तो अमेरिका नहीं, चीन था नॉर्थ कोरिया के परमाणु परीक्षण का निशाना!
नई दिल्ली। अमेरिका की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए उत्तर कोरिया ने रविवार को छठा परमाणु परीक्षण किया। आपको बता दें कि अमेरिका नार्थ कोरिया के परमाणु परीक्षणों के निशाने पर नहीं था। नॉर्थ कोरिया द्वारा परमाणु परीक्षण ऐसे समय किया गया है जब चीन में कई देशों के नेता एक सम्मेलन के लिए एकत्र हुए हैं। आपको बताते चलें कि इस समय चीन में ब्रिक्स का 9वां सम्मेलन चल रहा है। चीन इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। नॉर्थ कोरिया के इस परीक्षण के बाद चीन सकते में आ गया है। गौरतलब है कि चीन नॉ़र्थ कोरिया का अकेला आर्थिक साझेदार और समर्थक रहा है।

किम जोंग उन के इस कदम का चीन ने भी विरोध किया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, विदेश मंत्री ने एक बयान जारी कर उत्तर कोरिया के इस कदम पर दृढ़ता से विरोध जताया है और कड़ी निंदा की है। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के इन परीक्षणों को काफी गंभीरता से लिया है।
नॉर्थ कोरिया का यह कदम चीन के लिए काफी शर्मसार करने वाला है। यह पहली बार नहीं है जब चीन को इस तरह की शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। इससे पहले नॉर्थ कोरिया ने मिसाइल का परीक्षण किया था तब चीन इंटरनेशनल ट्रेड सम्मिट की मेजबानी कर रहा था। आपको बता दें कि नॉर्थ कोरिया ने इस तरह की हरकतें तब करनी शुरू की थी जब चीन ने नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध लगाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके साथ ही चीन ने नॉर्थ कोरिया की कोयला सप्लाई को भी बंद कर दिया था।
इस परीक्षणों के बाद चीन अमेरिका के जबरदस्त दबाव में है। डोनाल्ड ट्रंप ने चीन द्वारा नॉर्थ कोरिया के खिलाफ कोई सख्त कदम ना उठाए जाने का विरोध किया है। एक तरफ जहां अमेरिका चीन की आलोचना कर रहा है वहीं कोरिया की आक्रामक स्थिति चीन को शर्मसार कर रही है।












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