• search

पिछले 28 साल से अकेले जंगल में रह रहा है यह आदिवासी

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    रियो डी जेनेरियो। ब्राजील में अमेजॉन के जंगल में एकमात्र आदिवासी को सुरक्षित उसके परिवेश में जीने के लिए ब्राजील की सरकार पूरी मदद कर रही है। यह आदिवासी अकेले जंगल में रहता है और तकरीबन एक दशक से वह यहां अकेले रह रहा है और पूरी तरह से स्वस्थ्य है। आदिवासी का दुर्लभ वीडियो जारी किया गया है जिसमे आदिवासी पेड़ काटते हुए देखा जा सकता है। मानववैज्ञानिकों का कहना है कि यह आदिवासी तकरीबन 50 वर्ष का है, जबकि इसके परिवार के अन्य आदिवासियों की मृत्यु 1990 में हो गई थी।

    tribe

    परू परिवार खत्म होने के बाद भी यह आदिवासी अकेले जंगल में जीवन व्यतीत कर रहा है और उसने अपनी जबरदस्त इच्छाशक्ति से लोगों को परिचय कराया है। इस आदिवासी से द नेशनल इंडियन फाउंडेशन ने कई बार संपर्क स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन उसने इसके अधिकारियों के साथ सही बर्ताव नहीं किया और एक अधिकारी को घायल भी कर दिया था, उसने इस अधिकारी पर तीर चला दिया था। इसके बाद से ही सरकार ने इस आदिवासी को पूरी मदद और सुरक्षा मुहैया कराने का फैसला लिया, जिससे कि कोई बाहरी उसपर हमला नहीं कर सके।

    इस वीडियो को एजेंसी ने कुछ दूरी से रिकॉर्ड किया है, यह वीडियो इसलिए रिकॉर्ड किया गया है जिससे कि यह बताया जा सके कि आदिवासी को कानूनी तौर पर सुरक्षा मुहैया कराई गई है जिससे कि उसे कोई नुकसान नहीं हो। वहीं इस आदिवासी के बारे में एक बयान जारी करके फाउंडेशन की ओर से कहा गया है कि यह आदिवासी हमारे लिए रहस्त है, उसने अपना सबकुछ खो दिया। लेकिन इसके बाद भी वह अकेले जंगल में रह रहा है और उसने यह साबित किया है कि वह मुख्य समाज की धारा में आए बिना भी अकेला जी सकता है।

    इसे भी पढ़ें- इतिहास में पहली बार... पांच दिनों तक भक्तों को दर्शन नहीं देंगे तिरुपति बालाजी, जानिए क्यों?

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Tribal is living all alone in Amazon jungle since 1990 rare video comes out.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more