अन्नपूर्णा चोटी फतह करने निकले थे तीन रूसी पर्वतारोही, पहाड़ से अचानक हो गये गायब
अन्नपूर्णा पर्वत की चढ़ाई करते वक्त रूस के तीन पर्वतारोही अचानक गायब हो गये हैं।
काठमांडू, अप्रैल 19: विश्व की सबसे बड़ी चोटियों में से एक अन्नपूर्णा चोटी फतह करने निकले तीन रूसी पर्वतारोही अचानक गायब हो गये हैं और तमाम खोजबीन के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल रहा है। तीनों पर्वतारोही नेपाल से अन्नपूर्णा चोटी फतह करने निकले थे लेकिन अब रिपोर्ट मिल रही है कि तीनों पर्वतारोही गायब हो गये हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तीन पर्वतारोही गायब
नेपाल के उत्तर-मध्य हिस्से में स्थित अन्नपूर्णा चोटी की ऊंचाई समुन्द्र तल से 8 हजार 91 मीटर है, जिसे नापने के लिए रूस के तीन पर्वतारोहियों के नाम सेर्गेई कोंड्रास्किन, अलेक्जेंडर लुथोकिन और दिमित्री सीनेव है, जिनका अब कोई पता नहीं चल पा रहा है। तीनों पर्वतारोही की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, हालांकि अब तक इससे ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है।

सबसे कठिन है अन्नपूर्णा चोटी की चढ़ाई
अन्नपूर्णा चोटी की चढ़ाई काफी कठिन और खतरनाक माना जाता है। इससे पहले भी पिछले साल अप्रैल महीने में साउथ कोरिया के दो पर्वतारोहियों की मौत पर्वत फतह करते वक्त हो गई थी। साउथ कोरिया के दोनों पर्वतारोही अचानक हुई हिमस्खलन की चपेट में आ गये थे। ऊंचाई के लिहाज से देखें तो अन्नपूर्णा चोटी विश्व में 10वें स्थान पर है, लेकिन खतरे के नजर से देखें तो इसे विश्व का सबसे खतरनाक पर्वतमाला माना जाता है।

बेहद दुर्गम हैं चोटियां
अन्नपूर्णा चोटी पर चढ़ाई करना एवरेस्ट पर चढ़ाई करने से भी कठिन और खतरनाक माना जाता है। अन्नपूर्णा चोटी अगल बगल में कई सारे खतरनाक चोटियों के बीच मौजूद है, लिहाजा इसकी चढ़ाई को काफी ज्यादा खतरनाक माना जाता है। अन्नपूर्णा चोटी पर चढ़ने के दौरान अब तक 100 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं बावजूद इसके अन्नपूर्णा चोटी पर्वतारोहियों के लिए बड़ा आकर्षण माना जाता है। अन्नपूर्णा चोटी फतह करने की कोशिश में सैकड़ों पर्वतारोही नाकाम हुए हैं और बीच रास्ते में ही अभियान खत्म कर चुके हैं। वहीं, 8 हजार 91 मीटर ऊंची अन्नपूर्णा पर्वत पर सबसे पहले फतह हासिल करने में 3 जून 1950 को फ्रांस के मॉरिस हरजॉग को कामयाबी मिली थी।












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