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यह औषधीय पौधा मलेरिया को रोक सकता है, अमेरिका और कनाडा में चाय की तरह पीते हैं लोग-रिसर्च

कनाडा में एक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने लैब्राडोर चाय की पत्तियों में ऐसा औषधीय गुण पाया है, जो मलेरिया परजीवी के खिलाफ कारगर हो सकता है। यह उस स्ट्रेन के खिलाफ भी काम कर सकता है, जो दवा-प्रतिरोधी हो चुका है।

Medicinal properties found in Labrador tea that can be effective against malaria parasite - research

मलेरिया की रोकथाम को लेकर एक अच्छी खबर है। शोधकर्ताओं ने एक परंपरागत औषधीय पौधे में ऐसे कंपाउंड की पहचान की है, जो उस परजीवी (parasite) से लड़ने में मदद कर सकता है, जो मलेरिया के लिए जिम्मेदार हैं। यह रिसर्च हाल ही में जर्नल एसीएस ओमेगा में प्रकाशित हुई है।

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लैब्राडोर चाय में मिली मलेरिया की दवा-रिसर्च
शोध में पाया गया कि लैब्राडोर चाय (Rhododendron subarcticum) में ऐसा कंपाउंड हैं, जो मलेरिया परजीवी के दोनों स्ट्रेन के खिलाफ काम कर सकता है। यह पौधे छोटे, सदाबहार झाड़ियों वाले होते हैं, जिनकी पत्तियां हर्बल चाय बनाने के काम आती हैं।

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अमेरिका-कनाडा के मूल निवासी चाय की तरह पीते हैं
शोधकर्ताओं के मुताबिक अमेरिका और कनाडा के मूल निवासियों वाले इलाकों में इसका काफी इस्तेमाल होता है और वह उनकी दिनचर्या में शामिल है। शोधकर्ताओं ने कहा है, पिछले रिसर्च में यह पता चला है कि पौधों से निकाले गए तेलों में ऐसे रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जो एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी रोगाणुओं के खिलाफ लड़ाई में सहायक हो सकते हैं।

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    लवल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने की रिसर्च
    कनाडा के लवल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता पहली बार बौनी लैब्राडोर चाय की प्रजाति को इसकी परजीवी-रोधी गुणों के बारे में परीक्षण करना चाहते थे। टीम ने इस रिसर्च के लिए कनाडा के उत्तरी क्यूबेक क्षेत्र के नुनाविक से इस पौधे की पत्तियां जुटाई हैं और उन्हें बहुत ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए।

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    कई तरह की परीक्षणों के बाद मिला परिणाम
    शोधकर्ताओं ने इस कार्य के लिए लैब्राडोर चाय की पत्तियों से जरूरी तेल निकाले और 53 कंपाउंड की पहचान के लिए गैस क्रोमैटोग्राफी, मास स्पेक्ट्रोमेट्री और फ्लेम आइसोलेशन डिटेक्शन जैसे परीक्षण किए। यह तेल में 64.7% एस्केरिडोल से युक्त था। जबकि, इसमें 21.1% p-cymene भी पाया गया।

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    पहले की प्रजाति में नहीं मिला था
    शोधकर्ताओं के मुताबिक इस पौधे के कंपाउंड में ऐसा संयोजन पहले उत्तरी अमेरिकी लैब्राडोर चाय की किस्मों में नहीं मिला था। हालांकि, यूरोप और एशिया में पाई जाने वाली कुछ उप-प्रजातियों में मिला है।

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    मलेरिया के दोनों स्ट्रेन पर हुआ परीक्षण
    टीम ने प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (मलेरिया के लिए जिम्मेदार परजीवी) के दो स्ट्रेन को तेल या सिर्फ एस्केरिडोल के संपर्क में लाया। परीक्षण में जिस स्ट्रेन का इस्तेमाल हुआ है, उसमें से एक एंटी-मलेरिया दवा का प्रतिरोधी होने के लिए भी जाना जाता है।

    मलेरिया परजीवी के खिलाफ कारगर रहा प्रयोग
    शोध में पाया गया है कि एस्केरिडोल प्राथमिक तत्व था, जो परजीवी के दोनों स्ट्रेन के खिलाफ कारगर रहा। शोधकर्ताओं की उम्मीदें जग गई हैं कि इससे परंपरागत दवाओं में इस्तेमाल होने औषधीय पौधों का महत्त्व बढ़ जाएगा। खासकर जो जलवायु परिवर्तन की वजह से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। (स्रोत-पीटीआई)

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