तुर्कीः अर्दोआन के साथ बैठक में कुर्सी नहीं देने पर ईयू की पहली महिला प्रमुख 'आहत'

उर्सुला वॉन डेर लेयन
John Thys /Pool via REUTERS
उर्सुला वॉन डेर लेयन

यूरोपीय संघ की पहली महिला अध्यक्ष उर्ज़ूला वॉन डेर लेयन ने महिला अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लेते हुए माना है कि जब तुर्की में पुरूष नेताओं के सामने जब उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई तो उन्हें 'दुख’ पहुंचा.

सोमवार को यूरोपीय संसद में एक भाषण के दौरान उर्ज़ूला वॉन डेर ने इस ग़लती के पीछे महिला विरोधी रवैये को वजह बताया.

62 वर्षीय उर्ज़ूला ने कहा कि "मेरे और मेरा साथ बैठक में शामिल हुए चार्ल्स मिचेल के साथ अलग-अलग तरह से बर्ताव किया गया. मेरे महिला होने के अलावा मुझे इसके पीछे कोई और कारण नज़र नहीं आता."

6 अप्रैल को अंकारा में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यैप अर्दोआन के साथ हुई एक बैठक में उर्ज़ूला वॉन डेर लेयन को कुर्सी नहीं दी गई, इस कारण उन्हें सोफ़े पर बैठना पड़ा.

अर्दोआन के साथ हुई इस बैठक में यूरोपीय संघ के काउंसिल अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल भी थे. उनके बैठने के लिए वहां कुर्सी थी लेकिन उर्ज़ूला के लिए कुर्सी नहीं रखी गई थी. इस घटना को 'सोफ़ागेट’ का नाम दिया गया है.

इस घटना को लेकर तुर्की की काफी आलोचना हुई. वहीं इस अपमानजनक वाक़ये के लिए तुर्की, यूरोपीय संघ को ज़िम्मेदार बता रहा है.

सोमवार को यूरोपीय यूनियन के नेताओं के सामने अपनी बात रखते हुए उर्ज़ूला ने कहा, "मैं यूरोपीय संघ की पहली महिला अध्यक्ष हूँ. जब दो सप्ताह पहले मैं तुर्की गई तो मैंने यही उम्मीद की थी कि मुझसे मेरे पद के अनुकूल बर्ताव किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ."

"मेरे साथ इस तरह का व्यवहार करने के पीछे मेरे महिला होने के अलावा कोई और कारण मुझे समझ में नहीं आता. ऐसा हुआ क्योंकि मैं महिला हूँ. मैंने अगर सूट और टाई पहनी होती तो क्या ये मेरे साथ होता? मैंने इससे पहले हुई बैठकों की तस्वीरें देखी हैं और मुझे कभी कुर्सियों की कमी नज़र नहीं आई."

इस मामले में अपनी भूमिका के लिए मिशेल पहले ही माफ़ी माँग चुके हैं.

चार्ल्स मिशेल, रेचेप तय्यैप अर्दोआन और उर्ज़ूला वॉन डेर लेयन
EPA/Turkish presidency
चार्ल्स मिशेल, रेचेप तय्यैप अर्दोआन और उर्ज़ूला वॉन डेर लेयन

क्या था पूरा मामला?

यूरोपीय संघ और तुर्की के बीच तनावपूर्ण रिश्तों को सुधारने के लिए दोनों पक्षों के बीच 6 अप्रैल को अंकारा में एक बैठक का आयोजन किया था.

इस बातचीत के लिए यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन से मुलाक़ात करने के लिए राष्ट्रपति पैलेस में पहुँचे.

जब तीनों नेताओं के बैठने की बारी आई तो वहाँ दो कुर्सियाँ ही रखी गईं थी जिस पर अर्दोआन और मिशेल बैठ गए और वॉन डेर पीछे खड़ी रहीं .

इस बैठक के वीडियो में असहज-सी खड़ी वॉन डेर हैरान नज़र आती हैं. कुछ देर बाद उन्हें अर्दोआन के साथ किसी कुर्सी पर ना बैठाकर थोड़ी दूर रखे सोफ़े पर बैठाया जाता है.

इस बैठक में जो कुछ हुआ उसकी तुलना साल 2017 में ब्रसेल्स में हुए एक बैठक से की जा रही है, जहां उस वक़्त यूरोपीय संघ का नेतृत्व कर रहे दो पुरूषों को तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन के बग़ल में ही कुर्सियाँ दी गईं. ये तीनों नेता एक साथ एक बराबरी में बैठे दिख रहे थे.

साल 2017 में ब्रसेल्स में हुई बैठक की तस्वीर
European Council
साल 2017 में ब्रसेल्स में हुई बैठक की तस्वीर

महिला अधिकारों के बारे में उर्ज़ूला ने क्या कहा?

सोमवार को अपने भाषण में वॉन डेर लेयन ने सीधे तौर पर तुर्की राष्ट्रपति अर्दोआन या अपने सहयोगी मिशेल को दोष ना देते हुए ये कहा कि जो कुछ हुआ उससे 'एक यूरोपीय महिला होने के नाते उन्हें दुख पहुँचा और अलग-थलग महसूस’ हुआ.

उन्होंने कहा, "ये बात सिर्फ़ कुर्सी की व्यवस्था और प्रोटोकॉल की नहीं है. ये उन उसूलों के ख़िलाफ़ है जिसके लिए हमारा संघ मज़बूती से खड़ा रहता है. ये दिखाता है कि महिलाओं के साथ समानता का व्यवहार हो इसके लिए हमें अभी कितनी दूर का सफ़र और तय करना होगा."

वॉन डेर लेयन ने बताया कि उन्होंने तुर्की के इस्तांबुल कन्वेंशन से ख़ुद को अलग करने पर 'गहरी चिंताएँ’ व्यक्त कीं. इस्तांबुल कन्वेंशन एक वैश्विक संधि है जिसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए साल 2014 में बनाया गया. इस संधि में यूरोप के 34 देश शामिल हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया में महिलाओं को हिंसा से बचाना संघ की 'प्रथमिकता’ रहेगी.

सोमवार को मिशेल ने यूरोपीय संसद के सामने इस घटना पर एक बार फिर दुख प्रकट किया. उन्होंने माना कि उनके रवैये से कई महिलाओं को दुख पहुँचा है.

उन्होंने बैठक के बारे में सांसदों को बताया कि तुर्की के साथ गहरे आर्थिक संबंध मुश्किल हैं क्योंकि वहाँ महिलाओं और लोगों के लिए मूल अधिकारों और आज़ादी का स्तर लगातार कम रहा है.

https://www.youtube.com/watch?v=UR0qN68prfc

घटना पर लोगों की नाराज़गी

6 अप्रैल को हुई इस बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ.

इस वीडियो के सामने आते ही ना सिर्फ़ आम लोगों ने तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन की आलोचना की बल्कि अपनी सहयोगी को खड़ा छोड़ कुर्सी पर बैठ जाने के लिए मिशेल की भी आलोचना की.

डच सांसद सोफ़ी व्लेद ने कहा, "ये रवैया तुर्की के 'समान बर्ताव के तरीक़े पर’ सवाल उठाता है. ये घटना अचानक नहीं हुई क्योंकि वॉन डेर लेयन के अलावा उस कमरे में कोई और महिला नहीं थी."

यूरोपीय संसद की सोशलिस्ट और डेमोक्रेट नेता एराटेक्स ग्रेसिया प्रेज़ ने अर्दोआन और चार्ल्स मिशेल दोनों नेताओं के रवैये की निंदा की.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "ये शर्मनाक है, पहले तुर्की, इस्तांबुल कन्वेंशन से बाहर हुआ और अब कमीशन की प्रमुख को कुर्सी नहीं दी गई."

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