Turkey Threat to Israel: अमेरिका का दोस्त बना दुश्मन, तुर्किये ने इजराइल को दी धमकी, कहा- घुसकर मारेंगे
Turkey Threat to Israel: अमेरिका और इज़राइल की दोस्ती जगजाहिर है, लेकिन तुर्किये (Turkey) भी अमेरिका का बहुत पुराना और बड़ा सैन्य साथी रहा है। अब हालात ये हैं कि तुर्किये ने इज़राइल को सीधी जंग की धमकी दे दी है।
राष्ट्रपति एर्दोगन का कहना है कि जैसे उन्होंने लीबिया और काराबाख की लड़ाइयों में दखल दिया था, वैसे ही वे इज़राइल में भी घुस सकते हैं। यह झगड़ा अब सिर्फ बातों तक नहीं रहा, बल्कि कानूनी और सैन्य धमकियों तक पहुंच गया है।

Netanyahu vs Erdogan: एर्दोगन की सीधी सैन्य धमकी
तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने साफ-साफ कहा है कि इज़राइल अपनी हद पार कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि तुर्किये की सेना इज़राइल में दाखिल होने की ताकत रखती है। एर्दोगन के मुताबिक, इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू खून के प्यासे हो चुके हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव न कर रहा होता, तो तुर्किये अब तक इज़राइल को कड़ा सबक सिखा चुका होता।
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Turkey Israel war news Hindi: नेतन्याहू को जेल भेजने की तैयारी
तुर्किये ने सिर्फ जुबानी हमला नहीं किया, बल्कि कानूनी शिकंजा भी कस दिया है। तुर्किये की अदालत ने नेतन्याहू और 35 इज़राइली अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला 2025 में गाजा जा रहे एक बेड़े (flotilla) को रोकने से जुड़ा है। तुर्किये चाहता है कि नेतन्याहू को करीब 4,500 साल की जेल हो। उन्होंने नेतन्याहू की तुलना 'आज के दौर के हिटलर' से की है, जिसका काम सिर्फ मासूमों का कत्लेआम करना है।
इजराइल का तीखा पलटवार
जब तुर्किये ने हमला बोला, तो इज़राइल भी चुप नहीं रहा। पीएम नेतन्याहू ने पलटवार करते हुए कहा कि एर्दोगन हमें नैतिकता न सिखाएं, क्योंकि वे खुद अपने ही देश के कुर्द लोगों पर जुल्म करते हैं। इज़राइल का आरोप है कि तुर्किये आतंकवादियों का साथ दे रहा है। इज़राइली मंत्रियों ने एर्दोगन की धमकियों को बड़बोलापन बताया और कहा कि तुर्किये में होने वाले मुकदमे सिर्फ एक नाटक हैं जिनका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।
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शांति की कोशिशों में अड़चन
तुर्किये का मानना है कि इज़राइल जानबूझकर माहौल खराब कर रहा है ताकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति बातचीत (जो पाकिस्तान में हो रही है) फेल हो जाए। तुर्किये के मुताबिक, नेतन्याहू को डर है कि अगर शांति हो गई तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। इसलिए वे इलाके में अशांति फैलाकर तुर्किये और ईरान को आपस में भिड़ाना चाहते हैं और अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं।
अमेरिका के लिए बड़ी मुसीबत
अमेरिका के लिए यह सिरदर्द बन गया है। एक तरफ उसका सबसे करीबी दोस्त इज़राइल है, तो दूसरी तरफ नाटो (NATO) का ताकतवर सदस्य तुर्किये। तुर्किये ने अब अमेरिका की पसंद-नापसंद की परवाह करना छोड़ दिया है। वह खुद को मुस्लिम देशों का लीडर दिखाना चाहता है। इज़राइल से इस कदर दुश्मनी मोल लेकर तुर्किये ने जता दिया है कि अब वह अमेरिका के इशारों पर नहीं चलेगा, जिससे मिडिल-ईस्ट का पूरा गणित बिगड़ गया है।












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