहा, कि "यदि तुर्की अपने आक्रमण के साथ आगे बढ़ता है, तो परिणाम भयावह होंगे।"

अहमद ने ट्रंप को चेतावनी दी कि तुर्की के आक्रमण से अकेले कोबानी में 200,000 से ज्यादा कुर्द नागरिक विस्थापित हो जाएंगे, जिनमें कई ईसाई समुदाय भी शामिल हैं।

सीरिया में कुर्दों के खिलाफ तुर्की की लड़ाई

  • सीरियाई विपक्षी बलों की तरफ से राजधानी दमिश्क पर किए गये कब्जे के बाद से, कुर्दों पर कम से कम तीन स्थानों पर हमला किया गया है।
  • 7-8 दिसंबर को, तुर्की-एसएनए गठबंधन ने पूर्वी सीरिया के मंजीब में कुर्दों पर हमला किया।
  • मंजीब में हमले के बाद एसएनए ने कोबानी में एसडीएफ के खिलाफ हमला किया।

फिर, पिछले हफ्ते एचटीएस ने पूर्वी सीरियाई शहर डेयर एज़ोर पर कुर्दों से कब्ज़ा कर लिया, जिन्होंने पिछले हफ्ते असद की सेना से शहर छीन लिया था।

पिछले हफ्ते, फॉक्स के ग्रिफिन ने एक कुर्द स्रोत के हवाले से कहा, कि समुदाय को चल रहे हमलों के बीच जातीय सफाए का डर है। यह टिप्पणी हाल के वर्षों में जातीय सफाए को बढ़ावा देने के तुर्की के रिकॉर्ड के मद्देनजर आई है। सीरिया से पहले जहां तुर्की असद विरोधी और कुर्द विरोधी समूहों का समर्थन करता है, उसी तुर्की ने 2023 में नागोर्नो-करबाख संघर्ष में अर्मेनियाई लोगों के अजरबैजान द्वारा जातीय सफाए को प्रायोजित किया था।

सूत्र ने ग्रिफिन को बताया, कि "तुर्कों ने कोबानी की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। हमें इसे जल्द से जल्द रोकना होगा। यह बेहद खतरनाक है और सीरिया में कुर्दों के अस्तित्व को खतरे में डालता है। जातीय सफाया जारी है और गृह युद्ध की घंटी बजने लगी है।"

वहीं, ऐसी स्थिति के बीच, एसडीएफ के कमांडर जनरल मजलूम आब्दी ने पिछले हफ्ते फॉक्स से कहा, कि कुर्द "तुर्की सेना और तुर्की समर्थित विपक्ष जिसे एसएनए कहा जाता है, उसके लगातार हमले के अधीन हैं।" मजलूम ने कहा कि तुर्की "गहन" तोपखाने की बमबारी के बीच एक दिन में 81 ड्रोन हमले कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले ने "हमारे आतंकवाद विरोधी अभियान को पंगु बना दिया है"।

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