मलेशिया में 'अल्लाह' सिर्फ मुसलमानों का है

मलयेशिया के संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार हासिल है लेकिन देश में अल्पसंख्य हिंदू, बौद्ध और ईसाई लोगों को यह शिकायत रहती है कि सरकार और अदालतों में उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं होता। हालांकि सरकार इस आरोप को खारिज करती रही है।
कोर्ट के फैसले पर द हेरल्ड न्यूज पेपर के एडिटर लॉरेंस ऐंड्रयू ने कहा, 'हम निराश हैं। जिन चार जजों ने हमारी अपील के अधिकार को खारिज कर दिया, वे अल्पसंख्यकों के मूलभूत अधिकारों तक नहीं पहुंच पाए।' उन्होंने कहा कि इससे पूजा करने के अधिकारों में कटौती होगी।
अल्लाह शब्द का अर्थ:
अल्लाह अरबी भाषा का शब्द है और मलय भाषा में इसे भगवान के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। सरकार का कहना है कि अल्लाह शब्द के इस्तेमाल का अधिकार सिर्फ मुसलमानों को है क्योंकि अगर दूसरे धर्मों के लोग भी इसका इस्तेमाल करेंगे तो इससे मुसलमान भ्रमित हो सकते हैं और उनके धर्म परिवर्तन को बढ़ावा मिल सकता है। कोर्ट में इसका विरोध करने वाले ईसाई प्रतिनिधियों का तर्क है कि यह प्रतिबंध नाजायज है क्योंकि जो ईसाई मलय भाषा बोलते हैं वे सदियों से अपनी प्रार्थनाओं, बाइबिल और गीतों में इस शब्द का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। पिछले कुछ साल से चले आ रहे इस विवाद की वजह से कई बार हिंसा भी हो चुकी है।












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