Exclusive: यूपी, बिहार, नेपाल सब मिलाकर आज आये 108 भूकंप
[अजय मोहन]। भूकंप से हर कोई खौफजदा है। कल नेपाल में 7.2 की तीव्रता वाले भूकंप ने 50 से ज्यादा लोगों की जानें ले लीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज ही सिर्फ भूकंप के 108 झटके महसूस किये गये हैं। [भूकंप से जुड़ी हर खबर]
यह आंकड़ा रात्रि 00:00 बजे से लेकर शाम 4:40 बजे तक का है। और हो सकता है, कि जबतक आप यह खबर पढ़ें तब तक यह आंकड़ा 150 के पार हो जाये। क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय भूगर्भ संस्थान में लगे रिक्टेयर पैमाने की रीडिंग है, जो हर वक्त दुनिया में आने वाले छोटे-बड़े भूकंपों का रीयल टाइम डाटा कंप्यूटर में कैद करती है।
अर्थक्वेक डाटा सेंटर की वेबसाइट से में प्रकाशित आंकड़े इस प्रकार हैं-
- पिछले 7 दिनों में कुल 732 भूकंप आ चुके हैं।
- पिछले एक महीने 3,256 बार अलग-अलग जगह पर भूकंप आये।
- पिछले एक साल में 37,854 बार भूकंप आ चुके हैं।
- आज सबसे ज्यादा 6.8 तीव्रता वाला भूकंप जापान में आया।
- पिछले एक सप्ताह में बनेपा नेपाल में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया।
- पिछले एक महीने में सबसे बड़ा भूकंप नेपाल के भरतपुर में 7.8 तीव्रता का आया।
- पिछले एक साल में रैट आईलैंड पर 7.9 तीव्रता का भूकंप आया।
मशीन पर आये एशिया के ये आंकड़े
- आज कुल भूकंप 18
- पिछले 7 दिन में - 65
- पिछले एक महीने में- 214
- पिछले एक साल में- 1,635
क्या कहते हैं भूगर्भशास्त्री [भूकंप से जुड़े रहस्य]
लखनऊ विश्वविद्यालय के एडवांस लर्निंग इंस्टीट्यूट ऑफ जियोलॉजी के प्रोफेसर ध्रुव सेन सिंह ने वनइंडिया से बातचीत में कहा, "पृथ्वी के ऊपर और अंदर दोनों जगह निरंतर परिवर्तन हो रहे हैं। और यह तो प्रकृति का स्वभाव है। जमीन के अंदर की टेक्टॉनिक्स में निरंतर मूवमेंट होता रहता है। बस हमें और आपको तब पता चलता है, जब अचानक इसमें से ज्यादा ऊर्जा बाहर निकलती है और धरती का कुछ हिस्सा हिलने लगता है।"
प्रो. ध्रुवसेन सिंह ने आगे बताया, "पृथ्वी पर हर रोज भूकंप आते हैं, हां बस तीव्रता कम होती है। समान्य रूप से जब तीव्रता 6.5 के ऊपर होती है, तब उसे बड़ा भूकंप माना जाता है। और तभी क्षति भी ज्यादा होती है। और हां पृथ्वी के अंदर हो रहे परिवर्तन के लिये ग्लोबल वॉर्मिंग कतई जिम्मेदार नहीं है। यह सदियों से चल रही एक प्रक्रिया है, जो चलती रहेगी।"













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