जी-20 के नेता प्रथम नाम का इस्तेमाल करें : एबॉट
ब्रिस्बेन। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने ब्रिस्बेन में जी-20 देशों के नेताओं से कहा कि उन्हें व्यक्तिगत गर्मजोशी दिखाने के लिए प्रथम नाम का इस्तेमाल करना चाहिए और सम्मेलन को यथासंभव सफल बनाने के लिए लिखित भाषणों के बदले उन्मुक्त होकर दिल से बात करना चाहिए।
एबॉट ने यह बयान जी-20 शिखर सम्मेलन की औपचारिक बैठक से पहले नेताओं की आपसी मुलाकात के दौरान दिया, जिस दौरान सभी को उनके पसंदीदा विषय पर बात करने के लिए पांच मिनट का समय दिया गया था।
उन्होंने कहा, "सिर्फ एक नियम यह है कि अगर आप लिखित भाषण की अपेक्षा दिल से बात कर सकते हैं, तो यह अच्छा होगा।"
एबॉट ने कहा, "अगर हम अपने प्रथम नाम का इस्तेमाल करें, तो यह बहुत अच्छा होगा, हमारे बीच चाहे किसी भी तरह की मतभेद हो, लेकिन यह नजदीकी दर्शाने में मददगार हो सकता है।"
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व इस बात का इंतजार कर रहा है कि जी-20 के नेता आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने और अधिक से अधिक रोजगार का सृजन करने में अपनी क्षमता दिखाएं।
उन्होंने कहा, "यही हमारी चुनौतियां हैं कि 48 घंटे बाद जी-20 सम्मेलन से निकलने के बाद हम विश्वभर की जनता में और अधिक आत्मविश्वास भर सकें। हम हमेशा सहमत नहीं हो सकते, लेकिन मुझे उम्मीद है कि कम से कम इस बार हम एक-दूसरे के साथ और खुलेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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