Pakistan: TLP चीफ साद रिजवी को पाकिस्तानी सेना नेे मारी गोली, समर्थकों ने जला डाला मुरीदके
Pakistan अंदर, बीच में और बाहर हर तरफ सुलग रहा है। सबसे अंदर मुरीदके में TLP और पाकिस्तानी सेना की झड़प चल रही है। बीच में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी वाले पाकिस्तानी सेना पर हमले कर रहे हैं और सबसे बाहर पाकिस्तान और तालिबान की सीधी भिड़ंत हो रही है। ऐसे में मोर्चा संभालने के बजाय पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मुल्क छोड़कर मिस्र चले गए हैं। वहीं खबर आ रही है कि TLP चीफ मौलाना साद रिजवी को गोली लग गई है। जिसके बाद ये आंदोलन और आग पकड़ गया है।
टीएलपी सड़कों पर क्यों उतरी?
पाकिस्तान में टीएलपी का प्रदर्शन 10 अक्टूबर को फिलिस्तीन और गाजा के समर्थन में शुरू हुआ था। टीएलपी ने अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध जुलूस निकालने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। साद रिजवी को गोली लगने की खबर के बाद उनके समर्थक उग्र हो गए हैं। समर्थकों का मानना है कि सरकार ने ये गोली साद रिजवी को मारने के इरादे से चलवाई है।

कई जिलों की पुलिस मुरीदके में तैनात
हालात मुरीदके पुलिस के हाथ से फिसल गए हैं। लिहाजा शेखपुरा, गुजरांवाला, सियालकोट और गुजरात पुलिस को मुरीदके भेजा गया है। लाहौर पुलिस के अतिरिक्त जवान रविवार को मुरीदके पहुंच गए हैं। इन बलों को निर्देश दिया गया है कि वे टीएलपी कार्यकर्ताओं के किसी भी मार्च या उग्र प्रदर्शन को रोकें और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।
'लब्बैक या अक्सा' मिलियन मार्च
टीएलपी ने 'लब्बैक या अक्सा मिलियन मार्च' का ऐलान किया है। यह मार्च इजरायल-हमास युद्ध में गाजा में हुए कथित हत्याकांडों के विरोध में है। इस जुलूस को इस्लामाबाद के डिप्लोमैटिक एन्क्लेव में अमेरिकी दूतावास तक पहुंचना था, क्योंकि टीएलपी अमेरिका को इजरायल का समर्थक मानता है। यह प्रदर्शन 10 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब दुनिया में इजरायल-हमास संघर्षविराम की चर्चा हो रही थी।
हिंसा और झड़पों का सिलसिला
8 अक्टूबर को पंजाब पुलिस ने लाहौर में टीएलपी मुख्यालय पर छापा मारा, जहां नेता साद रिजवी को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई। इसके बाद 9-10 अक्टूबर को लाहौर में झड़पें हुईं, जहां टीएलपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पेट्रोल बम, पथराव और हथियारों से हमला किया। मुरीदके में 13 अक्टूबर को फिर हिंसा भड़की, जिसमें एक एसएचओ की मौत हो गई, 48 पुलिसकर्मी घायल हुए और 4 नागरिक मारे गए। टीएलपी पाकिस्तान पुलिस को "इजरायली गुंडे" कह रहा है।
कौन है साद रिजवी?
साद हुसैन रिजवी एक कट्टरपंथी इस्लामी पाकिस्तानी नेता है। वह 2015 में स्थापित टीएलपी के संस्थापक खादिम हुसैन रिजवी का बेटा है। खादिम हुसैन रिजवी की 2020 में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद साद रिजवी ने 2021 से संगठन की कमान संभाली। साद रिजवी ही लाहौर से जुलूस का नेतृत्व कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, साद रिजवी को गोली मार दी गई है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
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