कश्मीर का मसला UNSC में उठाने वाले चीन को 'जैसे को तैसा', US, UK ने उठाया हांगकांग का मसला
बीजिंग। अपने करीबी पाकिस्तान के कहने पर यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में कश्मीर का मसला उठाने वाले चीन को अब उसी के अंदाज में जवाब दिया जा रहा है। अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने सुरक्षा परिषद में हांगकांग का मसला उठा दिया है। इन देशों के इस कदम से बीजिंग का चेहरा लाल हो गया है क्योंकि हांगकांग के सुरक्षा कानून को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन की तरफ से चिंता जताई गई है।

पहली बार हुआ है हांगकांग का जिक्र
सन् 1945 में यूनाइटेड नेशंस अस्तित्व में आया था और तब से यह पहला मौका है जब यूएन की किसी संस्था में हांगकांग का जिक्र हुआ है। 19 अगस्त 2019 को चीन ने कश्मीर का मसला यूएनएससी में उठाया था। तब बंद दरवाजे में हुई औपचारिक मीटिंग में चीन ने भारत सरकार के उस फैसले पर चर्चा की मांग की थी जिसके तहत जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाया गया। इस कानून के हटते ही जम्मू कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया। इसके साथ ही लद्दाख और जम्मू कश्मीर दो अलग केंद्र शासित राज्य बन गए। अमेरिका और ब्रिटेन के बाद चीन काफी नाराज हो गया है। उसके मिशन की तरफ से इस मसले पर आधिकारिक बयान दिया गया है।
गुस्साए चीन ने बताया आतंरिक मसला
यूएन में चीनी मिशन की तरफ से कहा गया है, 'हांगकांग, चीन का विशेष प्राशसनिक क्षेत्र है और हांगकांग के मसले पूरी तरह से चीन के आंतरिक मसलें हैं। आतंरिक मसलों में कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।' अमेरिका और ब्रिटेन की तरफ से हांगकांग के मसले को बंद कमरे में मीटिंग में उठाया गया है। सन् 1997 में ब्रिटेन ने हांगकांग को चीन को सौंपा दिया था। इसके बाद से ही चीन ने यहां पर अपना 'वन कंट्री टू सिस्टम्स' नियम लागू कर दिया है। इसके अलावा सन् 1984 में ब्रिटेन-चीन साझा घोषणा पत्र के तहत हांगकांग को सौंपने के 50 साल बाद पूरी तरह से आजाद देश का दर्जा मिलेगा।












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