रूस में हजारों समुद्री पक्षियों ने रहस्यमयी कारण से तोड़ा दम, जानिए क्या है आशंका ?
मास्को, 3 अक्टूबर: रूस में यूक्रेन की सीमा के पास समुद्र की खाड़ी में बड़े पैमाने पर पक्षियां खत्म हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दो दिन पहले ही उनकी संख्या कई हजार पार कर चुकी थी। एक्सपर्ट जांच में लगे हुए हैं, लेकिन इन परिंदों की असामयिक मौत के असल कारण का अभी तक पता नहीं लगा पाए हैं। अभी सबकुछ अटकलों और संभावनाओं पर ही टिका हुआ है। जबकि, स्थानीय लोग इसका कारण 'जहरीले' पर्यावरण को बता रहे हैं। वैसे कुछ एक्सपर्ट ने पाया है कि इनमें से कुछ पक्षियों को देखने से पता चल रहा है कि उनका नर्वस सिस्टम पूरी तरह से ब्रेक हो गया था। इससे उन्हें किसी वायरस की आशंका लग रही है। लेकिन, स्थानीय लोग अपने अनुभव और पिछली रिपोर्ट के आधार पर वैज्ञानिकों की यह दलील मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

रूस में हजारों पक्षियों ने रहस्यमयी तरीके से तोड़ा दम
रूस और यूक्रेन में इस समय जीव-वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। अब तक हजारों समुद्री पक्षियां रहस्यमयी वजहों से दम तोड़ रही हैं। क्रीमिया में अजोव के समुद्र में यूक्रेन और रूस की सीमा के पास पक्षियों की दर्दनाक तस्वीरें सोशल मीडिया पर दिखाई पड़ रही हैं। अबतक 7,000 से ज्यादा समुद्री पक्षियां खत्म हो चुकी हैं। वैज्ञानिक इस पड़ताल में जुटे हुए हैं कि आखिर काली गर्दन वाले ग्रीब्स, समुद्री कबूतर और समुद्री गुलों की एकसाथ इतनी तादाद में मौत की वजह क्या है। क्रिमीन फेडरल यूनिवर्सिटी से जुड़े एक इकोलॉजिस्ट ग्रिगोरी प्रोकोपोव ने कहा है, 'हमने बड़ी तादाद में पक्षियों की मौत दर्ज की हैं, हजारों की....'

क्या प्रदूषण ले रहा है पक्षियों की जान ?
इतनी ज्यादा संख्या में पक्षियों की मौत को लेकर वैज्ञानिकों और स्थानीय लोगों की राय अलग है। वैज्ञानिक किसी वायरल इंफेक्शन की ओर इशारा कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को आशंका है कि खतरनाक प्रदूषण ने ही इन समुद्री पक्षियों को तबाह कर दिया है। इनका इशारा इलाके में 'पारा' की अधिकता की ओर है। सबसे ज्यादा मार प्रवासी पक्षी काली-गर्दन वाली ग्रीब्स पर पड़ी है। फेडरल सेंटर फॉर एनिमल हेल्थ अब उन इलाकों का मुआयना कर रहा है और उसी आधार पर पक्षियों की मौत की असल वजह के बारे में पता लगाया जाएगा।

संक्रामक बीमारी के चलते मर रही हैं पक्षियां ?
क्रीमिया के अधिकारियों ने अभी तक यूरोप के दक्षिणी हिस्से में संदिग्ध बर्ड फ्लू को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 'सिवाश की खाड़ी में (मरी हुई पक्षियां) हर जगह फैली हुई हैं।' इसमें इन मौतों की सबसे ज्यादा आशंका संक्रामक बीमारी को बताया जा रहा है, लेकिन, 'जहर और पारिस्थितिक स्थिति' को भी खारिज नहीं किया जा रहा है। क्योंकि, इसके अनुसार 'इस इलाके में 'पारा' की अधिकता दर्ज की जा चुकी है।'

'नया बर्ड फ्लू' सबसे संभावित कारण- एक्सपर्ट
लेकिन, ग्रिगोरी प्रोकोपोव की सोच स्पष्ट है और उनको लगता है कि इसका सबसे संभावित कारण एक नया बर्ड फ्लू है। उन्होंने कहा है, 'सबसे ज्यादा संभावना इसी की है, यह जहर की वजह से नहीं है।......जिस पक्षी को मैंने देखा, उसके व्यवहार से संकेत मिलता है कि वह स्पष्ट रूप से बीमार था और मर गया।.......यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम के खत्म हो जाने के जैसा ही है। ज्यादा संभावना यही है कि यह किसी तरह का वायरस है।' लेकिन, उन्होंने यह भी कहा है कि 'लेकिन, अंतिम निष्कर्ष पशु चिकित्सकों को ही निकालना चाहिए।' (सारी तस्वीरें प्रतीकात्मक)












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