गरीबी और हिंसा से डरे हजारों शरणार्थी पहुंच रहे हैं अमेरिका, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील भी किनारे
मैक्सिको। अमेरिका में इन दिनों जो हो रहा है वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सिर का दर्द बढ़ाने वाला है। गरीबी और हिंसा से परेशान होकर हजारों की संख्या में शरणार्थी का हुजूम सेंट्रल अमेरिका से अमेरिका की तरफ बढ़ रहा है। रविवार को जो संख्या सिर्फ 5,000 थी वह बढ़ते-बढ़ते कई हजारों में पहुंच गई। शरणार्थियों का जत्था मैक्सिको के शहर तापाचुला शहर के मुख्य हाइवे पर मौजूद था। करीब आधे मील तक इन शरणार्थियों ने मेन हाइवे को घेरा हुआ था। ये शरणार्थी होंडुरास के अलावा निकारागुआ और ग्वाटेमाला के कई शहरों से यहां पर पहुंच रहे हैं।

ट्रंप ने कहा मैक्सिको में शरण लें शरणार्थी
कई शरणार्थी ऐसे हैं जिन्हें अमेरिका से वापस सेंट्रल अमेरिका भेजा गया था और ये पहले कई अमेरिकी राज्यों में रह चुके हैं। ये या तो अपने बच्चों से दोबारा मिलने के लिए अमेरिका जा रहे हैं या फिर अपनी पुरानी नौकरियों को हासिल करने के मकसद से आगे बढ़ रहे हैं। इन लोगों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ऑर्डर के बाद अमेरिकी अथॉरिटीज की ओर से रोका गया। जिस समय ट्रंप ने आदेश जारी कर शरणार्थियों से चले जाने को कहा था तो कुछ अपनी मर्जी से वापस चले गए थे लेकिन अब जबकि सेंट्रल अमेरिकी शहरों में इनके पास कोई काम नहीं है करने को तो ये फिर से वापस अमेरिका आ रहे हैं।
ट्रंप ने कहा मैक्सिको में लें शरण
36 वर्ष के जॉब रेईस कहते हैं कि उनके लिए यह सही समय है जब उन्हें अमेरिका वापस चले जाना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि इन शरणार्थियों को मैक्सिको में शरण लेनी चाहिए। उन्होंने धमकी भी दी है कि अगर वे नहीं मानें तो अमेरिकी बॉर्डर को बंद कर दिया जाएगा। कुछ शरणार्थी ऐसे हैं जिन्होंने राजनीतिक शरण के मांग करने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक विरोध के चलते होंडुरास या फिर निकारागुआ में स्थित कुछ गैंग्स की ओर से खतरा है। रविवार दोपहर को ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा कि अमेरिका उन सभी शरणार्थियों को वापस भेज देगा जो मैक्सिको में शरण नहीं लेंगे।












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